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शनिवार, 07 जुलाई, 2007 को 11:15 GMT तक के समाचार
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महेश के साथ अब जोड़ी नहीं: लिएंडर

लिएंडर पेस और मार्टिन डैम
लिएंडर पिछले 18 महीनों से मार्टिन डैम के साथ जोड़ी बनाकर खेल रहे हैं
भारतीय टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस को महेश भूपति के साथ जोड़ी टूटने का कोई मलाल नहीं है और उन्होंने भविष्य में उनके साथ मिलकर खेलने की संभावना से भी इनकार कर दिया है.

लिएंडर ने बीबीसी हिंदी के साथ एक विशेष बातचीत में कहा, ''टेनिस काफ़ी बदल चुका है और मैं महेश के साथ जोड़ी बनाकर लंबे समय से खेला भी नहीं हूँ, लिहाज़ा हमारी जोड़ी अब नहीं जमेगी. अगर अब साथ खेलेंगे तो जीतेंगे ही नहीं ''

कुछ पहले ही महेश भूपति ने बीबीसी से बातचीत में कहा था कि भविष्य में पेस के साथ टीम बनाना सभी के हित में होगा.

भूपति की इस टिप्पणी पर लिएंडर पेस ने कहा, "ये महेश की अपनी सोच हो सकती है लेकिन मैं ऐसा नहीं मानता.टेनिस अब काफ़ी हद तक शारीरिक खेल हो चुका है, टेनिस हर साल बदल रहा है, समय के साथ बदलना पड़ता है."

लिएंडर ने महेश के साथ युगल खेलने के दिनों को करियर का अच्छा समय तो बताया, पर साथ ही यह भी कहा कि दोनों को उन दिनों मीडिया में ज़्यादा जगह इसलिए मिली क्योंकि दोनों भारतीय थे.

 टेनिस काफ़ी बदल चुका है और मैं महेश के साथ जोड़ी बनाकर लंबे समय से खेला भी नहीं हूँ, लिहाज़ा हमारी जोड़ी अब नहीं जमेगी. अगर अब साथ खेलेंगे तो जीतेंगे ही नहीं
लिएंडर

उन्होंने कहा, ''महेश और मैं जोड़ीदार के रूप में खेलते हुए अंतिम दिनों में काफ़ी मुक़ाबले हारने लगे थे. इसलिए यह कहना कतई सही नहीं होगा कि महेश के साथ खेलता रहता तो रिकॉर्ड कहीं बेहतर होता.''

लिएंडर ने कहा कि डबल्स या मिक्स्ड डबल्स में जोड़ीदार की सबसे अहम भूमिका होती है क्योंकि दोनों के समन्वय के बिना जीत संभव नहीं है.

उन्होंने कहा, ''इसमें दोनों खिलाड़ियों को हर मैच से सीखना चाहिए, भले हारें या जीतें.''

सपना

 वर्ष 1996 में अटलांटा ओलंपिक में देश के लिए कांस्य पदक जीतना जीवन का सबसे रोमांचक क्षण था.
लिएंडर पेस

पुरुष डबल्स में अपने वर्तमान जोड़ीदार मार्टिन डैम के बारे में लिएंडर ने कहा, ''मैं और मार्टिन डैम 18 महीनों से साथ खेल रहे हैं और अभी हमारी जोड़ी दुनिया में तीसरे नंबर पर हैं. हमने साथ में नौ महीने पहले यूएस ओपन जीता था.''

उन्होंने कहा कि दोनों का प्रदर्शन संतोषजनक रहा है लेकिन वे चाहते हैं कि जोड़ी आने वाले समय में नंबर एक तक पहुंचे.

अपने जीवन के सबसे

लिएंडर ने कहा, ''वर्ष 1996 में अटलांटा ओलंपिक में देश के लिए कांस्य पदक जीतना जीवन का सबसे रोमांचक क्षण था.''

उन्होंने कहा, ''मेरे पिताजी ने वर्ष 1972 में म्यूनिख ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम की ओर से खेलते हुए कांस्य जीता था. मैंने उनसे वादा किया था कि एक दिन मैं भी भारत के लिए पदक जीतूंगा. इस वादे को मैं पूरा कर सका यह मेरे और मेरे परिवार को लिए बहुत बड़ी खुशी की बात है.पदक जीतने के बाद जब मैं पोडियम पर खड़ा था, तो बगल में अगासी जैसे खड़े थे, बहुत फ़क्र हो रहा था.''

अपने सपने के बारे में पूछे जाने पर लिएंडर ने कहा, ''मैं वर्ष 1992 के बार्सिलोना ओलंपिक से खेल रहा हूँ. इस तरह चार ओलंपिक खेल चुका हूँ और अगला ओलंपिक मेरा पांचवां ओलंपिक होगा.''

लिएंडर ने कहा कि उनका सबसे बड़ा सपना है कि वे बार्सिलोना ओलंपिक खेलकर भारत के लिए पदक जीतें.

महेश भूपति'कोई दुख नहीं'
महेश भूपति को पेस के साथ जोड़ी टूट जाने का कोई दुख नहीं हैं.
सानिया मिर्ज़ामहेश संग खेलना पसंद
सानिया ने कहा है कि वे मिक्स्ड डबल्स में भूपति के साथ आगे भी खेलेंगी.
महेश भूपति और सानिया मिर्ज़ाहम साथ-साथ हैं
सानिया मिर्ज़ा ने अपने साथी महेश भूपति का अच्छा साथ निभाया.
एंडी रॉडिकएंडी रॉडिक भी बाहर
एंडी रॉडिक भी विंबलडन से बाहर हो गए हैं लेकिन जोकोविच और गास्के जीते.
वीनसवीनस से भिड़ेंगी बार्तोली
विंबलडन में महिलाओं के फ़ाइनल में वीनस विलियम्स भिड़ेंगी मेरियन बार्तोली से.
महेश भूपति और सानिया मिर्ज़ासानिया-भूपति बाहर
भारत की सानिया मिर्ज़ा और महेश भूपति हारकर विंबलडन से हुए बाहर.
पेसपेस-डैम की विदाई
लिएंडर पेस और मार्टिन डैम की जोड़ी विंबलडन से बाहर हो गई है.
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