आईपीएल में विदेश के इस गुमनाम खिलाड़ी की दिखने लगी है छाप

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- Author, विमल कुमार
- पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
आईपीएल के दौरान अगर कोई टीम पहले बल्लेबाज़ी करते हुए सिर्फ 167 रन का स्कोर ही बना पाती है तो अमूमन 90 फीसदी मैचों का नतीजा लक्ष्य का पीछा करने वाली विरोधी टीम के ही पक्ष में जाता है.
लेकिन, दिल्ली कैपिटल्स को ये बखूबी एहसास था कि अगर 160 रनों का स्कोर करने के बावजूद कोई टीम मैच नहीं हारती है तो वो है लखनऊ सुपर जाएंट्स की टीम.
और इसलिए गेंद और बल्ले से दिल्ली की टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए मेज़बान को ना सिर्फ 6 विकेट से मात दी बल्कि आईपीएल में उनके एक ख़ास अश्वमेघ रथ को भी रोक दिया जो 160 से ज़्यादा का स्कोर बनाने के बाद कभी भी परास्त नहीं होता था.
कैपिटल्स की इस जीत के सबसे बड़े किरदार रहे कुलदीप यादव जिन्होंने पिछले तीन मैच अनफिट होने के चलते नहीं खेले थे. लेकिन, इस चाइनामैन गेंदबाज़ ने जिस तरह से मिडिल ओवर्स में लखनऊ को बड़े झटके दिये उसका अंदाज़ा इसी बात से लग जाता है कि सिर्फ तीन विकेट लेने के बावजूद उन्हें मैन ऑफ द मैच का ख़िताब भी मिला.
कुलदीप ने 4 ओवर में कसी हुई गेंदबाज़ी करते हुए मात्र 20 रन खर्च किये और मार्कस स्टोयनिस, निकोलस पूरन और विरोधी कप्तान केएल राहुल के कीमती विकेट लिये.
मैच में वापसी का ख़्वाब देखती लखनऊ की टीम

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कुलदीप ने पहला झटका स्टोयनिस के तौर पर दिया जब लखनऊ का स्कोर 2 विकेट के नुकसान पर 66 रन था.
अगली ही गेंद पर कानपुर के इस स्पिनर ने स्पिन के शानदार खिलाड़ी माने जाने वाले पूरन को बिना खाता खोले वापस भेजा.
कुलदीप भले ही हैट्रिक लेने से चूक गये लेकिन अपने अगले ओवर में उन्होंने राहुल को आउट करके लखनऊ का स्कोर 77 रन पर 5 विकेट करा दिया.
महज़ 7 गेंदों के अंतराल में कुलदीप के तीन झटकों ने लखनऊ की बल्लेबाज़ी क्रम को ज़बरदस्त दबाव में ला दिया. एक तरह से देखा जाय तो कुलदीप का यही स्पैल दोनों टीमों के बीच का असली फर्क साबित हुआ.
और जब 13 ओवर की बल्लेबाज़ी के बाद लखनऊ का स्कोर 7 विकेट के नुकसान पर 94 रन था तो ऐसा लगा कि उनके लिए 20 ओवर खेलना ही मुश्किल होगा और किसी तरह से 120-25 का स्कोर ही शायद सम्मानजनक साबित हो.
लेकिन, यहीं से युवा आयुष बदोनी ने 31 गेंदों पर अर्धशतक जमाया और 8वें विकेट के लिए अरशद ख़ान के साथ मिलकर रिकॉर्ड 73 रनों की साझेदारी की. इसी के चलते लखनऊ मैच में वापसी करने के बारे में सोचने का ख़्वाब भी देख पाया.
मैक्गर्क का करिश्मा

