वर्ल्ड कपः रोहित ने कप्तानी में, शमी-बुमराह ने गेंद से मारा मैदान, पाकिस्तानी क्रिकेटर भी हुए मुरीद

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- Author, अभिजीत श्रीवास्तव
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
केवल 229 रन बनाने के बावजूद भारत ने इंग्लैंड को 100 से हरा कर वर्ल्ड कप में लगातार छठी जीत हासिल की.
इस जीत की जहाँ भारत में जबर्दस्त तारीफ़ हो रही है, वहीं पाकिस्तान के क्रिकेटर भी भारतीय टीम के प्रदर्शन की प्रशंसा करने से नहीं चूक रहे हैं.
मैच की शुरुआत भारत के टॉस हारने के साथ हुई पर कप्तान रोहित शर्मा यहाँ भी पॉजिटिव थे. उन्होंने कहा कि वो अगर टॉस जीतते तो भी पहले बल्लेबाज़ी ही करते.
उनका यह कहना बल्लेबाज़ी में भी दिखा. कुल 358 रन के इस मैच में अकेले 'प्लेयर ऑफ़ द मैच' रहे रोहित के बल्ले से 87 रन आए पर टीम एक छोटा स्कोर ही खड़ा कर सकी.
रोहित ने मैच के बाद कहा भी, "मुझे लगा कि हमने 20-30 रन कम बनाए."
हालांकि बुमराह, शमी और कुलदीप की गेंदबाज़ी ने भारत को यह जीत दिलाने में बहुत अहम भूमिका निभाई.

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अकरम, अख़्तर क्या बोले?
मैच के बाद रावलपिंडी एक्सप्रेस के नाम से मशहूर शोएब अख़्तर ने कहा, "भारत की बैटिंग से तो डरना ही डरना था. अब स्थिति ये है कि उनकी बॉलिंग यूनिट से भी डरो. पता नहीं आगे कौन सी टीमें क्या करती हैं, यह देखना बहुत मज़ेदार होगा."
भारतीय टीम की जीत पर पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर वसीम अकरम ने कहा, भारतीय टीम लगातार छह मैच जीत चुकी है. उसके इस दमदार प्रदर्शन को देखकर मुझे 1992 के वर्ल्ड कप की न्यूज़ीलैंड टीम याद आ गई."
वे बोले, "आप देखेंगे इस वर्ल्ड कप में भारतीय टीम मैच के सभी डिपार्टमेंट में अपना पूरा नियंत्रण रख रही है. ठीक उसी तरह जिस तरह 1992 के वर्ल्ड कप में न्यूज़ीलैंड लगातार सात मैच जीता था."
मैच के बाद रोहित शर्मा ने पिच के बारे में कहा, "यह देर तक टिक कर बल्लेबाज़ी करने वाली पिच थी."
रोहित की बल्लेबाज़ी पर अकरम बोले, "यह विकेट बहुत अलग थी. इस पर बैटिंग करना आसान नहीं था. रोहित शर्मा 87 रनों की पारी खेले और आगे बढ़कर टीम का नेतृत्व किया. राहुल के साथ 91 रनों की साझेदारी निभाई. जिस एक भारतीय बल्लेबाज़ (सूर्यकुमार यादव) ने इस वर्ल्ड कप में रन नहीं किए थे उन्होंने भी रन बनाए."

