विनेश फोगाट के मामले में पूछे जा रहे सवालों के जवाब क्या हैं?

विनेश फोगाट

इमेज स्रोत, Getty Images

पहली बार महिला कुश्ती के फाइनल में पहुंचीं विनेश फोगाट से देश को गोल्ड मेडल की उम्मीद थी, लेकिन पेरिस ओलपिंक में फाइनल खेलने से पहले ओवरवेट होने की वजह से उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया.

टोक्यो ओलपिंक में निराशाजनक प्रदर्शन करने वाली विनेश फोगाट की वापसी की कहानी दिल टूटने के साथ समाप्त हुई.

ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि विनेश फोगाट ने फाइनल में पहुंचकर सिल्वर मेडल पक्का कर लिया था, लेकिन 50 किलोग्राम से 100 ग्राम ज़्यादा होने पर उनका सपना टूट गया. ऐसे में उनको सिल्वर भी नहीं मिला.

विनेश फोगाट को इसका अंदाजा पहले से था. वो इस साल ही अप्रैल में कह चुकी थीं कि 50 किलोग्राम वर्ग को देखते हुए अगले चार महीनों में वजन प्रबंधन करना चुनौती होगा.

बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
इमेज कैप्शन, बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

उन्होंने अप्रैल 2024 में कहा था, ‘‘मुझे अपने वज़न को बेहतर तरीके से प्रबंधित करना होगा. मैंने लंबे समय के बाद अपने वज़न को कम कर 50 किलो तक किया है.’’

इस दौरान विनेश फोगाट ने ये भी कहा था कि उन्होंने वज़न में ये बदलाव इसलिए किया क्योंकि और कोई विकल्प नहीं था.मैं खुश हूं कि ओलपिंक खेलने का मौका मिल रहा है.

उनका कहना था कि उन्हें 50 किलोग्राम वर्ग या 53 किलोग्राम वर्ग में से किसमें मौका मिलेगा? ये ट्रायल पर निर्भर करता है.

इसके बाद कई सवाल उठ रहे हैं कि आख़िर विनेश फोगाट को 53 किलोग्राम वर्ग के लिए क्यों नहीं भेजा गया? क्या विनेश फोगाट को सिल्वर मेडल मिलेगा? उनके पास क्या विकल्प बचे हैं?

जानते हैं ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब...

खिलाड़ियों को अयोग्य ठहराने के नियम क्या हैं?

विनेश फोगाट

इमेज स्रोत, Getty Images

ओलपिंक की वेबसाइट के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय नियमों के तहत तय वज़न से अधिक वज़न पाए जाने पर पहलवान को अयोग्य करार दिया जाता है.

इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन के चीफ़ मेडिकल ऑफिसर डॉ. दिनशॉ परदीवाला ने कहा, ''वज़न को कम करना या इसमें कटौती करना एनर्जी में कमी की वजह बनता है."

"फिर वज़न करने के बाद एनर्जी के लिए खिलाड़ी को सीमित मात्रा में पानी और ज्यादा एनर्जी वाला फूड दिया जाता है.”

“विनेश फोगाट के न्यूट्रिशनिस्ट को लगा कि वो 1.5 किलोग्राम की सामान्य मात्रा लेती है, लेकिन कभी-कभी प्रतियोगता के बाद वज़न बढ़ जाता है.''

दिनशॉ परदीवाला ने कहा, ''विनेश ने लगातार तीन मुक़ाबले खेले थे और ऐसे में डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए उन्हें पानी देना पड़ा, जिससे उनका वज़न बढ़ गया."

उनके मुताबिक़ विनेश के कोच ने वज़न घटाने के लिए वो सब किया जो हमेशा करते थे, लेकिन इस बार उन्हें सफलता नहीं मिली.

क्या विनेश को सिल्वर मेडल मिलेगा?

विनेश फोगाट के अयोग्य घोषित होने के बाद यह चर्चा भी चली है कि क्या उन्हें फ़ाइनल पहुँचने पर सिल्वर मेडल मिल सकता है.

इमेज स्रोत, Getty Images

ओलंपिक फ़ाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रचने वालीं विनेश फोगाट को सिल्वर मेडल मिलने की संभावना ना के बराबर है.

यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग के चीफ नेनाद लालोविक ने कहा है कि हमें नियमों का सम्मान करना होगा.

