ऋषभ पंत एक्सीडेंट के बाद मात्र 13 महीने में मैदान पर कैसे लौटे?

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- Author, विमल कुमार
- पदनाम, वरिष्ठ पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
अगर रोहित शर्मा और राहुल द्रविड़ को पिछले साल हुए वर्ल्ड कप के बाद बताया जाता कि उनकी जोड़ी वेस्ट इंडीज़ और अमेरिका में होने जा रहे टी20 वर्ल्ड कप की ज़िम्मेदारी संभालेगी और मिडिल ऑर्डर में उनका साथ देने के लिए विकेटकीपर ऋषभ पंत होंगे तो शायद वे इस बात पर यकीन नहीं करते.
कुछ देर के लिए कप्तान-कोच के तौर पर अपनी साझेदारी को वेस्ट इंडीज़ तक जाते देखना तो मुमकिन भी था, लेकिन उस सफर में पंत का भी साथ मिलेगा ऐसा सोचना मुमकिन ही नहीं था.
इसी वजह से टीम इंडिया पंत के बाहर होने के बाद से अलग-अलग फ़ॉर्मेट्स में केएस भारत, ईशान किशन, केएल राहुल, संजू सैमसन, जितेश शर्मा से लेकर ध्रुव जुरेल समेत आधे दर्जन विकेटकीपर बल्लेबाज़ों को आज़मा चुकी थी.
लेकिन कोई भी टैलेंट, परफ़ॉर्मेंस और कंसिस्टेंसी की कसौटी पर पंत के क़रीब भी नहीं पहुंच पाया है. लेकिन बीसीसीआई ने जैसे ही इस बात का एलान किया कि पंत अब ना सिर्फ़ आईपीएल के लिए फिट हैं बल्कि टी20 वर्ल्ड कप के लिए भी टीम में आने के तगड़े दावेदार हैं, तो इससे रोहित और द्रविड़ ने राहत की सांस ली होगी.
घर लौटते हुए हुई थी सड़क दुर्घटना

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तीस दिसंबर 2022 को जब ऋषभ पंत का दिल्ली से देहरादून जाने के रास्ते में एक्सीडेंट हुआ था तो आशंका जताई गई थी कि कम से कम उनका 2-3 सालों तक मैदान पर लौटना मुश्किल होगा.
टीम इंडिया या उनकी फ्रैंचाइज़ी दिल्ली कैपिटल्स तो दूर की बात, पंत के लिए क्लब स्तर की क्रिकेट पर लौटने की संभावना भविष्य में बेहद कम दिख रही थी.
कुछ निराशावादी आलोचकों को ये भी भय था कि शायद पंत दोबारा क्रिकेट ही नहीं खेल पाएंगे क्योंकि उनके घुटने की चोट बहुत ही ज़्यादा गंभीर थी.
फिर ये क्रिकेट के मैदान में होने वाली कोई फिटनेस की समस्या या चोट नहीं थी, जिससे उनकी वापसी को लेकर एक ठीक-ठाक टाइमलाइन का अंदाज़ा लगाया जा सकता था.
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इसके साथ ही दिल्ली कैपिटल्स जो लगातार पंत के संपर्क में था, उन्हें कुछ महीने पहले तक इस बात का भरोसा नहीं था कि पंत आईपीएल-2024 में भी शिरकत कर सकते हैं.
शायद, इसीलिए उन्होंने विकेटकीपर बल्लेबाज़ के विकल्प के लिए दिसंबर 2023 के मिनी आईपीएल ऑक्शन में अभिषेक पोरेल, कुमार कुशाग्र, शे होप और ट्रिस्टन स्टब्स को भी चुना था.
बहरहाल, पंत के लिए मैदान में लौटने या फिर उम्मीद से पहले लौटने की बात किसी चमत्कार से कम नहीं है, क्योंकि शुरुआती दौर में उनकी चोट को देखते हुए डॉक्टरों का अनुमान था कि वो 16 से 18 महीनों के भीतर फिट हो सकते हैं.
लेकिन क्रिकेट के मैदान पर धुआंधार स्ट्राइक रेट से बल्लेबाज़ी करने वाले इस खिलाड़ी ने वापसी का स्ट्राइक रेट भी बेहतरीन रखते हुए सिर्फ 13 महीने के भीतर ही वापसी कर ली है.
लक्ष्मण के साथ बिताया सबसे ज़्यादा वक़्त
पंत को अपने करियर के इस बेहद संघर्षपूर्ण दौर से गुज़रते हुए नेशनल क्रिकेट एकेडमी के निदेशक वीवीएस लक्ष्मण के साथ वक़्त गुज़ारने का मौक़ा मिला.
हैदराबाद के इस दिग्गज खिलाड़ी को जितना उनकी बल्लेबाज़ी के लिए जाना जाता है, उतना ही उनकी शालीन शख्सियत के लिए.
अपने से बेहद जूनियर खिलाड़ियों के साथ लक्ष्मण जिस सहजता से पेश आते हैं और उनका मार्गदर्शन करते हैं उसके बारे में अतीत में कई खिलाड़ी कह चुके हैं.
अगर आज पंत ये महसूस करते हैं कि ज़िंदगी में क्रिकेट से ज़यादा अहम भी कई बातें हैं तो ऐसी सोच के लिए शायद लक्ष्मण के साथ बिताए गए उन यादगार घंटों का भी योगदान हो.
26 साल की उम्र में ही पंत के नज़रिये में जीवन को लेकर उस दर्शन की झलक देखने को मिलती है, जो अक्सर 36 साल के खिलाड़ी अपने करियर के आख़िरी दौर में हासिल करते हैं.
जिस पंत को मैदान पर खेलते हुए देखकर लाखों लोग उनका उत्साह बढ़ाते थे, उसी पंत को एअरपोर्ट पर कुछ लोगों का प्यार से हाल-चाल पूछना ही ज़बरदस्त अपनेपन का एहसास करा गया.
कैसे की वापसी?

