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ओलंपिक के प्रतीक चिन्हों की है माँग | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बीजिंग ओलंपिक के प्रतीक चिन्हों की माँग सबसे अधिक है. इन्हें पाने के लिए हज़ारों लोग बारिश और धूप की परवाह किए बिना उस स्टोर के बाहर लाइन लगाकर खड़े रहते हैं, जहाँ से ये चीजें बेची जा रही हैं. ओलंपिक शुरू होने के बाद इस स्टोर पर इतने लोग पहुँचे कि वहाँ के प्रबंधकों को इसके लिए कड़े नियम बनाने पड़े. बढ़ती भीड़ को देखकर स्टोर के प्रबंधकों ने यह तय कर दिया कि स्टोर में एक बार में कितने लोग जाएँगे. ऐसा भी नहीं है कि इस स्टोर में जो चीजें मिल रही हैं, वह काफ़ी सस्ती हैं. वहाँ मिलने वाली सस्ती से सस्ती चीज की क़ीमत भी कम से कम 30 यूआन है. स्टोर से बीजिंग ओलंपिक में भाग लेने आए लोग टी शर्ट, टाई, बैग और बेड शीट जैसी चीजें ख़रीद सकते हैं. इस सभी चीजों पर ओलंपिक का शुभांकर बना हुआ है. ****************************************************** बाज़ार में मोलभाव चीनी लोग मोलभाव में बहुत माहिर होते हैं. इस बात का उल्लेख उस पुस्तिका में भी किया गया है जो ओलंपिक खेलों में भाग लेने आए लोगों के लिए प्रकाशित की गई है. इस पुस्तिका में बताया गया है कि शहर में जब आप ख़रीदारी करने जाएँ तो मोलभाव ज़रूर करें. दुकानदार किसी चीज की जितनी क़ीमत बताए आप उसके आधे से मोलभाव शुरू करें. ओलंपिक कवर करने आए एक पत्रकार जब एक शापिंग माल में पहुँचे तो उन्हें वहाँ एक जैकेट पसंद आ गई. जिसकी क़ीमत 2400 यूआन थी. लेकिन मोलभाव करके उन्होंने उसे सौ यूआन में ख़रीद लिया. ****************************************************** यादगार लम्हे बीजिंग ओलंपिक में भारत के टेबल टेनिस चैंपियन अंचिता सारथ कमाल भले ही कोई कमाल न दिखा पाए हों लेकिन यह दौरा उनके लिए यादगार बन गया है. जब मैंने उनसे उनके अनुभव के बारे में पूछा जाता है तो उन्होंने बहुत ख़ुश होकर बताया कि उन्होंने टेनिस के नंबर खिलाड़ी रफ़ाएल नडाल के साथ नाश्ता किया है. कमाल को तैराकी की दुनिया के सनसनी माइकल फेलप्स ने अपने साथ फोटो खिंचवाने के लिए आमंत्रित किया. कमाल ने सर्बिया के टेनिस खिलाड़ी नोवाक डोज़ोकाविच के साथ काफ़ी बातचीत की. नोवाक कमाल से भारतीय खिलाड़ियों के जीवन के बारे में जानने को उत्सुक थे. कमाल दूसरी बार ओलंपिक में भाग ले रहे हैं, वह ख़ुद को बहुत भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें ओलंपिक में खेलने का मौका मिला. उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे भी वह ओलंपिक खेलों में भाग लेंगे और बढ़िया प्रदर्शन करेंगे. कमाल पुरुषों के सिंगल मुक़ाबले के दूसरे दौर में हार गए थे. ****************************************************** पिकनिक नेशनल ओलंपिक स्टोडियम के आसपास का इलाक़ा जहाँ, तरणताल, इनडोर स्टेडियम, प्रेस सेंटर और अंतरराष्ट्रीय रेडियों सेंटर आदि बने हुए हैं, लोगों को काफ़ी पसंद आ रहा है.
यह इलाक़ा क़रीब दो किलोमीटर लंबा और एक किलोमीटर चौड़ा है. यह इलाक़ा बहुत से लोगों के लिए पिकनिक मनाने की जगह बन गई है. लोग यहां लगी होर्डिंग्स को भी निहारते रहते हैं. यह स्थानीय और ओलंपिक में भाग लेने आए लोगों को समान रूप से आकर्षित कर रहा है. यहाँ घूमने के दौरान सबसे बड़ी चिंता यह रहती है कि कहीं आपकी वजह से किसी की फ़ोटो न ख़राब हो जाए, क्योंकि यहाँ लोग स्टेडियम के आगे अपने परिवार और दोस्तों के साथ खड़े होकर फ़ोटो खिंचवाते रहते हैं. इस इलाक़े में गाड़ियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा हुआ है. सिवाए बुज़ुर्गों और शारीरिक रूप से विकलांग लोगों की चलने वाली गोल्फ़ गाड़ियों को छोड़कर. |
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