IPL: रन बरसे, रिकॉर्ड बने और इतिहास में दर्ज हुआ इस साल का यह मैच

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- Author, अभिजीत श्रीवास्तव
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
आईपीएल में शुक्रवार को लखनऊ सुपर जायंट्स के बल्लेबाज़ों ने पहले तूफ़ानी बल्लेबाज़ी की और इस टूर्नामेंट के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा 257 रन का स्कोर खड़ा किया.
पंजाब किंग्स की टीम मैच कहीं नज़र नहीं आई और 56 रनों के अंतर से यह मुक़ाबला हार गई.
ठीक 10 साल पहले 2013 में भी आईपीएल में एक ऐसी पारी खेली गई थी जो आज तक रिकॉर्ड बुक में दर्ज है.
आपको क्रिस गेल की 175 नॉट आउट की पारी याद है न?
जी हां, उस मैच में न केवल क्रिस गेल ने आईपीएल के इतिहास का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाया था बल्कि उनके बल्ले से 17 छक्के निकले थे. ये आज भी एक पारी में किसी एक बल्लेबाज़ के लगाए सबसे अधिक छक्कों का रिकॉर्ड है.
गेल का (30 गेंदों पर) शतक आज भी आईपीएल के इतिहास की सबसे तेज़ सेंचुरी के रूप में रिकॉर्ड बुक में अंकित है. गेल और डिविलियर्स की पारियों की बदौलत उस मैच में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने 263 रन बनाए थे. ये आज भी आईपीएल में किसी टीम का सबसे बड़ा स्कोर है.
मोहाली में बीती रात केएल राहुल की टीम ने भी आरसीबी की उस पारी की तरह ही तूफ़ान मचा दिया और केवल छह रन के अंतर से उस की बराबरी करने से चूक गई.
ये मैच भी कुछ उस तरह ही खेला गया. बल्लेबाज़ों ने तूफ़ानी अंदाज़ में रन बरसाए. न तो गेंदबाज़ों और क्षेत्ररक्षकों को मैदान में राहत मिली, न ही कमेंटेटर्स को कमेंट्री बॉक्स में क्योंकि लखनऊ सुपर जायंट्स की पारी के दौरान हर ओवर में क़रीब 12 रन बन रहे थे.

क्या रिकॉर्ड बने?
आईपीएल की शुरुआत 2008 से हुई है, जहां अब तक एक हज़ार से भी अधिक मैच खेले जा चुके हैं.
लेकिन ये वो मैच है, जिसे आने वाले कई सालों तक याद किया जाएगा. इसमें वे रिकॉर्ड बने जो आईपीएल के इतिहास में बहुत कम देखने को मिलते हैं.
लखनऊ सुपर जायंट्स ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 257 रन बनाए. ये इस सीज़न का सबसे बड़ा स्कोर तो है ही. ये आईपीएल के इतिहास में किसी भी टीम का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर भी है.
सबसे बड़े स्कोर 263/5 का रिकॉर्ड विराट कोहली के नेतृत्व में 2013 में पुणे वारियर्स के ख़िलाफ़ रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने बनाया था. यानी यह केवल छह रन से आईपीएल के इतिहास की सबसे बड़ी पारी बनने से चूक गया.
इस मैच में पंजाब की टीम ने भी 201 रन बनाए. दोनों टीमों ने कुल मिलकर 458 रन बनाए. किसी एक मैच में दोनों टीमों का मिलाकर यह तीसरा सबसे बड़ा स्कोर है.
आईपीएल के किसी एक मैच में केवल दो बार दोनों टीमें इससे अधिक स्कोर करने में कामयाब रही हैं.
दोनों टीमों का सबसे बड़ा टोटल 2010 में राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेले गए मैच में बना था.
चेन्नई ने तब 246 रन बनाए थे, तो जवाब में राजस्थान रॉयल्स ने भी 223 रन बना लिए थे और केवल 23 रनों से मैच गंवा दिया था. उस मैच में दोनों टीमों ने कुल 469 रन बनाए थे.
इसके ठीक नीचे दूसरे पायदान पर 2018 में पंजाब किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेला गया वो मुक़ाबला है जिसमें कुल 459 रन बने थे.
पढ़ें मैच रिपोर्टः आईपीएल में दूसरे सबसे बड़े स्कोर के आगे नहीं टिके पंजाब किंग्स, लखनऊ सुपर जायंट्स से हारे
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लखनऊ सुपर जायंट्स vs पंजाब किंग्सः मैच का रिपोर्ट कार्ड
- लखनऊ सुपर जायंट्सः 257/5
- पंजाब किंग्सः 201/10
- लखनऊ ने इस सीज़न का सबसे बड़ा स्कोर बनाया
- यह आईपीएल के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है
- मैच में कुल 45 चौके और 22 छक्के लगे
- दोनों टीमों ने कुल 458 रन बनाए
- आईपीएल के किसी एक मैच में दोनों टीमों का मिलाकर तीसरा सबसे बड़ा टोटल
- लखनऊ ने इस मैच में 9 गेंदबाज़ों से बॉलिंग कराई


