रफ़ाह की सड़कों पर उतरे इसराइली टैंक, शहर में भीषण गोलाबारी के बीच हमास ने कहा 21 की मौत

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ग़ज़ा के दक्षिण इलाके में बसे रफ़ाह में इसराइली फ़ौज के दाखिल होने के बाद फ़लस्तीनी विस्थापितों के एक राहत शिविर पर हुए हमले में बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए हैं.

शहर में गोलाबारी और धमाकों का सिलसिला जारी है.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स और एएफ़पी ने फ़लस्तीनी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि इस धमाके में 21 लोग मारे गए हैं. हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि इस हमले में 64 लोग घायल हुए हैं.

न्यूज़ एजेंसी 'वफ़ा' की रिपोर्ट के अनुसार, फ़लस्तीनी प्राधिकरण के प्रवक्ता नाबिल अबू रुदेइनेह ने रफ़ाह पर आज हुए हमले को 'नरसंहार' बताया है.

इस बीच इसराइली फ़ौज ने रफ़ाह शहर की एक महत्वपूर्ण पहाड़ी को अपने कब्ज़े में ले लिया है. इस पहाड़ी को रणनीतिक दृष्टि से अहम माना जाता है. यहां से मिस्र से लगने वाली नज़दीकी सीमा दिखाई देती है.

आईडीएफ़ का बयान

आईडीएफ़ के प्रवक्ता रीयर एडमिरल डेनियल हगारी

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सोशल मीडिया पर आ रहे फुटेज में इस धमाके के बाद घटनास्थल का मंज़र देखा जा सकता है.

बीबीसी ने इस फुटेज के विश्लेषण के बाद पाया है कि ये फुटेज आज का ही मालूम देता है लेकिन ये धमाका कहां हुआ है, इसकी पुष्टि हम नहीं कर रहे हैं.हम इस घटना की तफ़्तीश कर रहे हैं और जैसे ही हमें अधिक जानकारी उपलब्ध होगी, हम इसे आप तक पहुंचाएंगे.

इसराइली सेना का कहना है कि वो इस संभावना की जांच कर रहा है कि राहत शिविर में हुआ ये धमाका एक हथियार डिपो के हवाई हमले की जद में आ जाने से तो नहीं हुआ है.

आईडीएफ़ के प्रवक्ता रीयर एडमिरल डेनियल हगारी ने कहा है कि हमले में जिन दो गोलों का इस्तेमाल किया गया था, वे आकार में इतने छोटे थे कि उनसे अपने आप इतना बड़ा धमाका नहीं हो सकता था.

उन्होंने ये भी कहा है कि हवाई हमले के टारगेट पर हमास के दो सीनियर कमांडर थे जो उस इलाके के बाहर मौजूद थे जिसे इसराइल ने ह्यूमनेटेरियन एरिया चिह्नित कर रखा है.

इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद जल्द ही एक आपातकालीन बैठक करने वाली है.

ग़ज़ा के अधिकारियों का क्या कहना है

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ग़ज़ा के अधिकारियों का कहना है कि इसराइल ने विस्थापित फ़लस्तीनियों के राहत शिविर पर ये हमला किया.

इमर्जेंसी सेवा ने बताया कि अल मवासी में कुछ टेंटों को तोप के चार गोलों ने निशाना बनाया था.

अल मवासी को इसराइल ने फ़लस्तीनी लोगों के लिए सुरक्षित इलाके के तौर पर चिह्नित किया था.

इससे पहले इसराइली टैंक रफ़ाह शहर के बीच पहली बार पहुंचे.

स्थानीय लोगों और पत्रकारों ने बताया कि इसराइली फ़ौज ने शहर के एक प्रमुख चौराहे पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है. इस जगह पर बैंक और सरकारी इदारों के दफ़्तर हैं.

रफ़ाह में मस्जिद से निकलता धुआं

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अरबी सोशल मीडिया में शेयर किये जा रहे वीडियोज़ में रफ़ाह के तैबा मस्जिद से धुआं निकलता हुए दिखाई दे रहा है.

ये मस्जिद ताल अस सुल्तान नामक जगह पर है जो कि अल-अवदा चौक से करीब चार किलोमीटर दूर है.

ये मस्जिद उस कुवैती कैंप से डेढ़ किलोमीटर दूर है जहां रविवार को हुए एयर स्ट्राइक में 46 लोग मारे गए थे.

बीबीसी वेरिफ़ाई इस बात की पुष्टि करता है कि ये वीडियो आज सुबह का है.

बीबीसी को पता चला है कि ये वीडियो सबसे पहले स्थानीय समय के मुताबिक आठ बजे पहली बार पोस्ट किया गया था.

इसे 'आई ऑन फ़लस्तीन' नामक सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट किया गया था.

दावे किए जा रहे हैं कि ये धुआं तोप के हमले का नतीजा है लेकिन हमें फ़िलहाल इस बात का कोई सबूत नहीं मिला है.

सड़कों पर टैंक के निशान

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रफ़ाह के बीचोंबीच इसराइल टैंक पहुँच चुके हैं. आज सुबह अरबी भाषा के टेलीग्राम चैनलों पर शहर के मध्य से टैंकों के निशान साझा किए जा रहे हैं.

ऊपरी दी गई तस्वीर ऐसे ही एक वीडियो से ली गई है. ये अबु बाकर अल सादिक़ रोड है जो तेमराज़ पेट्रोल स्टेशन के सामने है.

ये इंडोनेशियन फ़ील्ड अस्पताल से 300 मीटर की दूरी पर है जहां बीती रात कुछ नुकसान हुआ था.

इसी वीडियो में कैमरे बाईं और घूमता है तो शहर के मध्य से धुआं निकलता भी दिखाई देता है.

बीबीसी को यकीन है कि ये वीडियो आज सुबह का ही है. ऐसा और कोई वीडियो सामन नहीं आया है.

साथ ही वीडियो में दिख रहे बादल भी वहां के मौसम से मेल खाते हैं क्योंकि हाल के दिनों में रफ़ाह के आसमान में न के बराबर बादल रहे हैं.

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