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निजी जिंदगी में अपने परिवारवालों के अलावा पंत अपने पेशेवर जीवन में अपने कोच तारिक सिन्हा से बेहद प्रभावित थे और उनके साथ उनका ख़ास लगाव भी था.
लेकिन, कोविड के दौरान सिन्हा का निधन हो गया और उनके सहायक कोच देवेंद्र शर्मा के साथ पंत का रिश्ता उतना ही भावनात्मक रहा है.
पर्दे के पीछे परिवारवालों के अलावा ऐसे सपोर्ट सिस्टम ने भी पंत को मानसिक रूप से अपनी मज़बूती को बरकरार रखने में काफी मदद की है.
दरअसल, ये पंत के खेल में मानसिक मज़बूती ही है जिसने सिर्फ 33 टेस्ट के छोटे से करियर में 5 हैरतअंगेज़ शतक देखे हैं.
ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका और भारत में विकेटकीपर-बल्लेबाज़ के तौर पर टेस्ट शतक लगाने वाले पंत इतिहास के इकलौते ऐसे विकेटकीपर बल्लेबाज़ हैं.
हां, ये ज़रूर कहा जा सकता है कि इसी दौरान 30 वन-डे मैचों में और 66 टी20 मैचों में पंत टेस्ट क्रिकेट वाली बेफ़िक्री और दिलेरी वाला अंदाज़ दोहरा नहीं पाए हैं.
लेकिन, ये उम्मीद की जा सकती है कि निश्चित रूप से पंत जैसे समझदार क्रिकेटर ने क्रिकेट से दूर रहने के दौरान अपने खेल के इस कमज़ोर पहलू पर भी ध्यान दिया होगा.
मुमकिन है कि आईपीएल 2024 में कप्तान, विकेटकीपर-बल्लेबाज़ की तिहरी भूमिका में पंत कामयाब होंगे और अगर वो कामयाब होते हैं तो मई के आख़िरी हफ़्ते में अमेरिका और वेस्ट इंडीज़ को जाने वाली टीम इंडिया की फ़्लाइट में उनका भी सीट पक्की होगी.
ये बात अगर सिर्फ तीन महीने पहले किसी ने रोहित-द्रविड़ या फिर पंत को बताई होती तो शायद ही वो इस पर यकीन कर पाते.
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