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लेकिन, दिल्ली ने अनुभवी डेविड वॉर्नर का विकेट सस्ते में गंवाने के बावजूद दबाव हावी होने नहीं दिया. और इसके लिए ज़िम्मेदार थे तीसरे नंबर पर एक और नये खिलाड़ी का इस सीज़न बल्लेबाज़ी के लिए इस अहम नंबर पर उतरना.
जैक फ्रेज़र मैक्गर्क की तुलना आस्ट्रेलिया में पहले से ही वॉर्नर जैसी प्रतिभा के तौर पर हो रही है और उनकी टीम के कोच रिकी पोटिंग ने कुछ ही महीने पहले इस बात की भविष्याणी की थी कि इस युवा खिलाड़ी में आने वाले वक्त में क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में अपनी छाप छोड़ने का माद्दा है.
इत्तेफाक से मैक्गर्क को इस सीज़न दिल्ली की टीम में आने का मौका इसलिए मिला क्योंकि साउथ अफ्रीका के तेज़ गेंदबाज़ लुंगी एंगीडी के चोटिल होने के चलते आईपीएल 2024 से बाहर हो गये थे.
महज़ 17 साल की उम्र में विक्टोरिया जैसी टीम के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेल चुके मैक्गर्क ने अपनी पहली 5 गेंदों पर 2 छक्के लगाकर दिखाया कि इस आईपीएल में ना सिर्फ भारत के गुमनाम खिलाड़ी अपनी पहचान बना रहे हैं बल्कि अनजाने विदेशी नाम भी पीछे नहीं रह रहे हैं.
35 गेंदों पर अपने पहले आईपीएल मैच में 22 साल के इस युवा ऑस्ट्रेलियाई ने 5 छक्के भी लगाये. अपने पहले आईपीएल मैच में सिर्फ ब्रैंडन मैक्कलम (13), माइकल हसी (9) और काइल मेयर्स (7) ने उनसे ज़्यादा छक्के लगाये हैं. इस पारी के दौरान मैक्गर्क ने क्रुणाल पंड्या के ख़िलाफ़ लगातार तीन छक्के भी जड़े.
कप्तान पंत की बल्लेबाज़ी

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मैक्गर्क के अलावा पृथ्वी शॉ ने भी एक आक्रामक पारी (22 गेंदों पर 32 रन) खेली तो कप्तान ऋषभ पंत ने भी आक्रामक तेवर बरकरार रखते हुए 24 गेंदों पर 2 छक्कों और 4 चौकों की मदद से 41 रन बनाये.
20 दिसंबर 2022 को कार दुर्घटना के बाद इसी आईपीएल के ज़रिये पंत ने सक्रिय क्रिकेट में वापसी की है और अपनी टीम के लिए ना सिर्फ सबसे ज़्यादा रन और अर्धशतक बनाये हैं बल्कि उनके 194 रन तो 157.72 की तूफानी स्ट्राइक रेट से भी आये हैं जिलके चलते भारतीय चयनकर्ताओं के लिए जून में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप के लिए विकेटकीपर-बल्लेबाज़ के तौर पर उनकी दावेदारी को नज़रअंदाज़ करना बेहद मुश्किल होगा.
बहराहल, जब ऐसा लग रहा था कि कैपिटल्स के लिए मैच में जीत महज़ औपचारिकता और बेहद आसान है तभी 5 गेंदों के अंतराल में नवीन उल हक और रवि बिश्नोई ने मैक्गर्क-पंत की जोड़ी को पवेलियन भेज दिया.
लेकिन, तब तक दिल्ली के लिए लक्ष्य 27 गेंदों पर 20 रन का था जिसे हासिल करने में शे होप और त्रिस्टन स्ट्ब्स को कोई परेशानी नहीं हुई. लेकिन, जीत के बावजूद पंत की टीम के लिए गंभीर सवाल अब भी बना हुआ है कि क्या वो वाकई में इस टूर्नामेंट में वापसी कर पायेंगे?
अगर लखनऊ के बाद अगले मैच में अहमदाबाद में भी ये टीम शुभमन गिल की टीम को मात देती है तो शायद वापसी की उम्मीद जगे.
कुलदीप और मैक्गर्क की जोड़ी ने कप्तान पंत को ये भरोसा दिया है कि उनके ज़ज्बे के साथ तालमेल मिलाकर चलने वाले दो और मैच-विनर भी कैपिटल्स की टीम में शामिल हैं.
फिलहाल अंक-तालिका में 10वें पायदान से एक स्थान ऊपर आकर पंत और उनके साथियों ने थोड़ी सी राहत की सांस ली हो क्योंकि अब सबसे नीचे विराट कोहली वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम है.
(बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित)
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