ईरान में इब्राहिम रईसी की मौत पर जश्न मनाने वाले लोग कौन हैं?

इब्राहिम रईसी

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    • Author, फ़ारेन ताग़ीज़ादेह
    • पदनाम, बीबीसी फ़ारसी सेवा

ईरान के भीतर राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की हेलिकॉप्टर क्रैश में मौत के बाद मिलीजुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है.

एक तरफ़ शोक और ग़म का माहौल है, तो दूसरी तरफ़ कई लोग जश्न भी मना रहे हैं.

रईसी की मौत के बाद सोशल मीडिया पर जो प्रतिक्रिया आ रही है, उनमें इसे महसूस किया जा सकता है.

इब्राहिम रईसी के इंस्टाग्राम पेज पर श्रद्धांजलि की भरमार है. कई यूज़र्स ने उन्हें देश की सेवा के लिए धन्यवाद दिया है.

एक यूजर ने लिखा है, ''हम सभी को आप पर गर्व है.''

एक और यूजर ने लिखा है- आप एक महान हस्ती थे और देशवासियों की सेवा में ख़ुद को समर्पित कर दिया.

कुछ जाने-माने ईरानी कलाकारों और खिलाड़ियों ने इब्राहिम रईसी को श्रद्धांजलि दी है.

जैस फ़ुटबॉलर कमाल काम्याबिन्या ने रईसी की तस्वीर पोस्ट करते हुए एक श्रद्धांजलि में इस्लामिक संदेश लिखा.

कमाल के इंस्टाग्राम पर 24 लाखा फ़ॉलोअर्स हैं. हेलिकॉप्टर क्रैश की ख़बर के बाद तेहरान में सरकार के समर्थक रईसी के लिए प्रार्थना करने जुटने लगे थे.

सोमवार को भी तेहरान में बड़ी संख्या में लोग रईसी के सम्मान में शामिल हुए.

लेकिन ईरान में सड़कों पर रईसी के सम्मान में सहज रूप से बड़ी संख्या में भीड़ नहीं जुटी.

इसके साथ ही सोशल मीडिया पर कई सारी पोस्ट ऐसी दिखीं, जिनमें रईसी पर तंज़ था या ख़ुशी का प्रदर्शन था.

एक्स पर कुछ लोगों ने रईसी की मौत पर जश्न का वीडियो और फोटो शेयर किया है.

इन वीडियो और फोटो में लोग आतिशबाज़ी करते दिख रहे हैं.

किनके लिए गुड न्यूज़?

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यहाँ तक कि रईसी के इंस्टाग्राम पेज पर कॉमेंट में लोगों ने उनकी मौत को गुड न्यूज़ कहा.

एक व्यक्ति ने लिखा है, "उम्मीद करता हूँ कि हेलिकॉप्टर क्रैश में किसी पेड़ को कोई नुक़सान नहीं हुआ होगा."

रईसी के ख़िलाफ़ कुछ कॉमेंट बाद में हटाए भी गए.

हालाँकि ईरान की बड़ी आबादी क्या सोचती है, इसका अंदाज़ा सोशल मीडिया से नहीं लगाया जा सकता.

ईरान में सरकार का विरोध अक्सर युवा वर्ग करता है और यही वर्ग सोशल मीडिया पर ज़्यादा सक्रिय रहता है.

ईरान में सभी बड़े सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म जैसे एक्स और इंस्टाग्राम पर प्रतिबंध है. यहाँ तक कि सरकार के कई लोगों का सोशल मीडिया अकाउंट है.

ईरान में प्रतिबंध के बावजूद ज़्यादातर युवा सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क यानी वीपीएन के ज़रिए इस्तेमाल करते हैं.

ऐसे में यह बताना संभव नहीं है कि जिन ईरानियों ने सोशल मीडिया पर कुछ भी पोस्ट किया है, वो ईरान से किया है या ईरान के बाहर से.

रईसी को 1980 के दशक की उस कमेटी के लिए भी ख़ूब कोसा जाता है, जिसने हज़ारों लोगों को फाँसी की सज़ा सुनाई थी.