"हर खिलाड़ी को नियम पता होते हैं. मुझे दुःख है कि विनेश फोगाट के साथ ऐसा हुआ. जिसका वज़न नियमो के तहत नहीं है उन्हें मेडल देना या खेलने की अनुमति देना संभव नहीं है.''

उन्होंने आगे कहा, ''आज अगर 100 ग्राम ज़्यादा होने पर किसी खिलाड़ी को खेलने की अनुमति दी जाएगी तो आगे फिर 200 ग्राम ज्यादा होने पर भी देनी होगी. ऐसे में इसका किसी भी जगह अंत नहीं होगा.''

क्या विनेश फोगाट ख़ुद को चोटिल बता सकती थीं?

भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान वीरेन रस्किन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस सवाल का जवाब दिया है.

उन्होंने कहा कि कोई भी खिलाड़ी ऐसा नहीं कर सकता. ऐसा टूर्नामेंट के डॉक्टर के सर्टिफाइड करने पर ही होता है. प्लेयर वज़न के लिए नहीं आता है तो उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा.

एक सवाल यह भी है कि विनेश फोगाट 53 किलोग्राम भार वर्ग की बजाए 50 किलोग्राम में क्यों लड़ी?

विनेश फोगाट ने 2016 के रियो ओलंपिक में 48 किलोग्राम भार वर्ग में मुक़ाबला लड़ा था, लेकिन वो कामयाब नहीं हुई. इसके बाद वो टोक्यो ओलंपिक में 53 किलोग्राम भार वर्ग में मैदान में उतरीं थीं.

विनेश फोगाट

दूसरी ओर अंतिम पघाल ने वर्ल्ड चैंपियनशीप 2023 में कांस्य पदक जीता था. इस कारण भारत का पेरिस ओलंपिक में 53 किलोग्राम भार वर्ग में खेलने का रास्ता साफ हुआ.

इस तरह अंतिम पघाल को 53 किलोग्राम भार वर्ग में पेरिस ओलपिंक में लड़ने के लिए हरी झंडी मिल गई.

सवाल उठ रहे हैं कि आख़िर विनेश फोगाट का वजन जब 55 किलोग्राम था तो वो 50 किलोग्राम भार वर्ग में क्यों लड़ी?

इसका जवाब भारतीय हॉकी टीम के पूर्व खिलाड़ी वीरेन रस्किन्हा ने देते हुए कहा कि दुनिया के लगभग सारे पहलवान अपने वज़न से 3-4 किलो कम पर लड़ाई करते हैं.

विनेश पिछले 5-6 साल से 53 किलोग्राम भार वर्ग में लड़ रही थीं, लेकिन 17 अगस्त 2023 को उनकी एसीएल सर्जरी होने के बाद इससे उभरने के दौरान अंतिम अंतिम पघाल 53 किलोग्राम कोटा में ओलपिंक के लिए क्वालीफाई कर गईं.

विनेश फोगाट के पास विकल्प बचा है?

कोई प्लेयर वज़न के लिए न आए तो भी उसे अयोग्य करार दिया जाता है.

इमेज स्रोत, Getty Images

विनेश फोगाट ने कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट में अयोग्य घोषित होने को लेकर अपील की है.

फोगाट ने मांग की है कि उन्हें संयुक्त तौर पर रजत पदक दिया जाए. न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, इसको लेकर फैसला गुरुवार को आ सकता है

दूसरी ओर विनेश फोगाट को अयोग्य ठहराए जाने के बाद अमेरिका महिला पहलवान सारा एन हिल्डेब्रांट ने गोल्ड मेडल जीत लिया.

हिल्डेब्रांट ने फ़ाइनल मुक़ाबले में क्यूबा की युस्नेलिस गुजमैन लोपेज को हरा दिया. लोपेज को सेमीफाइनल में विनेश फोगाट ने हराया था.

इन सबके बीच विनेश फोगाट की ऐसी हिम्मत टूटी कि उन्होंने कुश्ती को अलविदा कह दिया.

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''मां, कुश्ती मेरे से जीत गई, मैं हार गई. माफ करना. आपका सपना, मेरी हिम्मत सब टूट चुके. इससे ज्यादा ताकत नहीं रही अब. अलविदा कुश्ती 2001-2024. आप सबकी हमेशा ऋणी रहूंगी.''

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)