रोहित की दमदार कप्तानी
भारत की इस जीत के पीछे जहाँ सबसे बड़ा कारण 87 रनों की ज़ोरदार पारी खेल कर ख़ुद कप्तान रोहित शर्मा रहे. वहीं इस मैच में रोहित शर्मा की कप्तानी भी अव्वल दर्जे की रही.
रोहित ने न केवल सही समय पर सटीक फ़ैसला लिया. लगातार गेंदबाज़ी में परिवर्तन किया और केवल 230 रनों के टारगेट के सामने इंग्लैंड को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया.
ओस की वजह से आउटफ़ील्ड गीली हो रही थी और ऐसे में सटीक गेंदबाज़ी करना आसान नहीं था. लिहाजा यह छोटा स्कोर इंग्लैंड के नाम होना चाहिए था.
लेकिन इस टूर्नामेंट को वो जिस तरह खेल रहे हैं, उसका असर इस मैच में भी दिखा. दमदार गेंदबाज़ी करने के बावजूद जब बल्लेबाज़ करने पिच पर उतरे तो किसी एक ने भी लय नहीं पकड़ा.
जो रूट और बेन स्टोक्स जैसे मध्यक्रम के बल्लेबाज़ अपना ख़ाता तक नहीं खोल सके वहीं लियम लिविंग्सटन को छोड़ कर और कोई 17 रन भी नहीं बना सका.
इसकी वजह ये थी कि रोहित ने अपने गेंदबाज़ों को थकने नहीं दिया. उन्हें छोटे-छोटे स्पेल दिए और नियमित अंतराल पर गेंदबाज़ी परिवर्तन करते रहे.
कप्तान रोहित ने न केवल इंग्लैंड के किसी भी बल्लेबाज़ को पिच पर जमने दिया बल्कि कोई बड़ी साझेदारी भी नहीं बनने दी.
टीम इंडिया के पूर्व कोच रवि शास्त्री कहते हैं, "रोहित बहुत आसानी से गेंदबाज़ी में परिवर्तन करते हैं ताकि कोई बल्लेबाज़ पूरी तरह से लय में न आ सकें."
वहीं क्रिकेट कमेंटेटर हर्ष भोगले ने ट्वीट किया, "इस वर्ल्ड कप में मिली अब तक की सभी जीत में यह सबसे ख़ास है. गेंदबाज़ी और रोहित शर्मा की बढ़िया अक़्लमंदी ने इसे यादगार बना दिया."

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बुमराह-शमी की 'कातिल' जोड़ी
कब किस गेंदबाज़ से गेंद करवाना है, यह रोहित को बख़ूबी पता है और इसके लिए उनके गेंदबाज़ों की परिपक्वता को भी श्रेय जाता है.
टी20 वर्ल्ड कप में जसप्रीत बुमराह की कमी खली थी. चोट से वापसी के बाद बुमराह ठीक उसी तरह की फ़ॉर्म में हैं, जैसी टीम को ज़रूरत थी. वहीं मोहम्मद शमी पिछले चार वनडे में 15 विकेट ले कर अपनी ज़ोरदार फ़ॉर्म का सबूत दे रहे हैं.
इस मैच में जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी ने इस मैच में एक यादगार शुरुआत दी. दोनों ने अपनी नपी तुली उच्चकोटि की गेंदबाज़ी से सब का दिल जीत लिया.
बुमराह ने लगातार दो गेंदों पर मलान और रूट का विकेट लेकर इंग्लैंड को बैकफ़ुट पर धकेला. तो शमी ने अपनी पैनी गेंदों पर तीन बल्लेबाज़ों को बोल्ड करते हुए कुल चार विकेट लिए. बुमराह-शमी की जोड़ी ने इस मैच में सात बल्लेबाज़ों को पविलियन लौटाया.
रोहित शर्मा ने शमी को छठे ओवर में गेंद थमाई. शुरुआती दो गेंदों पर तीन रन बन गए पर इसके बाद अगली 28 गेंदों पर उन्होंने कहर बरपा दिया, केवल दो रन दिए और दो बल्लेबाज़ों को आउट कर इंग्लैंड के खेमे में खलबली मचा दी.

