पृथ्वी शॉ: एक होनहार खिलाड़ी कैसे आसमान से ज़मीन पर आ गया

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- Author, संजय किशोर
- पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
एक समय सचिन तेंदुलकर के उत्तराधिकारी माने जा रहे दाएं हाथ के प्रतिभाशाली बल्लेबाज़ पृथ्वी शॉ का करियर भँवर में फँस गया है.
24 साल के पृथ्वी को अधिक वज़न और कथित तौर पर अनुशासनहीनता के कारण मुंबई की रणजी ट्रॉफ़ी टीम से बाहर कर दिया गया है.
अब वे 26 अक्तूबर से अगरतला में त्रिपुरा के ख़िलाफ़ मैच में नहीं खेल पाएँगे.
सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर पृथ्वी शॉ ने प्रतिक्रिया दी है- “Need a break thx!” यानी उन्हें ब्रेक की ज़रूरत है.

होनहार पर अनुशासन पर सवाल

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एक बेहतरीन स्ट्रोक प्लेयर पृथ्वी शॉ ने अपने करियर की बेहतरीन शुरुआत की थी. पहले ही रणजी मैच में शतक. पहले ही दिलीप ट्रॉफ़ी मैच में शतक और सोने पर सुहागा-पहले टेस्ट में शतक.
ऐसे रिकॉर्ड के बावजूद एक बेहद प्रतिभाशाली बल्लेबाज़ कभी टीम का नियमित सदस्य नहीं बन पाया.
छह साल बाद उनके आँकड़ों के सामने लिखा है-5 टेस्ट, 6 वनडे और 1 टी20 अंतरराष्ट्रीय. एक बेहद हुनरमंद खिलाड़ी हाशिए पर है.
पृथ्वी शॉ अपने हुनर की बजाय ग़लत वजहों से ज़्यादा चर्चा में रहे हैं.
हालांकि मुंबई टीम प्रबंधन ने उन्हें टीम से बाहर करने के पीछे का सटीक कारण नहीं बताया, लेकिन यह माना जा रहा है कि उनके कोच फ़िटनेस और अनुशासन के प्रति उनके रवैए से ख़ुश नहीं हैं.
मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (एमसीए) की चयन समिति में संजय पाटिल (अध्यक्ष), रवि ठक्कर, जीतेंद्र ठाकरे, किरण पोवार और विक्रांत येलिगेटी शामिल हैं.
ऐसी रिपोर्ट है कि इन्होंने कम से कम एक रणजी ट्रॉफ़ी सत्र के लिए शॉ को बाहर करने का फ़ैसला किया है.
शॉ को बाहर करने का फ़ैसला सिर्फ़ प्रबंधन और चयनकर्ताओं का फ़ैसला नहीं था. यहाँ तक कि कप्तान और कोच भी उन्हें टीम से बाहर करना चाहते थे.
सूत्रों के अनुसार, शॉ की अनुशासनहीनता महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन के लिए बड़ा सिरदर्द बन गई है.
गया टू मुंबई

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नेट सत्र में देर से रिपोर्ट करना टीम प्रबंधन के लिए सबसे बड़ी चिंताओं में से एक है. ख़बरों में ये दावा भी किया जा रहा है कि वे नेट सत्र को गंभीरता से नहीं लेते और अनियमित भी हैं.
शॉ सस्ते में आउट होने के बाद भी कई अभ्यास सत्रों से ग़ायब रहे. कई लोग उन्हें अधिक वज़न वाला भी मानते हैं, जो उनके पेशे के प्रति अनुशासन की कमी को भी दर्शाता है.
शॉ ने इस सीज़न में अब तक जो दो रणजी मैच खेले हैं, उनमें उन्होंने बड़ौदा के ख़िलाफ़ 7 और 12, महाराष्ट्र के विरुद्ध 1 और नाबाद 39 रन बनाए हैं.
पृथ्वी शॉ का परिवार क़रीब ढाई दशक पूर्व बिहार के गया से मुंबई में जा बसा था. छोटे क़द के पृथ्वी शॉ ने स्कूल क्रिकेट से ही अपनी बड़ी पहचान बना ली थी.
साल 2013 में हैरिस शील्ड स्कूल टूर्नामेंट में पृथ्वी ने 14 साल की उम्र में 546 रन बनाकर विश्व रिकॉर्ड बना डाला.
साल 2017 में 17 साल के पृथ्वी ने मुंबई की ओर से रणजी ट्रॉफ़ी में क़दम रखा. मैच की दूसरी पारी में शतक लगाया और मैन ऑफ़ द मैच रहे.
शॉ ने दिलीप ट्रॉफ़ी के अपने पहले मैच में शतक बनाकर सचिन तेंदुलकर की बराबरी कर ली थी.
सचिन ने भी रणजी और दिलीप ट्रॉफ़ी के पहले मैच में ही शतक लगाया था. इससे पहले अपनी कप्तानी में उन्होंने अंडर-19 भारतीय टीम को साल 2018 में विश्व चैंपियन बनाया था.
सचिन तेंदुलकर क्लब में

