ग़ज़ा संघर्षः सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस से मिले अमेरिकी एनएसए, गैंट्ज़ की नेतन्याहू को चुनौती

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अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सलिवन इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से मिलने इसराइल पहुंचे हैं और उनके साथ वार्ता कर रहे हैं.
इससे पहले सलिवन ने सऊदी अरब में सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाक़ात की है.
इसी बीच, ग़ज़ा में फ़लस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया है कि बीती रात क़रीब तीन बजे मध्य ग़ज़ा के नुसरियात कैंप में एक घर पर हुए हमले में कम से कम बीस लोग मारे गए हैं और कई लोग घायल हुए हैं.
फ़लस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों की तरफ़ से जारी बयान में कहा गया है, “मध्य ग़ज़ा स्थित अल नुसरियात कैंप के उत्तर में एक घर पर इसराइली बमबारी के नतीजे में कम से कम बीस लोग मारे गए और कई घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया.”
चश्मदीदों ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया है कि ये हमला रात क़रीब तीन बजे हुआ है.
फ़लस्तीनी की अधिकारिक समाचार एजेंसी वफ़ा के मुताबिक़ एंबुलेंसों में बड़ी तादाद में घायलों को अस्पताल ले जाया गया है जिनमें बच्चे भी शामिल है.
मई की शुरुआत में इसराइल ने घोषणा की थी कि वह रफ़ाह में सीमित सैन्य अभियान चलाएगा.
इसके बाद से मध्य ग़ज़ा के अल नुसरियात शरणार्थी कैंप और उत्तरी ग़ज़ा के जबालिया कैंप में इसराइली सेना के लगातार हमले हो रहे हैं.
फ़लस्तीनी समूहों और इसराइली सेना के बीच कई जगहों पर भीषण लड़ाइयां चल रही हैं.
रविवार को इसराइल ने शनिवार को हुई झड़पों में अपने दो सैनिकों के मारे जाने और चार सैनिकों के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी भी दी है.
चश्मदीदों ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया है कि शनिवार रात ग़ज़ा के अलग-अलग इलाक़ों में बमबारी होती रही. मिस्र की सीमा के क़रीब रफ़ाह में भी इसराइली सेना ने कई बड़े हमले किए हैं.
जबालिया में हिंसक झड़पें

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चश्मदीदों और फ़लस्तीनी मेडिकल सूत्रों ने बताया है कि जबालिया कैंप के तीन अलग-अलग इलाक़ों में चल रहे इसराइली सेना के अभियान में कम से कम 40 लोग मारे गए हैं और दर्जनों घायल हुए हैं.
इसराइली सेना पिछले आठ दिनों से जबालिया कैंप की पूर्वी दिशा में आगे बढ़ रही है.
चश्मदीदों ने बताया है कि जबालिया के कई इलाक़ों में मशीन गनों की तेज़ गोलीबारी, भीषण धमाकों और लगातार तोपों से हो रही बमबारी की आवाज़ें आ रही हैं.
उनके मुताबिक यहां फ़लस्तीनी लड़ाकों और इसराइली सैनिकों के बीच भी हिंसक झड़पें हो रही हैं. जबालिया कैंप के पश्चिमी छोर से दक्षिणी ग़ज़ा की तरफ़ बड़ी तादाद में विस्थापन भी हुआ है.
इसी बीच, यरूशलेम ब्रिगेड ने अपने टेलीग्राम चैनल पर बताया है कि जबालिया शरणार्थी कैंप की अल्ट्रांस स्ट्रीट पर उसके लड़ाकों की इसराइली सैनिकों के साथ भीषण झड़पें हुई हैं.
समूह ने दावा किया है कि उसने हमास की इज्ज़-अल-दीन अल-क़ासिम ब्रिगेड के साथ मिलकर इसराइली सेना के जबालिया कैंप के पूर्व में स्थिति ऑपरेशन मुख्यालय को निशाना बनाया है.
हालांकि, इसराइली सेना ने इस घटनाक्रम को ना ही नकारा है और ना ही इसकी पुष्टि की है.
इसराइली सेना का कहना है कि जबालिया कैंप में उसका अभियान सटीक चल रहा है और यहां वह हमास को फिर से अपनी पकड़ मज़बूत करने से रोकने के मक़सद से काम कर रही है.
रफ़ाह में हवाई बमबारी

