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महेश के साथ चलेगी जोड़ी: सानिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्ज़ा का कहना है कि वे आगे भी महेश भूपति के साथ जोड़ी बनाकर खेलना पसंद करेंगीं. ग़ौरतलब है कि दोनों हाल में विंबलडन में जोड़ी बनाकर उतरे थे और दूसरे दौर तक पहुँचे थे. दोनों खिलाड़ी पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम में एक साथ खेले थे. विंबलडन मुक़ाबले के दौरान सानिया ने बीबीसी हिंदी से कहा, ''वैसे तो ज़्यादातर विदेशी खिलाड़ियों के साथ ही खेलना होता है लेकिन भारतीय साथी के साथ खेलने में बहुत सहजता महसूस होती है.'' डबल्स में साथी खिलाड़ी की ग़लतियों पर गुस्से के सवाल पर सानिया ने कहा, ''टेनिस में कोई भी परफ़ेक्ट नहीं खेल सकता और ग़लतियां तो सभी से होती हैं. इसलिए अच्छा यही होगा कि अपना बेहतरीन खेल दिखाया जाए.'' सानिया ने बताया कि जब वह छह साल की थीं तो उनके बारे में कहा गया था कि यह टेनिस खेलने वाली बच्ची ही नहीं है और उन्हें मना तक कर दिया गया था कि इतनी छोटी बच्ची कैसे टेनिस खेलेगी. खाली समय में क्या करना पसंद है, पूछे जाने पर सानिया ने कहा,''आमतौर पर ग्रैंड स्लैम मुक़ाबलों के बीच समय बिल्कुल नहीं मिल पाता लेकिन इस बार विंबलडन में हुई बारिश से काफ़ी समय भी मिला. खाली वक़्त में मुझे किताबें पढ़ने के अलावा संगीत सुनने और लोगों से बातें करना पसंद है.'' | इससे जुड़ी ख़बरें एक में जीते, तो एक में हारे पेस06 जुलाई, 2007 | खेल की दुनिया सानिया और भूपति विंबलडन से बाहर05 जुलाई, 2007 | खेल की दुनिया पेस से जोड़ी टूटने का दुख नहीं: भूपति05 जुलाई, 2007 | खेल की दुनिया 'भारत में पेशेवर टेनिस प्रशिक्षण की कमी'29 जून, 2007 | खेल की दुनिया सानिया ने दी सचिन को बधाई30 जून, 2007 | खेल की दुनिया 'पेस, भूपति और सानिया से जुड़ना सौभाग्य'27 जून, 2007 | खेल की दुनिया दोहा में पेस-भूपति ने किया निराश05 दिसंबर, 2006 | खेल की दुनिया देश के लिए नहीं खेलेंगे महेश भूपति03 अक्तूबर, 2006 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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