जडेजा ने चेपॉक की सोती पिच को ऐसे जगाया और बनाया आईपीएल का नया रिकॉर्ड

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- Author, विधांशु कुमार
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
चेन्नई सुपर किंग्स ने सोमवार की रात को कोलकाता नाइट राइर्स को 7 विकेट से हराकर सीज़न में अपनी तीसरी जीत दर्ज की. इस तरह चेन्नई के एमए चिदंबरम यानी चेपॉक स्टेडियम में सुपर किंग्स ने इस सीज़न में तीन मैच जीत लिए हैं.
कोलकाता के 137 रनों के जवाब में चेन्नई ने ये लक्ष्य 18वें ओवर में 3 विकेट खोकर पा लिया और सात विकेट से सीएसके ने जीत दर्ज की.
चेन्नई के कप्तान रितुराज गायकवाड़ ने 58 गेंदों पर नाबाद 67 रन बनाए. वहीं शिवम दुबे ने भी 3 छक्कों के साथ 18 गेंदों में 28 रन बनाकर चेन्नई के काम को आसान कर दिया. लेकिन सीएसके की जीत के असली हीरो रहे रविंद्र जडेजा जिन्होंने 18 रन देकर तीन विकेट लिए और कोलकाता की बैटिंग को तहस-नहस कर दिया.
रविंद्र जडेजा ने जीत के साथ आईपीएल का एक नया रिकॉर्ड भी बनाया. इस सीज़न अब तक साधारण खेल दिखाने वाले जडेजा के लिए कोलकाता के खिलाफ़ ये प्रदर्शन राहत की सांस से कम नहीं है.
एक दिन पहले तक रविंद्र जडेजा के इस सीज़न के प्रदर्शन के बारे में ज़्यादातर नकारात्मक रिपोर्ट्स देखने को मिल रही थी.
उनकी धीमी रन गति हो या रन आउट से बचने के लिए थ्रो के बीच में आ जाना, कुछ भी उनके फ़ैंस को जम नहीं रहा था. लेकिन सोमवार के प्रदर्शन के बाद जडेजा ने टीम में अपनी अहमियत को दोबारा जता दिया है.
जडेजा की बैटिंग में दिखी कमज़ोरी

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कई एक्सपर्ट्स चेन्नई के पिछले मैच में हैदराबाद के खिलाफ़ हार की एक वजह जडेजा की धीमी बल्लेबाज़ी मान रहे थे.
पहले बैटिंग करते हुए चेन्नई सुपर किंग्स 20 ओवरों में सिर्फ़ 165 रन बना सकी थी. अच्छी शुरुआत के बावजूद चेन्नई की टीम बाद में स्कोरिंग रेट को बढ़ाने में नाकामयाब रही थी. नीचे बैटिंग करने आए जडेजा 23 गेंदों में 31 रन ही बना सके. हैदराबाद ने 11 गेंद रहते ही इस स्कोर को पूरा कर लिया था.
जडेजा छठे या सातवें नंबर पर बल्लेबाज़ी करने आते हैं. इस पोज़ीशन पर बल्लेबाज़ लगभग 180 या 200 के आसपास के स्ट्राइक रेट से खेलने की कोशिश करते हैं. लेकिन इस सीज़न जडेजा का स्ट्राइक रेट 125 के करीब रहा है.
सीज़न के पहले मैच में उन्होंने 17 गेंदों पर 25 रन बनाए, दूसरे मैच में गुजरात टाइटंस के खिलाफ़ उन्होंने 3 गेंदों पर 7 रन बनाए. वहीं दिल्ली कैपिटल्स के विरुद्ध तीसरे मैच में चेन्नई को 38 गेंदों पर 90 रनों की ज़रूरत थी, लेकिन जडेजा 17 गेंदों पर 21 रन ही बना सके. और उनकी पारी ने चेन्नई को जीत से और दूर कर दिया.
हैदराबाद के मैच में एक और वाक़या हुआ जो जडेजा की पारी पर धब्बा साबित हो सकता है. 19वें ओवर में रन के लिए दौड़ते वक्त वो जानबूझकर भुवनेश्वर कुमार के थ्रो के रास्ते में आ गए.
फील्ड को रोकने के कारण से उन्हें रन आउट करार दिया जा सकता था. सभी थर्ड अंपायर के फैसले का इंतजार कर रहे थे कि हैदराबाद के कप्तान कमिंस ने अपील को वापस ले लिया.
लोगों ने कमिंस की खेल भावना की तारीफ़ की, लेकिन पूर्व क्रिकेटर मोहमम्द कैफ़ ने ट्वीट कर सवाल पूछा कि क्या कमिंस ने इसलिए तो अपील वापस नहीं लिया क्योंकि जडेजा धीमा खेल रहे थे और हैदराबाद की टीम धोनी को क्रीज़ पर नहीं आने देना चाह रही थी?
इस तरह के सवाल का खड़ा होना भी जडेजा पर भरोसे की नींव खोदती है.
आईपीएल में जडेजा की बैटिंग के बारे में ये भी ध्यान देने योग्य बात है कि हैदराबाद के खिलाफ़ उनके 31 रन आईपीएल 2021 के बाद का पहला 30+ स्कोर था. कोलकाता के खिलाफ मैच में उनकी बैटिंग की बारी नहीं आई.
सोती हुई चेपॉक पिच को जगाया