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स्टॉयनिस ने तोड़ा अपना रिकॉर्ड
लखनऊ सुपर जॉयंट्स के 257 रनों में मार्कस स्टॉयनिस ने केवल 40 गेंदों पर 72 रनों की सबसे बड़ी पारी खेली और गेंदबाज़ी के दौरान शिखर धवन का विकेट भी लिए.
यह न केवल इस मैच में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर था बल्कि स्टॉयनिस के आईपीएल करियर की सबसे बड़ी पारी भी बन गई.
स्टॉयनिस इससे पहले खेली गई सात पारियों में से पांच में 21 या उससे कम स्कोर पर आउट हुए हैं. लेकिन जब जब टीम को ज़रूरत पड़ी है तब तब उनका बल्ला गरजा है. रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के ख़िलाफ़ 213 रनों की सफल चेज में स्टॉयनिस ने 30 गेंदों पर 65 रनों की पारी खेली थी, जो इस पारी से पहले स्टॉयनिस का आईपीएल में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर था.
19 साल की उम्र में अपने होम स्टेट वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के लिए डेब्यू करने वाले स्टॉयनिस ने ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय टीम के लिए कई अविस्मरणीय पारियां खेली हैं.
नंबर-7 पर बल्लेबाज़ी करने के लिए उतरने के बावजूद नाबाद 146 रन की पारी ने उन्हें वनडे और टी20 में कंगारू टीम का स्थायी सदस्य बना दिया.
उनके पास मिडल ऑर्डर में अलग-अलग पोजिशन पर बैटिंग करने का अनुभव है तो गेंदबाज़ी की शुरुआत करने से लेकर डेथ ओवर्स करने तक का तगड़ा अनुभव है.
दो दर्जन से अधिक टीमों के लिए खेल चुके स्टॉयनिस ने 2021 टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ बेहद अहम पारी खेली थी जिसके बाद कंगारू टीम ने उस साल यह वर्ल्ड कप अपने नाम किया था.

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लखनऊ के सुपर जायंट्स
वापस आते हैं इस मुक़ाबले पर... तो बेशक स्टॉयनिस ने ऑलराउंड प्रदर्शन कर 'प्लेयर ऑफ़ द मैच' अपने नाम किया लेकिन उनके साथ ही काइल मेयर्स की सबसे अधिक तारीफ़ करनी होगी जो इस आईपीएल में उस स्ट्राइक रेट के साथ खेल रहे हैं जो उनके बल्ले से इससे पहले नहीं देखी गई थी.
वेस्ट इंडीज़ के इस बल्लेबाज़ ने विस्फ़ोटक शुरुआत दी और रन गति को 12 से नीचे नहीं आने दिया. मैच के दूसरे ओवर में मेयर्स ने अर्शदीप सिंह की गेंदों पर चार चौके जड़े और पांचवे ओवर में जब सिकंदर रज़ा लाए गए तब उनकी गेंदों पर 6, 4, 6 जैसे बड़े शॉट्स लगाए. पावरप्ले में एक गेंद बाकी रहते जब वे 54 रन बना कर आउट हुए तो स्कोरबोर्ड पर कुल 72 रन ही थे.
वहीं स्टॉयनिस के पिच पर रहने के दौरान दूसरे छोर से आयुष बदोनी और निकोलस पूरन ने भी पंजाब किंग्स के गेंदबाज़ों को राहत की सांस नहीं लेने दी.
जहां पूरन ने 14वें ओवर में पिच पर आते ही लिविंग्स्टन की गेंद पर लगातार तीन चौके जड़े और केवल 19 गेंदों पर 45 रनों की पारी खली. वहीं बदोनी ने भी केवल 24 गेंदों पर 43 रन बनाए. अपनी बल्लेबाज़ी के दौरान बदोनी ने तीन चौके और इतने ही छक्के जड़े.