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शमी इस टूर्नामेंट में खेले गए दो मैचों में नौ विकेट ले चुके हैं. तो बुमराह 14 विकेट के साथ इस टूर्नामेंट के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज़ हैं.
मैच से पहले पाकिस्तान के क्रिकेटर वसीम अकरम ने कहा था कि इस मैच में शमी को मौक़ा ज़रूर दिया जाना चाहिए. उन्होंने उनकी गेंदबाज़ी की तारीफ़ करते हुए कहा था कि, उनकी गेंद की सीम जब पिच से टकराती है तो वो किसी भी दिशा में मुड़ सकती है और यह उनकी सबसे बड़ी ख़ासियत है.
इस मैच में जीत के बाद अकरम बोले, भारतीय टीम की गेंदबाज़ी इस वक़्त पूरी दुनिया में सबसे बेहतरीन है. बुमराह और शमी ने इंग्लैंड को हराने में जबरदस्त किरदार निभाया.
मैच के बाद रोहित ने भी गेंदबाज़ों की ज़ोरदार तारीफ़ की. वे बोले, "आप हर रोज़ ऐसे कम स्कोर को बचाते में सफल नहीं होते. हमारे तेज़ गेंदबाज़ों ने कंडीशन को बहुत अच्छे से भुनाया. स्विंग और मूवमेंट दोनों मिल रही थी."
वहीं पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शोएब अख़्तर ने एक टीवी कार्यक्रम के दौरान कहा, "शमी और बुमराह की जोड़ी 'कातिल' है. शमी से बुमराह के साथ गेंदबाज़ी की शुरुआत करानी चाहिए. मुझे लगता है ये जल्द ही होने वाला भी है."

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गावस्कर, मांजरेकर क्या बोले?
पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने मैच के बाद कहा कि मोहम्मद शमी लगातार सफल हो रहे हैं, इसकी वजह ये है कि, "वे नेट में अपना बहुत पसीना बहाते हैं, ठीक कपिल देव की तरह."
गावस्कर भारतीय गेंदबाज़ी की तारीफ़ में कहते हैं कि किसी अन्य टीम के पास इतनी विविधता नहीं है. कुछ ऐसी ही बात रोहित ने भी मैच के बाद पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा था.
गावस्कर मैच के बाद बोले, "भारत के पास अलग तरह के सीम गेंदबाज़ हैं. बुमराह क्रीज़ से हट कर गेंद अंदर और बाहर दोनों ओर डालने के उस्ताद हैं. तो शमी विकेट के क़रीब से गेंदबाज़ी करते हैं और अपनी गेंद को अंतिम समय में घुमाने में उनको महारत हासिल है. वहीं मिडिल ओवर में कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा अपनी स्पिन गेंदों का जाल बुनने में माहिर हैं. इतनी विविधता किसी भी टीम के पास नहीं है. यही वजह है कि वो इतनी छोटे स्कोर को बचाने में कामयाब हुए."
क्रिकेट कमेंटेटर हर्ष भोगले ने ट्वीट किया, "मैदान में ओस के साथ 230 रन का पीछा करते हुए यह मैच इंग्लैंड के नाम होना चाहिए था. लेकिन इस टूर्नामेंट में जिस तरह वो खेल रहे हैं वो इस मैच में भी दिखा. वो इस लक्ष्य को पाने की स्थित में कभी थे ही नहीं. यह सफ़ेद गेंद की एक दमदार टीम का आश्चर्यजनक पतन है."
वहीं पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने कहा, "यह इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम की सबसे बड़ी जीत है. आउटफ़ील्ड गीली हो गई थी. इसके बावजूद भारतीय गेंदबाज़ों ने इंग्लैंड को इसका फ़ायदा नहीं उठाने दिया. टीम में सात-आठ खिलाड़ी बहुत दमदार हैं और वो अपने करियर के सबसे अच्छे फ़ॉर्म में हैं."

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वर्ल्ड कप 2023: रिकॉर्ड बुक
- भारत (12 अंक) फिर पॉइंट टेबल में नंबर -1 पर आ गया है.
- छह जीत के साथ रोहित अब तक सबसे सफल कप्तान हैं.
- 398 रनों के साथ रोहित सबसे सफल भारतीय बैटर भी हैं.
- रोहित ने अब तक सर्वाधिक 20 छक्के लगाए हैं.
- मोहम्मद शमी 11.33 के स्ट्राइक रेट से विकेट ले रहे हैं.
- शमी ने अब तक केवल 2 मैच में 9 विकेट लिए हैं.
- जसप्रीत बुमराह दूसरे सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज़ हैं.
- एडम ज़ैम्पा (16 विकेट) से ठीक पीछे बुमराह के नाम 14 विकेट हैं.

