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अलविदा बीजिंग, अब लंदन में मिलेंगे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चार साल बाद लंदन में मिलने के वादे के साथ पूरे धूम-धड़ाके के बीच बीजिंग ओलंपिक खेलों का समापन हो गया है. नब्बे हज़ार से ज़्यादा दर्शकों की क्षमता वाले बर्ड्स स्टेडियम में एक बार चीन के कलाकार बेहतरीन लोक कार्यक्रम पेश किया. उदघाटन समारोह की तरह समापन समारोह भी चकाचौंध कर देने वाली रोशनी के बीच संपन्न हुए. मंत्रमुग्ध कर देने वाले कार्यक्रमों के बीच भव्य आतिशबाज़ी ने भी समां बाँध दिया. समापन समारोह के आख़िर में चीन के मेयर ने लंदन के मेयर बोरिस जॉनसन को ओलंपिक ध्वज थमाया. वर्ष 2012 में लंदन ओलंपिक खेलों की मेज़बानी कर रहा है. अब अगले चार साल तक लंदन पर नज़र रहेगी. समापन समारोह में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन भी मौजूद थे. बीजिंग ओलंपिक को अब तक का सबसे अच्छा आयोजन माना जा रहा है. पंद्रह दिन तक चले ओलंपिक खेलों के दौरान चीन ने ना सिर्फ़ अपनी शानदार मेज़बानी से लोगों का दिल जीता बल्कि सबसे ज़्यादा स्वर्ण पदक जीत कर भी इतिहास रचा.
पहली बार पदक तालिका में चीन सबसे ऊपर रहा. जबकि अमरीका को दूसरे स्थान से ही संतोष करना पड़ा. भारत ने भी ओलंपिक के इतिहास में व्यक्तिगत स्पर्धाओं में पहली बार कोई स्वर्ण पदक जीता और उसे पहली बार एक साथ तीन पदक भी मिले. लेकिन पदक तालिका में उसका स्थान 50वाँ रहा. बीजिंग ओलंपिक खेल अमरीका के सुपर स्टार तैराक माइकल फेलप्स के आठ स्वर्ण पदक जीतकर एक नया कीर्तिमान बनाने के लिए जाना जाएगा तो बिजली की सी गति से दौड़ने वाले जमैका के उसैन बोल्ट के भी प्रदर्शन के लिए इस ओलंपिक को याद रखा जाएगा. कीर्तिमान कीनिया के सैमी वंजरू ने पुरुषों की मैराथन दौड़ जीती तो ओलंपिक का आख़िरी स्वर्ण पदक फ़्रांस के खाते में गया. फ़्रांस ने हैंडबॉल में जीत हासिल की.
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के प्रमुख जैक्स रोग ने कहा है कि इस बार खेलों के महाकुंभ का आयोजन वाकई शानदार रहा. उनका कहना था, "ओलंपिक के कारण दुनिया को चीन के बारे और चीन को शेष विश्व के बारे में और जानकारी हासिल करने में मदद मिली है." भारत ने इस ओलंपिक में एक स्वर्ण और दो काँस्य पदकों के साथ कुल तीन पदक जीते. भारतीय निशानेबाज़ अभिनव बिन्द्रा ने इस ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता जो व्यक्तिगत स्पर्द्धा में भारत का पहला स्वर्ण पदक भी था. मगर व्यक्तिगत मुक़ाबलों के आधार पर अगर इस ओलंपिक से किसी खिलाड़ी का नाम इतिहास में दर्ज होगा तो वो होंगे अमरीकी तैराक माइकल फ़ेल्प्स. उन्होंने अकेले ही आठ स्वर्ण पदक जीते यानी अगर फ़ेल्प्स को पदक तालिका में अलग से रखा जाए तो भी वो पहले दस स्थान के अंदर ही होंगे.
एथलेटिक्स में ये ओलंपिक जमैका के उसैन बोल्ट के नाम रहा. उन्होंने सौ और दो सौ मीटर के मुक़ाबलों में न सिर्फ़ विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता बल्कि बड़े अंतर से भी ये पदक जीता. इतना ही नहीं वो चार गुणा सौ मीटर की दौड़ में जमैका को स्वर्ण पदक दिलाने वाली टीम का हिस्सा भी रहे. ट्रैक ऐंड फ़ील्ड का अंतिम मुक़ाबला पुरुषों की मैराथन दौड़ अंतिम दिन हुई जिसमें स्वर्ण पदक कीनिया के युवा धावक सैमी वान्जिरु को मिला. उन्होंने दो घंटे छह मिनट 32 सेकेंड में ये दौड़ पूरी की. |
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