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मौसम ने धोखा नहीं दिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ओलंपिक खेलों के शुरू होने से एक महीने पहले चीन में कृषि विभाग के साथ मिलकर मौसम विभाग और चीन की वायुसेना ने वादा किया था कि बीजिंग में खेलों के उदघाटन और समापन समारोह के समय बारिश नहीं होगी. इसका कारण यह बताया गया था कि इन तीनों विभागों ने मिलकर बादलों को रोकने की तकनीक पर काम किया है और यह सुनिश्चित किया है कि ओलंपिक खेलों के इन आयोजनों को बारिश खराब नहीं करेंगे. और वे अपने वादे पर खरे भी उतरे, सिर्फ़ शनिवार की रात को आए तूफ़ान के सिवाय. लेकिन इसके बाद रविवार को साफ़ आकाश के साथ चमकदार और धूप वाले दिन की शुरूआत हुई. दरअसल खेलों के दौरान मौसम बेहतरीन रहा. बीजिंग आए एक आगंतुक ने अपने शहर लॉस एंजेलेस और बीजिंग में प्रदूषण स्तर की जाँच की तो उन्हें बहुत आश्चर्य हुआ कि क्यों खेलों से पहले इस बारे में इतना विवाद हुआ था. बीजिंग के निवासी भी मानते हैं कि उन्होंने सालों से नीले रंग का इतना साफ़ मौसम नहीं देखा है. बीजिंग में चाइनाटाउन दुनिया के ज़्यादातर बड़े शहरों में एक चाइना टाउन होता है लेकिन चीन की राजधानी में इसका होना अजीब लगा. लेकिन यह सच है.
वहाँ बीजिंग में भी एक शॉपिंग कांप्लेक्स है जिसका नाम चाइना टाउन है जो इसकी दुनिया भर की पहचान का पूरा इस्तेमाल करता है. इस बहुमंज़िला इमारत में जाने पर ही पता लगता है कि चाइना टाउन में चीन का पारंपरिक सामान मिलता है- जैसे हाथ से बने पंखे, सुंदर नक्काशी वाली चॉपस्टिक, हाथ से बने लैंप शेड और भी बहुत कुछ. यह सभी सामान वहाँ के ग्रामीण इलाक़ों से लाया गया था और बीजिंग में इसे उस स्थान पर बिक्री के लिए रखा गया था जो व्यापारिक केंद्र देशेंगमेन के बहुत नज़दीक है. इसका लक्ष्य विदेशी आगंतुकों को ग्रामीण चीन की कॉटेज इंडस्ट्री के प्रति आकर्षित करना था. शॉपिंग गैलोर ओलंपिक खेल किसी भी शहर के लिए बड़ा व्यापार बन कर आते हैं और बीजिंग खेल भी इससे अलग नहीं थे. ओलंपिक खेलों के समापन के साथ ही बैग और सूटकेस की दुकानों पर भारी बिक्री देखी गई क्योंकि वहाँ पहुँचने वाले लोगों ने पहले तो स्थानीय सामान ख़रीदा फिर जैसे जैसे जाने का दिन क़रीब आने लगा, वे इस सामान को रखने के लिए सूटकेस और बैग लेने जा पहुँचे.
इसमें कोई शक नहीं कि ओलंपिक संबंधी सामान के अलावा, हर शॉपिंग कॉंप्लेक्स के पास पैसा बटोरने के लिए अपने-अपने अलग आकर्षण थे. एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स इंटरनेशनल ओलंपिक समिति के मान्यता प्राप्त सदस्यों को सिर्फ़ उस इमारत में आने के लिए ही पारंपरिक चॉपस्टिक का जोड़ा दे रहा था. और मेडल विजेताओं के लिए भी कुछ विशेष ऑफ़र थे. स्वर्ण पदक लेने वालों को चीनी सिल्क का सूट मुफ़्त मिल रहा था तो रजत और कांस्य विजेता चीन की कमीज़ लेकर जा सकते थे. ज़ाहिर है, जब मेडल विजेता शॉपिंग करेंगे तो उनके प्रशंसक क्यों पीछे रहें. अमरीकी वर्चस्व ओलंपिक खेल प्रतियोगिता से संबंधित होते हैं. लेकिन कम से कम एक क्षेत्र में एक स्वर्ण पदक विजेता देश का नाम ओलंपिक ज्योति के जलने से पहले ही जानामाना था.
और वह खेल बास्केटबॉल था. इस खेल के महिला और पुरुष दोनों वर्गों में अमरीका की महारत के चलते बास्केटबॉल जिम्नेज़ियम में एनबीए और डब्ल्यूएनबीए के खिलाड़ियों की एक सिर्फ़ झलक पाने के लिए प्रशंसक बेताब थे. आश्चर्य की बात नहीं है कि इतनी दूर बीजिंग में भी दर्शकों की सीटों सबसे ज़्यादा संख्या अमरीकी लोगों की ही थी. अपने चहेते खिलाड़ियों को देखने सात समुंदर पार से प्रशंसक वहाँ पहुँचे थे और ओलंपिक से बेहतर और कौन सा स्टेज हो सकता था जहाँ वे अपने चहेते खिलाड़ियों का प्रदर्शन देख पाते. |
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