शतक बनाने के बावजूद विराट कोहली पर उठ रहे हैं सवाल

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    • Author, संजय किशोर
    • पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए

शनिवार को जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम पर दो बार ‘तूफ़ान’ आया मगर पहले की हवा की तीव्रता इतनी नहीं थी कि गुलाबी शहर उसमें उड़ जाए.

विराट कोहली ने 67 गेंदों पर शतक लगाया तो जोस बटलर ने 58 गेंदों पर और यही हार और जीत का कारण बना. दोनों नॉटआउट रहे मगर जीत पर छक्के से हस्ताक्षर किया जोस बटलर ने.

राजस्थान रॉयल्स की टीम 5 गेंद शेष रहते 6 विकेट से जीत गई.

संजू सैमसन की टीम अब तक चार मैचों में अपराजेय रहते हुए टॉप पर आ गई है जबकि रॉयल चैलेंजर्स ने हार की हैट्रिक लगा दी है.

तो क्या दुनिया के बेहतरीन बल्लेबाज़ों में शुमार विराट कोहली क्रिकेट के सबसे छोटे स्वरूप में अब उतने करिश्माई नहीं रहे?

पिछले कुछ समय से कोहली के स्ट्राइक रेट पर सवाल उठ रहे हैं. बीसीसीआई के सचिव जय शाह ने आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप के लिए कप्तान के रूप में रोहित शर्मा के नाम का तो एलान कर दिया है लेकिन विराट कोहली के नाम पर बहस छिड़ी हुई है.

विराट कोहली और केएल राहुल टी-20 विश्व कप में खेल पाएँगे या नहीं, यह आईपीएल के शुरुआती मैचों में उनके प्रदर्शन पर बहुत हद तक निर्भर करेगा.

कोहली ने बनाया आठवाँ शतक

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राजस्थान रॉयल्स के ख़िलाफ़ विराट कोहली ने शतकीय पारी खेली. कोहली आईपीएल 2024 में शतक बनाने वाले पहले बल्लेबाज़ बने. ये उनका आठवाँ शतक था.

टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा शतक उन्हीं के नाम है. इस दौरान उन्होंने 7500 रनों का आँकड़ा भी पार कर लिया.

राजस्थान रॉयल्स के ख़िलाफ़ उनका ये पहला शतक था.

कोहली का सबसे धीमा शतक

कोहली ने नांद्रे बर्गर की गेंद पर एक रन के साथ 67 गेंदों में अपनी उपलब्धि हासिल की.

कोहली ने 39 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया और अगले 50 रन 28 गेंद में बनाये. ये उनका आईपीएल में सबसे धीमा शतक था.

मनीष पांडेय ने साल 2009 में 67 गेंद पर आईपीएल का सबसे धीमा शतक बनाया था. अब विराट कोहली का नाम भी इस अनचाहे रिकॉर्ड से जुड़ गया है.

19वें ओवर में कोहली 98 रन पर थे. उस ओवर में बेंगलुरु के बल्लेबाज़ एक भी बाउंड्री नहीं लगा पाए और सिर्फ़ चार रन बने.

सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए कोहली

कोहली

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सोशल मीडिया पर लोग ‘धीमे कोहली’ को लेकर हमलावर नज़र आए. लोग कोहली को 'स्वार्थी' कहकर ट्रोल करने लगे.

कोहली आख़िर तक आउट नहीं हुए और 72 गेंदों पर 113 रन बनाकर नॉट आउट रहे. कोहली ने अपनी पारी में 12 चौके और तीन छक्के जड़े.

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम 3 विकेट पर 183 रन बना पाई. कोहली के रहते टीम 200 तक नहीं पहुँच पाी. फ़ैफ़ डू प्लेसी ने 33 गेंदों पर 44 रन बनाए.

अश्विन और चहल के सामने पस्त

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मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

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रविचंद्रन अश्विन और युजवेंद्र चहल ने बीच के ओवरों में किफ़ायती गेंदबाज़ी की.

अश्विन ने चार ओवर में 28 रन दिये जबकि चहल ने 34 रन देकर दो विकेट चटकाये. स्पिनर के ख़िलाफ़ कोहली संघर्ष करते नज़र आए.

कोहली ने अपनी पारी के बाद कहा, "वास्तव में गेंद बल्ले पर नहीं आ रही थी. यहां तक कि कुछ शॉट जो मैंने युजवेंद्र चहल के ख़िलाफ़ खेलने की कोशिश की, बस उन्हें स्लॉग कर पाया, गेंद बल्ले के नीचे से जा रही थी. यहां तक कि आर अश्विन की कैरम गेंद के नीचे आकर गेंद को मिड विकेट के ऊपर से मारना मुश्किल था. बल्लेबाज़ी करनी काफ़ी मुश्किल थी.”

कोहली और फ़ैफ़ ने शुरुआत अच्छी की और पॉवर प्ले में 53 रन बनाए. लेकिन जल्द ही उन्हें अहसास हो गया की पिच धीमी है और गेंद नीची रह रही है.

उसके बाद उन्होंने संभल कर बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया. कोहली और कप्तान फ़ैफ़ डू प्लेसी ने पहले विकेट के लिए 125 रनों की साझेदारी की.

ब्रेक के दौरान कोहली ने खुद का बचाव किया और कहा कि इस पिच पर बल्लेबाज़ी करना आसान नहीं था.