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पंजाब किंग्स की चूक के चौके
1. मैच में शिखर धवन का पहले गेंदबाज़ी का फ़ैसला ग़लत साबित हुआ. धवन ने बाद में कहा भी गेंदबाज़ों ने बहुत रन लुटाए.
2. शिखर धवन ने एक अतिरिक्त तेज़ गेंदबाज़ को खेलने का मौक़ा दिया जबकि लखनऊ सुपर जायंट्स ने अतिरिक्त स्पिनर को टीम में जगह दी.
3. वैसे तो मैच की शुरुआत ही कैच छूटने से हुई. गुरनूर बरार की गेंद पर अर्थव तायड़े ने केएल राहुल का कैच टपका दिया. हालांकि राहुल बहुत महंगे नहीं साबित हुए.
4. लेकिन एक स्पष्ट कैच लेने के बावजूद अपने जूते को बाउंड्री लाइन से सटा देना लिविंग्स्टन के साथ ही पूरी टीम को बहुत भारी पड़ा. ये कैच प्लेयर ऑफ़ द मैच मार्कस स्टॉयनिस का था जो तब 22 गेंदों पर 38 रन बना कर खेल रहे थे. इसके बाद स्टॉयनिस ने 18 गेंदों पर 34 रन और जुटाए.

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पंजाब के गेंदबाज़ों ने निराश किया
अपने अपने देश की टीमों के सुपर स्टार अर्शदीप सिंह और कगिसो रबाडा ने पंजाब किंग्स की ओर से गेंदबाज़ी की कमान संभाली लेकिन इतने खर्चीले साबित हुए कि दोनों ने अपने अपने चार ओवरों में 50 से अधिक रन लुटाए.
लखनऊ सुपर जायंट्स के कप्तान केएल राहुल जल्दी आउट हो गए लेकिन काइल मेयर्स ने न केलव इन दोनों गेंदबाज़ों की बल्कि सिकंदर रज़ा की गेंदों की भी निर्मम पिटाई की. रज़ा को दुबारा गेंदबाज़ी का मौक़ा ही नहीं मिला.
शिखर धवन ने सात गेंदबाज़ आजमाए लेकिन राहुल चाहर (7.25) को छोड़कर किसी कि इकोनॉमी 12 से कम नहीं रही. लिविंग्स्टन ने तो एक ओवर में 19 रन लुटाए.
वहीं जब पंजाब की टीम बैटिंग करने आई, तब केएल राहुल ने भी नौ गेंदबाज़ों का इस्तेमाल किया. काइल मेयर्स ने अपने एक ओवर में केवल चार रन दिए और सबसे किफायती रहे.

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पंजाब किंग्स के लिए क्या अच्छा हुआ?
बेशक पंजाब हार हुई है लेकिन उसके लिए भी इस मैच में कुच सकारात्मक चीज़ें हुईं.
पंजाब किंग्स की टीम इस मुक़ाबले में टॉस जीतने के अलावा हर मोर्चे पर कहीं पीछे रही. लखनऊ ने उसके सामने असंभव सा लगने वाला स्कोर खड़ा किया लेकिन पंजाब ने भी 200 रन के आंकड़े को पार कर ही लिया.
22 वर्षीय गुरनूर बरार ने गेंदबाज़ी की शुरुआत की और अपने पहले ओवर में केवल दो रन ही बनने दिए. उनकी पहली गेंद पर अगर कैच न टपकता तो शायद स्कोर और नतीजा कुछ और ही होता.
वहीं जब कप्तान समेत दोनों सलामी बल्लेबाज़ पावरप्ले के दौरान ही पवेलियन लौट गए तब पिच पर आने वाले बाएं हाथ के 23 वर्षीय बल्लेबाज़ अर्थव तायड़े ने जो पारी खेली वो भी पंजाब के लिए बहुत नायाब रही.
अथर्व ने अपनी उम्र के 23 साल ही पूरे किए हैं और बेहद दबाव वाली परिस्थिति में पिच पर आए और जब तक मैदान में रहे पंजाब किंग्स की उम्मीद जग रही थीं.
हालांकि ये सब जानते हैं कि इतना बड़ा स्कोर आईपीएल में चेज़ होना तो दूर की बात बना ही केवल दूसरी बार है, तो अर्थव भी तेज़ी से रन जुटाने की कोशिश में रवि बिश्नोई की गेंद पर उन्हीं के हाथों लपके गए. हालांकि केवल 36 गेंदों पर 66 रन बना कर अर्थव ने सभी का दिल ज़रूर जीत लिया और आगे के मौक़े के लिए अपनी राह आसान बना ली.
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