ओलंपिक के बावजूद ग्राहकों के लिए क्यों जूझ रहे हैं पेरिस के होटल-रेस्तरां मालिक

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- Author, जेम्स फ़िट्ज़गेराल्ड, पेरिस से और लंदन से इडो वॉक और सीन सेडान
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
फ्रांस में 2024 के ओलंपिक खेलों के शुरू होने से पहले महंगाई और भारी भीड़ पर चिंता व्यक्त करने वालों के लिए अब पेरिस में छुट्टी मनाने का एक अच्छा अवसर हो सकता है.
पेरिस में होटल और रेस्टॉरेंट ने ग्राहकों को लुभाने के लिए अपनी क़ीमतों में भारी कमी कर दी है.
बीबीसी से बातचीत में होटल और रेस्टॉरेंट के प्रबंधकों ने इस बात की पुष्टि की है.
कुछ लोग खेल के दौरान इस गिरावट पर सवाल उठाते हुए पूछे रहे हैं कि 'आख़िर इस आयोजन से उन्हें क्या मिला?’

दुनियाभर में टीवी पर ओलंपिक खेल देखने वालों के लिए फ्रांस की राजधानी पेरिस अभी भले ही दुनिया के केंद्र में है लेकिन शहर की खाली सड़कें और खाली डाइनिंग टेबल एक अलग ही कहानी बताते हैं.
सप्ताह की शुरुआत में स्थानीय मीडिया ने एक तरफ़ जहां सूनसान पड़े डिज़्नीलैंड की रिपोर्ट दिखाई तो वहीं पीक ऑवर में मेट्रो में आसानी से जगह मिल जाने जैसी ख़बरें भी ख़ूब चलीं.
आमतौर पर पीक ऑवर में मेट्रो में यात्रियों को सीट के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.

तो आख़िर हो क्या रहा है?

विश्लेषकों के अनुसार, पेरिस में जैसी परंपरा है, गर्मियों के लिए बड़ी संख्या में पेरिसवासी बाहर चले गए.
जबकि दूसरी ओर ओलंपिक की वजह से क़ीमतों में बढ़ोतरी और भीड़भाड़ की चिंताओं के कारण विदेशी पर्यटकों में भी कोई उत्साह नहीं दिखा.
होटल और रेस्टॉरेंट द्वारा क़ीमतों में कमी को 'विनाशकारी' बताने वालों में से एक लाइज़ रेस्तरां के मालिक हैं, जिनका रेस्तरां पेरिस में आमतौर पर काफ़ी हलचल वाले इलाके़ लैटिन क्वार्टर में है. उनका कहना है कि 25 सालों में इस बार जुलाई सबसे ख़राब महीना रहा है.
बीबीसी से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यहाँ तक की कोविड के पीक टाइम में लोगों ने कम से कम भोजन का ऑर्डर देना जारी रखा था.
उन्होंने बताया की पिछले सप्ताह ओलंपिक उद्घाटन समारोह के मद्देनज़र सुरक्षा बंदोबस्त के कारण कई पर्यटकों को इस तरफ़ आने से रोक दिया गया था.
पड़ोस के ही एक अन्य रेस्तरां मालिक यारवा कहते हैं, “ओलंपिक के कारण कई गुना बढ़ी होटल क़ीमतों से संभावित ग्राहक बिदक गए थे. यह आयोजन केवल अमीरों के लिए था.”
हाथ से इशारा करते हुए यारवा कहते हैं कि क़ीमतों में उछाल अप्रत्याशित था.
एयरलाइन्स को भी क़ीमतें कम करनी पड़ीं