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लेकिन जहां बैटिंग में वो शिकायतें सुन रहे थे, अपनी बॉलिंग से उन्होंने सबका दिल जीत लिया. सोमवार को रविंद्र जडेजा ने बेहतरीन बॉलिंग की.
पहले बैटिंग करते हुए कोलकाता ने 5 ओवरों में 1 विकेट खोकर 50 रन बना लिए थे. एक्स्पर्ट्स कह रहे थे कि कोलकाता 200 के आसपास स्कोर कर सकती है. लेकिन तभी जडेजा ने कोलकाता की पारी पर ब्रेक लगा दिया. पांच ओवरों में 50-1 से कोलकाता का स्कोर दसवें ओवर में 70-4 था.
जडेजा ने लगातार तीन विकेट लेकर कोलकाता की बैटिंग की रीढ़ तोड़ दी. उन्होंने क्रीज़ पर जमें अंगक्रिश रघुवंशी और सुनिल नारायण को पवेलियन भेज जिया.
रघुवंशी रिवर्स स्वीप करने की कोशिश में आउट हुए जबकि नारायण ने लॉन्ग ऑफ़ पर कैच थमा दिया. इसके बाद उन्होंने वेंकटेश अय्यर का विकेट भी अपनी झोली में डाला. 4 ओवरों में उन्होंने 18 रन देकर 3 विकेट लिए और कोलकाता की पारी को 137 रनों पर समेट दिया.
चेपॉक स्टेडियम को चेन्नई का अभेद किला माना जाता है. अपने इस घरेलू मैदान पर सुपर किंग्स ने सोमवार से पहले 66 आईपीएल मैच खेले जिसमें उन्हें 47 जीत मिली और 18 बार हार का सामना करना पड़ा है.
इस शानदार रिकॉर्ड के पीछे चेपॉक का विकेट भी है जो आमतौर पर धीमा खेलता है और स्पिनर्स को अच्छी मदद पेश करता है. इस सीज़न लेकिन पहले दो मैचों में इस पिच पर पेसर्स को 18 विकेट मिले जबकि स्पिनर्स को महज़ 4 सफलताएं मिलीं.
कोलकाता के खिलाफ़ मैच से पहले भी पिच पर 200 के आसपास स्कोर बनने के कयास लगाए जा रहे थे. लेकिन रविंद्र जडेजा ने पिच को बखूबी से पढ़ा, गेंद को धीमा रखा, थोड़ी हवा भी दी और बल्लेबाज़ चकमा खा गए.
जडेजा की स्पेल ने मानो सोती हुई चैपॉक की पिच को जगाने का काम कर दिया है जो आने वाले मैचों में चेन्नई की और मदद करेगी.
जडेजा स्पेशल की धूम

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जडेजा की गेंदबाज़ी के बारे मे चेन्नई के बॉलिंग कोच ड्वेन ब्रावो ने कहा कि इस पिच को उनसे बेहतर कोई नहीं जानता.
उन्होंने मैच के दौरान एक इंटरव्यू में कहा, “आज का दिन जडेजा स्पेशल का दिन था. विकेट थोड़ा रुक कर खेल रही थी और जडेजा ने उसका बेहतरीन फ़ायदा उठाया. उन्होंने कंडीशंस को समझा और बल्लेबाज़ों को कोई मौका नहीं दिया.”
वहीं एक शो में रॉबिन उथ्प्पा ने कहा कि जडेजा की गेंदबाज़ी ने मैच पलट दिया और चेन्नई को मैच में वापसी का मौका दिया.
18 रन देकर 3 विकेट लेने पर उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड भी मिला. लेकिन जडेजा के लिए सबसे बड़ा अवॉर्ड रहा चेन्नई के फैंस के दिलों में अपने खोए हुए भरोसे को वापस जीतना.
इस मैच में उन्होंने 2 कैच भी पकड़े और सौवां कैच पूरा किया. आईपीएल में 1000 रन, 100 विकेट और 100 कैच लेने वाले वो पहले खिलाड़ी बन गए हैं. ऐसे किसी दूसरे खिलाड़ी को ये रिकॉर्ड पाने में लंबा इंतज़ार करना पड़ेगा.
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