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इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों का फ़्लॉप शो
इंग्लैंड की हार पर रावलपिंडी एक्सप्रेस के नाम से मशहूर पाकिस्तान के पूर्व गेंदबाज शोएब अख़्तर ने कहा, "इंग्लैंड वनडे को टी20 के तरीक़े से खेल रहा है."
वे बोले, "बैज़ बॉल क्रिकेट टेस्ट तक तो ठीक है पर वनडे को वनडे की तरह से खेलना पड़ेगा, तभी समझ आएगी."
इंग्लैंड अगर इस टूर्नामेंट में खेले गए छह में पांच मैच हारा है तो इसकी सबसे बड़ी वजह उसके बल्लेबाज़ हैं.
शुरुआती दो मैचों में अर्धशतकी पारी खेलने के बाद जो रूट लय में नहीं दिख रहे हैं तो बेन स्टोक्स पूरी तरह से फ़ीके दिख रहे हैं.
वहीं न तो कप्तान का बल्ला चल रहा है और न ही ओपनर बेयरेस्टो और ऑलराउंडर लिविंग्स्टोन ही रन बना पा रहे हैं.
रूट ने पिछले चार मुक़ाबले में 11, 2, 3, 0 (कुल 16) रन बनाए हैं.
संन्यास से लौटने वाले बेन स्टोक्स इस मैच में शून्य पर बोल्ड हुए तो टूर्नामेंट में खेले गए अन्य दो मैचों में 5 और 43 रन ही बना पाए हैं.
वहीं बैटिंग ऑलराउंडर लियम लिविंग्सटोन इस टूर्नामेंट में केवल 58 रन ही बना सके हैं. बेयरेस्टो ने 6 मैचों में 141 रन ही बनाए हैं.
कप्तान जोस बटलर ने पिछले साल आईपीएल में सबसे अधिक 863 रन बनाए थे पर भारतीय सरजमीं पर खेले जा रहे इस टूर्नामेंट में वो भी बहुत बुरे फ़ॉर्म से गुज़र रहे हैं.
अब तक खेले गए छह मैच में उनके बल्ले से केवल 105 रन ही निकले हैं.

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चैंपियंस ट्रॉफ़ी 2025 नहीं खेल पाने का ख़तरा
वर्ल्ड कप 2023 के लिए वेस्ट इंडीज़ जैसी दमदार टीम क्वालिफ़ाई नहीं कर सकी, अब ऐसा ही ख़तरा इंग्लैंड की टीम पर भी मंडरा रहा है.
पॉइंट टेबल में भारत जहां नंबर- 1 पर है वहीं इंग्लैंड की टीम केवल एक जीत के साथ सबसे नीचे यानी 10वें पायदान पर है.
यही वजह है कि 2025 में खेले जाने वाले चैंपियंस ट्रॉफ़ी में उसके क्वालिफ़ाई करने के आसार कम दिख रहे हैं.
चैंपियंस ट्रॉफ़ी 2025 पाकिस्तान में होना है. आईसीसी के इस टूर्नामेंट में आयोजक समेत वर्ल्ड कप के पॉइंट टेबल की शीर्ष आठ टीमें खेलती हैं.
लिहाजा इंग्लैंड के 2025 के चैंपियंस ट्रॉफ़ी के लिए क्वालिफ़ाई करने पर संकट के बादल नज़र आ रहे हैं.
हालांकि बटलर की उम्मीद अभी बाकी है. मैच के बाद वे बोले, "चैंपियंस ट्रॉफ़ी को लेकर जानकारी है और अभी इस टूर्नामेंट में खेलने के लिए काफ़ी कुछ बचा है."
बटलर भले ही ये कह रहे हैं पर बचे हुए तीन मैचों में से एक ऑस्ट्रे्लिया तो दूसरा पाकिस्तान से होना है. यानी इंग्लैंड के लिए टॉप आठ में आना आसान तो कतई नहीं है.
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