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2018 में राजकोट में वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ उन्हें टेस्ट कैप मिला था. तब वे 18 साल के थे. वे सचिन तेंदुलकर के बाद सबसे कम उम्र में टेस्ट क्रिकेटर बने.
साथ ही उन्होंने अपने पहले टेस्ट में ही शतक लगाया. आईसीसी यानी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने उसी साल पृथ्वी शॉ को पाँच उभरते खिलाड़ियों में शामिल किया था.
रिकॉर्ड, दौलत और शोहरत पृथ्वी शॉ का मानों पीछा कर रहे थे.
वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ अपनी पहली टेस्ट सिरीज़ के दो टेस्ट मैचों में 237 रन बनाने के बाद, शॉ ने अगली बार फरवरी 2020 में भारत के लिए खेला.
2018-19 में बॉर्डर-गावस्कर सिरीज़ के पहले मैच से पहले अभ्यास के दौरान उन्हें टखने में चोट लग गई और उन्हें सिरीज़ से बाहर होना पड़ा.
एक साल में ही पृथ्वी शॉ शोहरत के शिखर से बदनाम गली में आ गिरे. साल 2019 में बीसीसीआई ने डोपिंग और अनुशासनहीनता के आरोप में उन पर आठ महीने का प्रतिबंध लगा दिया.
सैयद मुश्ताक़ अली ट्रॉफ़ी के दौरान उनके नमूने में प्रतिबंधित पदार्थ पाया गया. पृथ्वी ने बाद में बताया कि कफ़ सिरप के कारण प्रतिबंधित पदार्थ उनके शरीर में प्रवेश कर गया.
इस घटना से सबक़ लेकर संभलने की बजाय, पृथ्वी शॉ साल दर साल ग़लतियाँ करते चले गए.
साल 2020 में न्यूज़ीलैंड के दौरे पर भारतीय बल्लेबाज़ों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा.
हालाँकि पृथ्वी ने दो मैच में 98 रन बनाए जिनमें एक अर्धशतक शामिल था. उस साल आईपीएल में भी पृथ्वी नाकाम रहे थे.
टीम से बाहर, विवाद जारी

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साल 2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी उन्होंने निराश किया. एडिलेड में खेले गए पहले टेस्ट में उनका स्कोर रहा शून्य और चार रन.
उनकी तकनीक पर भी सवाल उठने लगे और उन्हें ड्रॉप कर दिया गया. उसके बाद चार साल होने को आए, उन्होंने टेस्ट नहीं खेला है.
आख़िरी वनडे और इकलौता टी20 उन्होंने तीन साल पहले 2021 में खेला था.
मई 2021 में पृथ्वी शॉ गोवा में छुट्टियाँ मनाने पहुँच गए. गोवा पुलिस ने उन्हें लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में पकड़ा और पूछताछ की.
उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि ई-पास के बिना वे वहाँ नहीं जा सकते थे.
पृथ्वी शॉ इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2022 से पहले बेंगलुरु में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में यो-यो टेस्ट में फेल हो गए थे.
आईपीएल से पहले, चाहे वे घायल हों या नहीं, सभी केंद्रीय अनुबंधित खिलाड़ियों को यो-यो टेस्ट पास करना होता है.
हालाँकि पृथ्वी बीसीसीआई के अनुबंधित खिलाड़ियों में नहीं थे. वे दिल्ली कैपिटल्स टीम में शामिल थे. फिर भी उन्होंने यो-यो टेस्ट दिया और फ़ेल हो गए.
मीडिया ने उनके फ़िटनेस का मुद्दा ज़ोर-शोर से उठाया.
एक बार इंस्टाग्राम पर उनके एक पोस्ट को लेकर ख़ासा विवाद हुआ.
दरअसल, पृथ्वी की इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट आया जिसमें पृथ्वी और मॉडल निधि तपाडिया एक दूसरे को हवाई-किस कर रहे होते हैं.
साथ में संदेश था -हैपी वैलेंटाइन डे वाइफ़ी! बाद में पृथ्वी शॉ ने सफ़ाई दी कि उनका अकाउंट हैक हो गया था.
पिछले साल की शुरुआत में पृथ्वी की एक सोशल मीडिया इंफ़्लूएंसर सपना गिल के साथ अंधेरी के एक पब में लड़ाई हो गई थी.
आरोप है कि गिल ज़बरदस्ती उनके साथ सेल्फ़ी लेने पर अड़ी हुई थी. नौबत मारपीट तक पहुँच गई थी.
पृथ्वी पब में सेल्फ़ी नहीं लेने देना चाहते थे. बाद में उन्हें पब छोड़कर भागना पड़ा. उनकी कार का पीछा किया गया और बेसबॉल बैट से हमला भी किया गया.
सपना गिल ने पृथ्वी शॉ पर छेड़खानी का आरोप लगाया. हालाँकि बाद में अदालत ने उन्हें तमाम आरोपों से बरी कर दिया.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित















