मयंक यादव: डेब्यू मैच में 150 कि.मी. से अधिक रफ़्तार की गेंदें फेंकने वाला गेंदबाज़

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- Author, मनोज चतुर्वेदी
- पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
पंजाब किंग्स आईपीएल के मुकाबले में जीत की तरफ बढ़ती नज़र आ रही थी. लेकिन मयंक यादव ने अपनी गति से मैच का रुख बदलकर लखनऊ सुपर जायंट्स को 21 रन से विजय दिला दी.
शिखर धवन और जॉनी बेयरस्टो की ओपनिंग जोड़ी ने 102 रन जोड़कर 200 रन के लक्ष्य को थोड़ा बौना सा बना दिया.
इस मौके पर मयंक यादव ने अपनी रफ्तार से पंजाब की प्रगति पर ऐसा ब्रेक लगाया, जिसे आसानी से भुलाया नहीं जा सकेगा.
सबसे तेज़ गेंद फेंकने वाले मयंक यादव

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मयंक यादव जब गेंदबाज़ी करने आए तब शिखर धवन और जॉनी बेयरस्टो खेल पर पूरी तरह से दबदबा बना चुके थे. यह मौका था जब सभी को लग रहा था कि पंजाब किंग्स सहजता से विजय प्राप्त कर सकती है.
पर मयंक ने आते ही अपनी रफ्तार का ऐसा जादू चलाया कि चर्चा शिखर और बेयरस्टो की शतकीय साझेदारी से बदलकर मयंक पर चलने लगी. मयंक ने इसी दौरान 156.8 कि.मी. प्रति घंटे की रफ्तार निकालकर इस सत्र के सबसे तेज़ गेंद फेंकने वाले गेंदबाज़ बन गए. इससे पहले सबसे तेज़ गेंद आंद्रे बर्गर ने 153 कि.मी. की रफ्तार से फेंकी थी.
मयंक यादव लगातार 150 कि.मी. से ज़्यादा की रफ्तार निकालकर पंजाब के बल्लेबाजों पर हौवा बनाने लगे. जॉनी ने इस दबाव को हटाने के लिए पुल शॉट खेला पर गति से मात खा गए और कैच हो गए.
मयंक यादव ने प्रभसिमरन और जितेश शर्मा के विकेट निकालकर अपना आईपीएल पदार्पण यादगार तो बनाया बल्कि मैच भी पंजाब किंग्स की पकड़ से बाहर निकाल दिया.
मयंक हैं राजधानी एक्सप्रेस

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संजय मांजरेकर ने कहा कि ‘पाकिस्तान के पेस गेंदबाज़ शोएब अख्तर को रावलपिंडी एक्सप्रेस इसलिए कहा जाता था, क्योंकि उनके शहर से यह ट्रेन चलती थी. मयंक नई दिल्ली से ताल्लुक रखते हैं और वहां से राजधानी एक्सप्रेस चलती है, इसलिए वह राजधानी एक्सप्रेस हैं.’
मयंक की गेंदबाज़ी की खास बात यह रही कि उन्होंने लगातार हार्ड लेंथ पर गेंदबाज़ी की. मांजरेकर ने कहा कि वह अगर यॉर्कर डालने लगेगा तो बहुत ही खतरनाक गेंदबाज़ बन सकता है.
हरभजन सिंह तो मयंक के प्रदर्शन से इतने ज्यादा खुश थे कि उन्होंने कहा कि इस खिलाड़ी को तो भारतीय टीम में शामिल कर लेना चाहिए.
उन्होंने कहा कि कुछ बनने के लिए ज़िद्दी होना ज़रूरी है और ज़िद की वजह से ही वह आज यहां पर हैं.
मयंक की ज़िद थी कि वह दिल्ली टीम में खेलें, लेकिन उन्हें शुरुआती करियर में सर्विसेज़ से नौकरी और खेलने का प्रस्ताव मिला. पर वह दिल्ली के लिए ही खेलना चाहते थे, इसलिए यह प्रस्ताव ठुकरा दिया था.
डेब्यू मैच में प्लेयर ऑफ द मैच