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हालांकि खेलों से पहले ही डेल्टा एयरलाइन्स और एयर फ़्रांस दोनों विमानन कंपनियों ने अपने व्यवसाय पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में आगाह कर दिया था.
एयरलाइंस के अनुसार, पेरिस की यात्रा के लिए लोगों में उत्साह कम है.
सीएनबीसी से बात करते हुए डेल्टा प्रमुख ने कहा कि "अभी जो लोग ओलंपिक जा रहे हैं वही पेरिस जा रहे हैं.”
'द इंडिपेंडेंट' के लिए वीकली कॉलम लिखने वाले ट्रैवल एक्सपर्ट साइमन काल्डर के अनुसार, आमतौर पर इस समय हर साल की क़ीमतों से अभी के हवाई टिकट के दाम बहुत कम थे.
फ्लाइट टिकटों में गिरावट का अंदाज़ा आप इस बात से लगा सकते हैं कि इस रिपोर्ट के लिखे जाने के समय तक ब्रिटेन के शहरों में से एक एडिनबर्ग से पेरिस तक का एक तरफ़ का किराया प्रति व्यक्ति 31 पाउंड (क़रीब 3326 रुपये) था.
जबकि यूरोस्टार ट्रेनों के टिकट, फ्रेंच रेलवे नेटवर्क में पिछले हफ्ते तोड़-फोड़ के कारण काफी अधिक थे.
पेरिस शहर के बीस होटलों में से एक का प्रतिनिधित्व करने वाली होटल मार्केटिंग फ़र्म डूईल्ड के रफाएल बाटको का कहना है कि जून और जुलाई में 'अवायडेंस इफ़ेक्ट' काम कर रहा था यानी लोग आने से परहेज़ कर रहे थे.
उन्होंने भी इस परिघटना के लिए "विनाशकारी" शब्द का इस्तेमाल किया, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अब आने वालों की संख्या बढ़ी है और संतोषजनक है.
हालांकि इसी तरह के 'अवायडेंस इफ़ेक्ट' का असर 2012 में लंदन समेत पहले के अन्य ओलंपिक खेलों में भी देखा जा चुका है जब खेलों की वजह से पर्यटकों का आना कम हो गया और व्यवसायों का मुनाफ़ा भी कम हुआ.
अब देखने वाली बात यह होगी कि हास्पिटैलिटी सेक्टर द्वारा उठाए गए आपातकालीन उपाय पेरिस के व्यापारियों को कितना उबार पाते हैं.

ओलंपी डाइनर के मालिक रियाद का दावा है कि रेस्तराओं की क़ीमतों कम करने के कारण अब यहाँ लैटिन क्वार्टर में आप 8 यूरो (लगभग 729 रुपये) में भी खाना खा सकते हैं.
होटलों ने भी इसी तरह के तरीक़ों का इस्तेमाल किया है. उन्होंने पहले की बढ़ी हुई दरों को अब कम कर दिया है.
पर्यटन अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि अब खेलों के दौरान होटलों में एक रात ठहरने का औसत चार्ज 219 पाउंड या 23,500 रुपये आ गया है जो पिछले महीने लगभग 31,285 रुपये के आसपास पहुंच गया था.
बीबीसी ने भी कई ऐसे एयरबीएनबी देखे जो कम क़ीमत का विज्ञापन डाले हुए थे.
हालांकि कंपनियों का कहना था कि साल की शुरुआत से ही क़ीमतें स्थिर हो गई थीं और मेज़बान शहर के स्थानीय लोग अपने घरों के दरवाज़े किराए पर देने के लिए खोलने लगे थे.
उधर, पेरिस में निजी होटल मालिकों ने पर्यटकों के आने को लेकर मिले जुले प्रभाव की बात कही.
रिसेप्शन मैनेजर डीनो ने कहा कि अब क़ीमतों के आधे करने के बाद बुकिंग समान्य स्तर पर आ चुकी है.
दूसरे रिसेप्शन मैनेजर इसबेले ने कहा कि उन्हें क़ीमत कम करने का भी कोई फ़ायदा नहीं मिला. वो कहते हैं, “ओलंपिक से हमें कुछ नहीं मिला.”

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चूज़ पेरिस रीज़नल टूरिस्ट बोर्ड के प्रमुख क्रिस्टोफर डेकलॉक्स कहते हैं, "खेल के अलावा गर्मियों में पेरिस आने के कई और अच्छे कारण थे."
उन्होंने पेरिस की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, बहुत आसान सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और खेलों के दौरान 'खुशनुमा माहौल' का हवाला दिया.
वो कहते हैं, “जुलाई के अंत और अगस्त की शुरुआत में अधिकांश लोगों के छुट्टियों में बाहर पर जाने के कारण पेरिस सामान्य तौर पर बहुत शांत शहर हो जाता है और अभी भी ये उसी तरह से शांत है जिस तरह की शांति अगस्त में होती है, सिवाय उन इलाकों को छोड़कर जहां खेल हो रहे हैं.”
रिकॉर्ड टिकट बिक्री को लेकर पेरिस में 2024 ओलंपिक के आयोजनकर्ताओं ने सकारात्मक प्रभावों का काफ़ी प्रचार किया था.
बीते शुक्रवार को आयोजनकर्ताओं ने बीबीसी को बताया कि खेलों को देखना अभी भी संभव है क्योंकि रोज़ाना टिकट जारी किया जाता है. इनमें से क़रीब 8 लाख टिकट अभी भी उपलब्ध हैं.
खेल का महाकुंभ अपने आप में बहुत यादगार रहा है और अंतिम पलों का आनंद लेने की चाह रखने वालों के पास मोलतोल का अब मौका भी है.
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