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दक्षिणी ग़ज़ा में, मिस्र की सीमा पर स्थित, रफ़ाह में इसराइली सेना का अभियान इस डिस्ट्रिक्ट के अलग-अलग पूर्वी इलाक़ों में जारी है. यहां इसराइली सेना केंद्रीय इलाक़ों की तरफ़ बढ़ने की कोशिश कर रही है. इसराइली सेना हवा और ज़मीन से रफ़ाह पर लगातार बमबारी कर रही है.
रफ़ाह के केंद्रीय इलाक़े में रिहायशी इमारतों पर बमबारी के बाद यहां के कुवैती अस्पताल में रविवार सुबह कम से कम पांच लोगों के शव लाये गए हैं.
रफ़ाह में मिस्र और ग़ज़ा के बीच अहम क्रॉसिंग हैं. फ़लस्तीनी हिस्से पर इसराइली सेना का नियंत्रण है जबकि मिस्र की तरफ़ से आवाजाही यहां पिछले तेरह दिनों से बंद है.
इसी बीच, अल-क़ुद्स ब्रिगेड ने बताया है कि उसके लड़ाके रफ़ाह के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी मोर्चे पर मशीन गनों और एंटी आर्मर मिसाइलों से इसराइली सैनिकों का मुक़ाबला कर रहे हैं.
क्राउन प्रिंस सलमान से अमेरिकी एनएसए की मुलाक़ात

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इसी बीच सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जैक सलिवन से मुलाक़ात की है. सऊदी मीडिया ने रविवार को जारी रिपोर्ट में कहा है कि क्राउन प्रिंस ने ‘दोनों देशों के बीच अंजाम तक पहुंचने जा रहे रणनीतिक समझौते के अंतिम ड्राफ्ट’ पर चर्चा की है.
सऊदी अरब के पूर्व में स्थित दाहरान में सलिवन और सलमान की मुलाक़ात हुई है. अमेरिका सऊदी अरब और इसराइल के बीच रिश्ते सामान्य करने की कोशिश कर रहा है.
सऊदी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़, इस मुलाक़ात के दौरान ‘पूरा होने जा रहे समझौते के अंतिम स्वरूप पर दोनों पक्षों के बीच चर्चा हुई है.’
अमेरिका सऊदी अरब से इसराइल को मान्यता दिलवाने के प्रयास कर रहा है. इस दिशा में प्रगति भी हुई थी लेकिन ग़ज़ा पर इसराइल के हमले के बाद इन प्रयासों को झटका लगा था.
सऊदी मीडिया के मुताबिक़, “दोनों पक्षों ने फ़लस्तीनी मुद्दे पर दोनों देशों में क्या हो रहा है, इसके दो-राष्ट्र समाधान के लिए विश्वसनीय रास्ता निकालने, जिससे फ़लस्तीनी लोगों के वैध अधिकार और महत्वाकांक्षाएं पूरी हो सकें, पर चर्चा हुई है. ”
ग़ज़ा में युद्ध को रोकने, मानवीय मदद पहुंचाए जाने को सुनिश्चित करने और ग़ज़ा के ताज़ा हालात पर भी सलमान और सलिवन ने बात की है.
बाइडन प्रशासन ऐसा समझौता कराने के लिए पूरा ज़ोर लगा रहा है जिसके तहत सऊदी अरब इसराइल को मान्यता दे दे और बदले में अमेरिका, सऊदी अरब को सुरक्षा का भरोसा दे. अमेरिका सऊदी अरब का सबसे अहम सुरक्षा सहयोगी है.
सितंबर में फॉक्स न्यूज़ को दिए एक साक्षात्कार में सऊदी क्राउन प्रिंस ने कहा था कि सऊदी अरब हर दिन के साथ इसराइल से रिश्ते सामान्य करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
लेकिन ग़ज़ा में पिछले सात से अधिक महीनों से जारी युद्ध ने इन सब प्रयासों को पटरी से उतार दिया है. हमास ने 7 अक्तूबर को इसराइल पर अभूतपूर्व और अप्रत्याशित हमला किया था जिसमें 1200 से अधिक इसराइली मारे गए थे. इसके जवाब में इसराइल ग़ज़ा पर भीषण हमले कर रहा है, जिसमें हजारों लोगों की मौत हो चुकी है.
बैनी गैंट्ज़ की इस्तीफ़े की धमकी