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मयंक यादव ने अपने पदार्पण मैच में 27 रन पर तीन विकेट निकालकर पंजाब के जबड़े से जीत निकालकर प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड जीता.
शिखर धवन ने बाद में माना कि मयंक ने अपनी गति से हमें सरप्राइज कर दिया. असल में उनके एक 150 कि.मी. की रफ्तार से फेंके बाउंसर पर वह आसान सा कैच उठा बैठे थे पर भाग्यशाली थे कि यह कैच पकड़ा नहीं जा सका.
मयंक के बारे में कहा जाता है कि वह 14 साल की उम्र में सोनेट क्लब की अकादमी में शामिल हुए थे.
इस अकादमी ने तारक सिन्हा की देखरेख में कई क्रिकेटर बनाए हैं, जिसमें अब मयंक का नाम भी शुमार हो गया है.
मयंक लखनऊ टीम में 2022 से शामिल हैं, उस समय उन्हें 20 लाख रुपए में खरीदा था, लेकिन चोटिल होने की वजह से नहीं खेल सके थे और अब उनका पदार्पण हुआ है.
मयंक ने कहा कि ‘मुझसे कहा गया था कि धड़कनों पर काबू रखना है. शुरुआत में विकेट से अच्छी गति मिलने पर मुझसे गति से ही गेंदबाज़ी करने को कहा गया.’
उन्होंने कहा कि उनका पहला विकेट ही सबसे महत्वपूर्ण है.
लिविंगस्टोन को बाद में उतारना भी हार का कारण बना

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लिविंगस्टोन फील्डिंग करते समय चोटिल हो गए थे. इस कारण शायद उन्हें पांचवें नंबर पर उतारा गया.
उन्होंने आते ही उम्दा प्रदर्शन करके पंजाब किंग्स को खेल में लाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन उतारने में देरी के कारण वह इस काम को अंजाम नहीं दे सके.
पंजाब टीम ने अगर उन्हें प्रभसिमरन और जितेश शर्मा से पहले मैदान में उतारा होता तो शायद मैच का परिणाम कुछ और हो सकता था.
पंजाब टीम शिखर धवन और बेयरस्टो द्वारा बनाई शतकीय ओपनिंग साझेदारी का भले ही फायदा नहीं उठा सकी पर यह जोड़ी जिस अंदाज़ में खेली, उससे यह तो तय है कि इस सीज़न में इस टीम का प्रदर्शन अच्छा रहने वाला है.
क्रुणाल पांड्या की पारी रही महत्वपूर्ण

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क्रुणाल ने महत्वपूर्ण मौके पर 22 गेंदों में जो 43 रन बनाए, वह निश्चय ही टीम को जिताने वाले रहे.
वह जब खेलने आए थे, तब निकलस पूरन का 146 रन के स्कोर पर विकेट निकलने से लगने लगा था कि टीम 170-180 तक सीमित हो सकती है.
क्रुणाल लंबे समय बाद अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन करते नज़र आए. क्रुणाल ने आक्रामक अंदाज़ में बल्लेबाज़ी करके स्कोर को तेज़ गति से आगे बढ़ाए रखा.
मोहम्मद कैफ का कहना था कि वह अंतिम समय में शॉट खेलते हैं, इसलिए उन्हें अपने मनमाफिक शॉट खेलने में कोई दिक्कत नहीं हुई.
लखनऊ सुपर जायंट्स अपने घरेलू मैदान पर अपना सबसे बड़ा स्कोर 199 रन बनाने में कामयाब हुई. इसमें ओपनर क्विंटन डिकॉक के 54 रनों की पारी की भी अहम भूमिका रही.
केएल राहुल चोट की वजह से इंपेक्ट प्लेयर की तरह खेले और बड़ा स्कोर भले ही नहीं बना सके. पर उनकी डिकॉक के साथ जोड़ी ही टीम की किस्मत को चमका सकती है.
निकलस पूरन के अंदाज़ के क्या कहने

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निकलस पूरन ने आते ही रंग जमा दिया. उनके ऊपर तीन विकेट निकल जाने का कोई दबाव नहीं था. वह अपने शॉट्स को खुलकर खेले.
वह अगर विकेट पर दो-तीन ओवर और रुक जाते तो स्कोर 220-225 तक पहुंच सकता था. पर वो रबाडा की गेंद पर आउट होने से पहले पारी को मज़बूती देने में सफल हो गए.
पूरन ने 200 की स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 21 गेंदों में 42 रन बनाए. इसमें तीन छक्के और तीन चौके शामिल थे.
निकलस की पारी का महत्व इसलिए भी है, क्योंकि केएल राहुल की जगह कप्तानी करने पर भी दबाव में नहीं खेले.
कमेंट्री कर रहे हरभजन सिंह ने कहा कि आईपीएल में निकलस पूरन से बेहतर कोई खिलाड़ी नहीं है. वह छोटे कद के हैं और काफी झुककर खेलते हैं, इसलिए वह हमेशा गेंद के नीचे आकर शॉट खेलते हैं.
उन्होंने कहा कि उनसे बेहतर शॉटों की रेंज किसी खिलाड़ी के पास नहीं है. वह मैदान में हर तरफ शॉट खेलने में महारत रखते हैं.
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