ओलंपिक की शुरुआत पेरिस में कुछ इस दिलचस्प तरीक़े से हुई

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- Author, सोनिया ऑक्सले
- पदनाम, बीबीसी स्पोर्ट, पेरिस
पेरिस में 2024 ओलंपिक की शुरुआत बिल्कुल अलग अंदाज़ में हुई, जहां हज़ारों एथलीट्स की टीमें सीन नदी में नावों पर सवार होकर ओपनिंग सेरेमनी की परेड में शामिल होती दिखीं.
इस दौरान पुलों, नदी के किनारों और छतों पर लाइव परफ़ॉर्मेंस हो रहे थे.
पहली बार यह समारोह किसी स्टेडियम में नहीं, बल्कि शहर के बीचों-बीच हुआ है.
चार घंटे तक चले इस शानदार कार्यक्रम का समापन फ़्रेंच जूडो के महान
खिलाड़ी टेडी रिनर और स्प्रिंटर मैरी-जोसे पेरेक ने एक गर्म हवा के ग़ुब्बारे को छोड़ कर किया, जिसने पेरिस के आसमान में काफ़ी ऊपर तक उड़ान भरी.

250 प्रतिनिधिनंडल के 6,800 एथलीट्स जब 85 नावों और बजरों पर सवार होकर परेड कर रहे थे तो फ़्रांसीसी राजधानी के सबसे प्रसिद्ध स्थल ऑस्टेरलिट्ज़ ब्रिज लाल, सफ़ेद और नीले रंग की आतिशबाज़ी से नहा उठा.
इस पूरे समारोह के दौरान कुछ बेहतरीन सांस्कृतिक कार्यक्रम भी देखने को मिले. इनमें अमेरिकी सिंगर-सॉन्ग राइटर लेडी गागा का गाना और कनाडाई आइकन सेलिन डियोन की भावुक वापसी भी शामिल थी.
हालांकि इस दिन की शुरुआत एक बड़ी परेशानी से हुई क्योंकि तोड़-फोड़ की कार्रवाई से फ़्रेंच ट्रेन नेटवर्क प्रभावित था और शाम को भारी बारिश हो गई जिससे 'सूरज की रोशनी से पानी पर चमक' पैदा करने की आर्टिस्टिक डायरेक्टर थॉमस जॉली की योजना पर पानी फिर गया.
सबसे आख़िर में अमेरिका और फ़्रांस की नाव

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इस दौरान भारी बारिश के दौरान एथलीट्स को रेनकोट और छातों का सहारा भी लेना पड़ा लेकिन इसमें भी उनका उत्साह कम नहीं हुआ.
दो हज़ार से अधिक संगीतकार, डांसर्स और दूसरे कलाकार फ़्रांस के इतिहास, कला और खेल को अपने परफ़ॉर्मेंस के ज़रिए बताते रहे.
दो आख़िरी नाव जो आईं वो पहली अमेरिका की थी क्योंकि लॉस एंजेलिस में 2028 के ओलंपिक खेल आयोजित होंगे जबकि इसके बाद फ़्रांस की नाव आई जिसमें खिलाड़ियों का सबसे बड़ा दल था. इसके साथ ही अलग-अलग प्रतिनिधिमंडल की नाव भी साथ थी.
ग्रेट ब्रिटेन की ओर से फ़्लैगबियरर (ध्वज वाहक) रोवर हेलेन ग्लोवर और डायवर डॉम डेली थे.
पेरिस में तीसरी बार ओलंपिक का आयोजन हो रहा है जबकि वहां 100 सालों में ये पहली बार आयोजन है.
33वें ग्रीष्मकालीन ओलंपिक की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय और घरेलू राजनीतिक मुश्किलों के बीच हो रही है.
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के प्रमुख थॉमस बाख़ ने एथलीट्स से कहा कि वे उस समारोह का हिस्सा हैं जो विश्व को शांति के लिए एकजुट करता है.
इस समारोह में 32 खेलों में 10,500 से अधिक खिलाड़ी पदकों के लिए ज़ोर आज़माइश करेंगे और इसका समापन 11 अगस्त को होगा.
पेरिस में तीसरी बार ओलंपिक खेलों का आयोजन हो रहा है.
बेहद हटके था उद्घाटन समारोह