उन्होंने कहा, “पिच को देखते हुए बल्लेबाज़ी करनी होती है. मैं अति-आक्रामक नहीं हो सकता. मैं ऐसा नहीं कर सकता कि विपक्षी मुझे भाँप लें. मैं गेंद को अच्छी तरह से हिट कर रहा था और मुझे पता था कि मैं किसी भी समय आगे बढ़ कर मार सकता हूं. लेकिन मैं गेंदबाज़ों को भ्रम में डाले रखना चाहता था.”

“वे चाहते थे कि मैं हिट करूँ ताकि उन्हें जल्दी से मेरा विकेट मिल जाए. लेकिन मुझे लगा कि अगर मैं सेट हूं और छह ओवर से अधिक बल्लेबाज़ी करता हूं, तो हमारे पास अच्छा मौक़ा होगा बड़ा स्कोर खड़ा करने का.”

इस साल टूर्नामेंट में पाँच मैचों में कोहली ने 146 के स्ट्राइक रेट से 316 रन बनाए हैं और ऑरेंज कैप पर फ़िलहाल उनका ही क़ब्ज़ा है. तेज़ गेंदबाज़ों के ख़िलाफ़ उनका स्ट्राइक रेट क़रीब 172 का है जबकि स्पिनर के ख़िलाफ़ 139 का.

भारी पड़ा बटलर का शतक

राजस्थान रॉयल्स

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राजस्थान रॉयल्स की टीम 184 रन का पीछा करने उतरी तो जोस बटलर और कप्तान संजू सैमसन ने विराट कोहली की दावों की धज्जियाँ उड़ा दी.

हालाँकि युवा सलामी बल्लेबाज़ यशस्वी जायसवाल शून्य के स्कोर पर ही आउट हो गए. जायसवाल के लिए ये सीज़न अभी तक अच्छा नहीं रहा है.

मगर अब तक नाकाम चल रहे जोस बटलर ने इस मैच में ज़बरदस्त वापसी की. बटलर ने पिछले तीन मैचों में 11, 11 और 13 रनों की पारी खेली थी, कोहली ने बटलर का एक कैच छोड़कर शुरुआत में ही मौक़ा भी गंवा दिया.

इसके बाद तो बटलर और सैमसन ने बेंगलुरु के गेंदबाज़ों की धुनाई कर दी.

जिस पिच पर कोहली समेत बेंगलुरु के बल्लेबाज़ संघर्ष कर रहे थे, वहां बटलर-सैमसन आसानी से रन बरसाते रहे. बटलर ने 30 और सैमसन ने 33 गेंदों पर अपने अर्धशतक पूरे किए.

साफ़ है कि दोनों टीम की गेंदबाज़ी में भी बड़ा अंतर है. लेकिन फील्डिंग में बेंगलुरु ने ज़्यादा निराश किया.

ओवर-थ्रो के रन से लेकर रन आउट के मौके छोड़ने तक बेंगलुरु ने राजस्थान का काम आसान किया.

दोनों के बीच सिर्फ 86 गेंदों में 148 रनों की साझेदारी हुई. संजू सैमसन 42 गेंद में 69 रन बनाकर आउट हुए. रियान पराग ने 4 और ध्रुव जुरेल ने दो रन बनाए.

जोस बटलर ने 58 गेंद में 9 चौके और 4 छक्के की मदद से नाबाद 100 रन बनाए. हेटमायर ने नाबाद 10 रन बनाए.

मैन ऑफ़ द मैच जोस बटलर रहे. मैच के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कप्तान फ़ैफ़ डू प्लेसी ने हार का ठीकरा टॉस पर फोड़ दिया.

उन्होंने कहा, "विराट के साथ वहां बल्लेबाज़ी करते हुए, हमें विकेट वास्तव में मुश्किल और नीचा लगा. हमें लगा कि 190 एक अच्छा स्कोर होगा. मुझे लगा कि हम अंत तक 10 या 15 रन और बना सकते थे. टॉस जीतना अच्छा था.”

“आपने देखा कि ओस के साथ पिच का मिज़ाज कितना बेहतर था. विराट बैकएंड पर वास्तव में अच्छा खेल रहे थे, चाहे वह विराट हो या ग्रीनी या डीके, हम कुछ और रन बना सकते थे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं. हिट करना काफी मुश्किल है.”

वहीं संजू सैमसन ने कहा, "मुझे लगा कि 190 से कम स्कोर पर कुछ भी हो सकता है. थोड़ी सी ओस आ रही है और हमारे पास जो बल्लेबाज़ी क्रम है, उसे देखते हुए मुझे लगा कि पीछा करने के लिए यह एक अच्छा स्कोर था. टचवुड, कुछ और खेल बाकी है, हम अच्छी गेंदबाज़ी कर रहे हैं. और हमें एक ब्रेक मिला है, जो हमें चार्ज करने और तरोताज़ा होने में मदद करेगा.”

इस सीज़न रॉयल्स का प्रदर्शन शानदार रहा है चार गेम, चार जीत, लेकिन उन्हें भी पता है कि एक अच्छी शुरुआत आईपीएल में आगे बढ़ने की कोई गारंटी नहीं है.

जहां तक आरसीबी का सवाल है, तो टीम मैनेजमेंट को बहुत सारी समस्याओं पर काम करना है.

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