तब रईसी इस कमेटी में डिप्टी प्रॉसिक्युटर थे. इस चार सदस्यीय कमेटी को डेथ कमेटी भी कहा जाता है.

इस कमेटी ने ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह ख़ुमैनी के फ़तवे पर हज़ारों राजनीति बंदियों को फाँसी पर लटका दिया था.

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अतीत का हवाला

ईरान के कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स ने रईसी का एक वीडियो भी पोस्ट किया है, जिसमें वह तुर्की के राष्ट्रपति के साथ जाने-माने ईरानी कवि हाफ़िज़ की कविता की एक चर्चित लाइन बोल रहे हैं.

रईसी ने फ़लस्तीनियों के लिए यह लाइन बोली थी. वो लाइन थी- ख़ुश रहो कि ज़ालिम कभी घर नहीं पहुँचेगा.

कुछ लोगों ने यूक्रेन इंटरनेशनल एयरलाइंस की फ्लाइट PS752 में 167 लोगों की जान गँवाने वाली घटना की भी याद दिलाई.

इस विमान को जनवरी 2020 में ईरान की रिवॉल्युशनरी गार्ड कोर ने मार गिराया था.

तब आईआरजीसी ने कहा था कि उसने ग़लती से मिसाइल यूक्रेन के प्लेन पर दाग दिया था.

बाद में इस मामले में ईरान ने 10 लोगों को जेल की सज़ा दी थी लेकिन पीड़ितों के परिवारों का कहना था कि सारे निचले दर्जे के अधिकारी थे.

इनका कहना था कि जिनकी मुख्य रूप से जवाबदेही बनती है, उन्हें कोई सज़ा नहीं मिली.

ईरान के हमाद इस्माइलियन ने यूक्रेन प्लेन हादसे में अपनी बेटी और पत्नी को खोया था.

हमाद अभी कनाडा में रहते हैं. उन्होंने एक्स पर लिखा, ''रईसी को मानवता के ख़िलाफ़ अपराध में निष्पक्ष अदालत के कठघरे में खड़ा करना चाहिए था.''

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इस्माइलियन अब एक एक्टिविस्ट हैं. वह 1980 के दशक में ईरान में हज़ारों लोगों की फाँसी का संदर्भ देते हैं.

यहाँ तक कि यूक्रेन के प्लेन को ईरान ने जब मार गिराया तब रईसी सुप्रीम नेशनल सिक्यॉरिटी काउंसिल के सदस्य थे.

इस्माइलिन कहते हैं कि पीड़ितों को इंसाफ़ का हक़ नहीं दिया गया लेकिन रईसी का नाम हमेशा इतिहास में हमेशा अंधकार और अपराध से जुड़ा रहेगा.

2022 में माशा अमीनी की मौत के बाद ईरान में भड़के विद्रोह का भी लोग हवाला दे रहे हैं.

रईसी इसी साल ईरान के राष्ट्रपति बने थे. 22 साल की माशा अमीनी की मौत पुलिस हिरासत में हुई थी.

माशा अमीनी को 2022 में हिजाब के नियम का उल्लंघन के मामले में गिरफ़्तार किया गया था.

ईरान के विदेश मंत्री अमीर-अब्दुलाहियन की भी हेलिकॉप्टर क्रैश में मौत हो गई.

उनकी एक टिप्पणी रीपोस्ट किया गया है, जिसमें उन्होंने एक रिपोर्टर से कहा था, ''ईरान में विरोध-प्रदर्शन में किसी भी मौत नहीं हुई है."

हालाँकि मानवाधिकार समूहों का कहना है कि 2022 के विरोध प्रदर्शन में ईरान में 500 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई थी.

एक्स पर जाने-माने इन्फ्लुएंसर @Banafshehviola ने रविवार की रात कहा था कि अगर रईसी की मौत होती है तो वह एक न्यूड फोटो शेयर करेंगी.

बाद में उन्होंने लिखा, अरे, ये तो सच में मौत हो गई.

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