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फ़ाइनल में वीनस- बार्तोली की भिड़ंत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विंबलडन में महिलाओं के फ़ाइनल में शनिवार को वीनस विलियम्स का मुक़ाबला मेरियन बार्तोली से है. वीनस तीन बार विंबलडन का ख़िताब जीत चुकी हैं-2000, 2001 और 2005 में और छठवीं बार विंबडलन के फ़ाइनल में पहुँची हैं. जबकि बार्तोली पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिता के फ़ाइनल में पहुँची हैं. इससे पहले शुक्रवार को फ़्रांस की मेरियन बार्तोली ने इस विंबलडन का सबसे बड़ा उलटफेर करते हुए फ़ाइनल में जगह बनाई. उन्होंने सेमी फ़ाइनल में शीर्ष वरीयता प्राप्त बेल्जियम की जस्टिन हेना हार्डिन को 1-6, 7-5, 6-1 से हरा दिया. विंबलडन का ख़िताब जीतने का हेना हार्डिन का सपना एक बार फिर टूट गया. दूसरे सेमी फ़ाइनल में अमरीका की वीनस विलियम्स ने सर्बिया की एना इवानोविच को हराते हुए फ़ाइनल में जगह बनाई. बार्तोली ने पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के फ़ाइनल में जगह बनाई है. 22 वर्षीय मेरियन बार्तोली ने सेमीफ़ाइनल में बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया. पहले सेट में हारने के बावजूद उन्होंने ज़बरदस्त वापसी की. ख़िताब की प्रबल दावेदार नंबर एक खिलाड़ी जस्टिन हेना हार्डिन ने 22 मिनट में पहला सेट 6-1 से जीत लिया था. बेहतरीन वापसी
दूसरे सेट में भी बार्तोली की शुरुआत अच्छी नहीं रही. लेकिन एकाएक उनमें जैसे जोश आ गया. अपने बेहतरीन शॉट्स की मदद से बार्तोली ने दूसरा सेट 7-5 से जीत लिया. तीसरे सेट में तो जस्टिन हेना हार्डिन मूक दर्शक बनीं रही. एक समय तो बार्तोली 5-0 से आगे थी. हेना हार्डिन के पास कुछ करने को बचा ही नहीं था. आख़िरकार 6-1 से सेट जीतते हुए बार्तोली ने फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की की. सेमीफ़ाइनल में जीत की ख़ुशी से गदगद बार्तोली ने बीबीसी से कहा, "मैं इतनी रोमांचित हो रही हूँ. मुझे तो भरोसा ही नहीं हो रहा है कि मैं फ़ाइनल में पहुँच गई हूँ. ये एक सपने के सच होने की तरह है. अगर आप मुझसे विंबलडन के पहले कहते कि मैं फ़ाइनल तक पहुँचूँगी तो मैं आप पर भरोसा नहीं करती." दूसरी ओर हार से निराश और चकित हो जाने वाली जस्टिन हेना हार्डिन ने कहा कि उन्हें अभी भी नहीं पता चल पा रहा है कि कहाँ गड़बड़ हो गई. उधर एक अन्य सेमी फ़ाइनल में अमरीका की वीनस विलियम्स ने सर्बिया की एना इवानोविच को सीधे सेटों में 6-2, 6-4 से हराकर फ़ाइनल में जगह बनाई. फ़्रेंच ओपन के फ़ाइनल में पहुँचने वाली 19 वर्षीय इवानोविच के लिए वीनस भारी साबित हुईं. उन्होंने दमदार सर्विस के दम पर इवानोविच को कोर्ट के ख़ूब चक्कर लगवाए. |
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