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वहीं दूसरी तरफ़, इसराइल की युद्ध सरकार में मंत्री बैनी गैंट्ज़ ने कहा है कि यदि नेतन्याहू युद्ध के बाद की योजना को मंज़ूरी नहीं देते हैं तो वो सरकार से इस्तीफ़ा दे देंगे.
गैंट्ज़ ने टीवी पर प्रसारित एक संदेश में कहा, “सरकार को 8 जून तक छह रणनीतिक उद्देश्यों को हासिल करने के लिए योजना बनाकर इसे मंज़ूरी देनी चाहिए, यदि ऐसा नहीं हुआ तो हमें सरकार से इस्तीफ़ा देना पड़ेगा.”
उन्होंने बताया कि छह उद्देश्य में शामिल हैं- हमास को उखाड़ फेंकना, फ़लस्तीनी हिस्से ग़ज़ा पर इसराइल का सुरक्षा नियंत्रण और इसराइली बंधकों की सुरक्षित रिहाई.
उन्होंने कहा, “ग़ज़ा पर इसराइल के सुरक्षा नियंत्रण को स्थापित करने के साथ ही, अमेरिकी-यूरोपीय, अरब और फ़लस्तीनी प्रशासन की स्थापना जो ग़ज़ा के नागरिक मामलों का प्रबंधन करे और भविष्य में हमास और महमूद अब्बास के विकल्प पेश करे.”
उन्होंने सऊदी अरब के साथ रिश्ते सामान्य करने का आह्वान करते हुए कहा, “स्वतंत्र विश्व और अरब दुनिया के साथ संबंध स्थापित करने की वृहद कोशिश के तहत सऊदी अरब के साथ रिश्ते सामान्य किए जाने चाहिए ताकि ईरान और उसके सहयोगियों का मुक़ाबला किया जा सके.”
नेतन्याहू ने क्या कहा है?

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इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा है कि गैंट्ज़ की टिप्पणी का मतलब है युद्ध में इसराइल की हार.
नेतन्याहू ने कहा, "गैंट्ज़ की मांगों को मानने का मतलब होगा, ‘युद्ध को समाप्त करना और ये इसराइल की हार होगी, अधिकतर बंधकों को उनके हाल पर छोड़ना होगा और हमास मज़बूत रह जाएगा और फ़लस्तीनी राष्ट्र की स्थापना हो जाएगी.”
वहीं इसराइल में विपक्ष के नेता याइर लैपिड ने रक्षा मंत्री बैनी गैंट्ज़ और गादी आइसेंकोट से सरकार को छोड़ने का आग्रह किया है.
उन्होंने संकेत दिए हैं कि मंत्रियों के सरकार से बाहर होने के बाद बिन्यामिन नेतन्याहू की सरकार गिर जाएगी.
लैपिड ने कहा, “बहुत हो गईं प्रैस कांफ्रेंस, बहुत हो गए झूठे अलार्म, अब बाहर निकलो, अगर तुम सरकार में शामिल नहीं होते तो हम अब तक नेतन्याहू और बेन गवीर के बाद के युग में पहुंच चुके होते.”
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