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जब पहली बार आयोजकों ने ओपनिंग सेरेमनी को स्टेडियम की बजाय शहर के बिल्कुल केंद्र में नदी के किनारे करने की योजना को सामने रखा था तो उनके इस फ़ैसले पर कई लोगों ने सवाल खड़े किए थे कि इतने बड़े आयोजन को कैसे सुरक्षा प्रदान की जाएगी.
स्वच्छता को लेकर ख़ुद सीन नदी सवालों के घेरे में रही थी. छह किलोमीटर लंबे रास्ते में बिना ड्रेस रिहर्सल के हज़ारों खिलाड़ियों का परिवहन बहुत महत्वाकांक्षी योजना लगी.
लेकिन शुक्रवार की शाम को दसियों हज़ार पुलिस और सुरक्षा दस्तों की मदद से पेरिस ने अपनी योजना को बहुत शानदार ढंग से अंजाम दिया.
पेरिस में अबतक रहे धूप वाले दिन के बाद ख़राब मौसम को देखते हुए, ये शायद ठीक ही था कि समारोह की शुरुआत में योजना के मुताबिक ओलंपिक मशाल नहीं पहुंची.
मशाल वाहक को मेमो नहीं मिला था कि यह समारोह स्टेड डी फ़्रांस में नहीं हो रहा है और इसके बाद जब वो मशाल ले जाने को हुए तो ज़िनेदिन ज़िदान की मेट्रो ट्रेन ठप पड़ गई.
समारोह में बैले, फ़्रांसीसी नृत्य कैनकन, ओपेरा और प्रसिद्ध आतिशबाज़ी ने माहौल को जीवंत कर दिया.
बीच बीच में एक नकाबबोश टॉर्च बियरर आस्टेर्लिट्ज़ ब्रिज से पोंट डे'लेना तक छतों से होते हुए दौड़ते दिखा.
हाथों में झंडे फहराते खिलाड़ियों से भरी नावें प्रसिद्ध जगहों से होकर गुजरीं जैसे लॉवरे म्यूज़ियम, एफ़िल टॉवर, ग्रैंड पैलेस और आर्क डी ट्रिओम्पी.
भारत के 117 खिलाड़ियों का दल

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स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने पेरिस ओलंपिक 2024 के ओपनिंग सेरेमनी में भारतीय दल का नेतृत्व किया.
नाव पर सवार सिंधु भारतीय झंडा लेकर लहराते हुई दिखीं. इस दौरान सभी भारतीय खिलाड़ी अपने हाथों में भारतीय झंडा लिए दिखे.
भारत ने ओलंपिक 2024 के लिए 117 खिलाड़ियों का दल पेरिस भेजा है.
2020 टोक्यो ओलंपिक में भारत ने सात पदक जीते थे जो ओलंपिक में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है.
ऐसे में अब भारत का लक्ष्य होगा अपने मेडल्स की संख्या को डबल डिजिट यानी 10 से ज़्यादा करना.
लेकिन विश्लेषकों के मुताबिक़ पेरिस ओलंपिक में ये मुक़ाम हासिल करना भारतीय दल के लिए बहुत बड़ी चुनौती होगी.
भाला फेंक में मौजूदा चैंपियन नीरज चोपड़ा को छोड़ दें तो बाक़ी एथलीट अपनी-अपनी स्पर्धाओं में शीर्ष दावेदार नहीं हैं.

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शांति का आह्वान
बीजिंग 2022 विंटर ओलंपिक गेम्स के बाद से ही यूक्रेन और ग़ज़ा में युद्ध शुरू हुआ था.
ओपनिंग सेरेमनी के दौरान अपने भाषण में आईओसी प्रमुख थॉमस बाख़ ने कहा कि युद्धों और संघर्षों से बिखरी दुनिया में इस एकता को शुक्रिया कि "206 राष्ट्रीय ओलंपिक कमेटियों और आईओसी रेफ़्यूजी ओलंपिक टीमों के खिलाड़ियों को एकजुट करते हुए, हम सब इस रात एक साथ हैं."
समारोह में शांति गान ने 'एकता और सहनशीलता' का पैगाम दिया.
दुनिया के दूसरे हिस्सों में जारी संघर्षों का असर इन ओलंपिक खेलों में भी दिखा. रूसी और बेलारशियन टीमों को यूक्रेन में रूसी आक्रमण के बाद प्रतिबंधित कर दिया गया था.
पेरिस में रूस के केवल 15 और बेलारूस के 17 खिलाड़ी इंडीविज़ुअल न्यूट्रल एथलीट्स (एआईएन) कैटेगरी में हिस्सा ले रहे हैं. और ये समारोह का हिस्सा नहीं थे.
जिन टीमों को दर्शकों की ओर से सबसे अधिक प्रोत्साहन मिला उनमें रेफ़्यूजी ओलंपिक टीम और पैलेस्टाइन ओलंपिक कमेटी के खिलाड़ियों की टीमें भी थीं.
इस समारोह में 100 से अधिक सरकारों के प्रमुख मौजूद थे, जिनमें सबसे प्रमुख नाम ब्रिटेन के नव निर्वाचित प्रधानमंत्री सर कीएर स्टार्मर और फ़्रांसीसी राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों का था.
शनिवार को 14 स्वर्ण पदकों के लिए खेलों का आयोजन किया जाए.
इनमें डाइविंग, फ़ेंसिंग, जूडो, रोड साइक्लिंग, रग्बी सीवेंस, शूटिंग, स्केटबोर्ड, तैराकी शामिल है.
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