आईपीएल 2023: केएल राहुल बनाम संजू सैमसन, क्या सिर्फ़ किस्मत ने तय की हार-जीत?

केएल राहुल

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लखनऊ सुपर जायन्ट्स के कप्तान केएल राहुल का हाथ में आया कैच राजस्थान के यशस्वी जायसवाल ने टपका दिया.

ये लखनऊ की पारी का चौथा ही ओवर था और राहुल तब तक सिर्फ़ छह रन ही बना सके थे.

कैच गिरा और कई लोगों ने अनायास कहा, "ये राहुल को बर्थडे का तोहफ़ा है. बिलेटेड हैप्पी बर्थडे." ऐसा कहने वालों में मैच की कमेंट्री कर रहे पूर्व क्रिकेटर इरफ़ान पठान शामिल थे.

केएल राहुल ने लखनऊ और राजस्थान के 'बहुचर्चित मुक़ाबले' के ठीक एक दिन पहले यानी मंगलवार को 31वां जन्मदिन मनाया था.

ये इकलौता 'तोहफ़ा' नहीं था. इसी ओवर में जायसवाल ने उन्हें रनआउट करने का मौका भी गंवाया.

राजस्थान टीम ने उन्हें एक और जीवनदान भी दिया. हालांकि, केएल राहुल जब तक क्रीज़ पर रहे, तब तक क्रिकेट के कई जानकार और धीमी बल्लेबाज़ी के लिए सोशल मीडिया पर ट्रोल करने वाले लखनऊ के कप्तान को मिले हर मौके को 'तोहफ़ा' नहीं मान रहे थे बल्कि वो इसे राजस्थान और उसके कप्तान संजू सैमसन की 'अच्छी क़िस्मत' मान रहे थे.

राजस्थान रॉयल्स बनाम लखनऊ सुपर जायन्टस

बीबीसी हिंदी
  • लखनऊ ने राजस्थान को 10 रन से हराया
  • लखनऊ - 154/7 (20 ओवर) काइल मायर्स 51 रन, आर अश्विन 2/23
  • राजस्थान- 144/6 (20 ओवर) यशस्वी जायसवाल 44 रन, आवेश खान 3/25
  • मार्कस स्टोइनिस मैन ऑफ़ द मैच
केएल राहुल और संजू सैमसन

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नंबर 1 बनाम नंबर 2

टॉस के मोर्चे से भी संकेत मिला था कि क़िस्मत के मोर्चे पर चार साल बाद जयपुर के घरेलू मैदान पर लौटी राजस्थान टीम का पलड़ा भारी है.

बुधवार को हुए मैच को आईपीएल 2023 की टॉप दो टीमों (प्वाइंट टेबल में राजस्थान पहले और लखनऊ दूसरे नंबर पर है) की 'टक्कर' के तौर पर प्रचारित किया गया था.

और इस मैच में फ़ैन्स रनों की आतिशबाज़ी की आस लगाए थे. लेकिन राहुल और उनके साथी ओपनर काइल मायर्स की बल्लेबाज़ी के अंदाज़ ने ऐसी आस लगा रहे बहुत से लोगों की हसरतों पर पानी फेर दिया.

उस वक़्त इसे आईपीएल के नए 'कैप्टन कूल' संजू सैमसन की रणनीति का कमाल और 'मास्टर क्लास' बताया जा रहा था. लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा ये साफ़ हो गया कि 'खेल' पिच भी कर रही है.

केएल राहुल 11वें ओवर तक क्रीज़ पर रुके और सिर्फ़ 39 रन बना सके. उनकी विदाई के बाद भी संजू और उनके गेंदबाज़ों ने अपनी पकड़ ढीली नहीं होने दी.

लखनऊ की पारी के 19वें ओवर में हाथ खोलकर राजस्थानी खेमे की चिंता बढ़ाने वाले निकोलस पूरन को 20वें ओवर में संजू सैमसन ने जिस अंदाज़ में रन आउट किया, उससे उनके जलवे में कुछ और निखार आया.

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20वें ओवर की आखिरी गेंद पर युद्धवीर सिंह को भी संजू ने रनआउट किया और लखनऊ की टीम को 154 रन पर रोकने का कमाल कर दिखाया.

लखनऊ की पारी के बाद ये स्कोर 'मैच विनिंग' नहीं माना जा रहा था. ख़ासकर ये देखते हुए कि राजस्थान की टीम में कप्तान संजू सैमसन, जोस बटलर, यशस्वी जायसवाल और शिमरॉन हेटमायर जैसे बिग हिटर्स और मैच विनर हैं.

लेकिन जैसा कहते हैं, 'क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है.' और यहां क़िस्मत और फ़ैन्स कभी भी पाला बदल सकते हैं.

राजस्थान के ओपनर

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कैसे बदला मैच का रुख़

राजस्थान की ओपनिंग जोड़ी यशस्वी जायसवाल और जोस बटलर ने टीम को ठोस, लेकिन धीमी शुरुआत दी. दोनों ने पहले विकेट के लिए 11.3 ओवर में 87 रन जोड़े.

जब तक ओपनर क्रीज़ पर थे, तब तक माना जा रहा था कि धीमी, लेकिन सधी शुरुआत टीम के 'गेमप्लान' का हिस्सा है.

राजस्थान टीम के पास बड़े हिट लगाने वाले ऐसे बल्लेबाज़ हैं जो देखते ही देखते मैच का रुख़ बदल सकते हैं. गुजरात टाइटन्स के ख़िलाफ़ पिछले मैच में संजू सैमसन और शिमरॉन हेटमायर ने ये कमाल किया भी था.

लेकिन, ये मैच अलग था. 12वें ओवर में जायसवाल आउट हुए और उनकी जगह संजू सैमसन मैदान पर आए.

अगले ओवर में ही जोस बटलर की 'एक ग़लत कॉल' पर संजू सैमसन ने अपना विकेट 'क़ुर्बान' कर दिया. वो रन आउट हो गए.

क्रिकेट समीक्षक हर्षा भोगले की मानें तो ये मैच का 'टर्निंग प्वाइंट' था.

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मार्कस स्टोइनिस

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लखनऊ का निर्णायक वार

ये वो मोड़ था जिसने लखनऊ टीम और उसके कप्तान केएल राहुल के लिए जीत की तरफ बढ़ने का रास्ता खोल दिया. सौ से कम के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाज़ी कर रहे बटलर पर संजू की विदाई ने जो दवाब बनाया, उसे लखनऊ के मार्कस स्टोइनिस ने बख़ूबी भुनाया.

फिर हेटमायर की नाकामी ने बताया कि उनसे हर मैच में चमत्कार की उम्मीद लगाना ठीक नहीं होगा. युजवेंद्र चहल की जगह बतौर 'इम्पैक्ट प्लेयर' बल्लेबाज़ी के लिए उतरे देवदत्त पड्डिकल ने संघर्ष किया लेकिन ये लखनऊ के स्कोर के पार जाने के लिए काफ़ी नहीं था.

राजस्थान की टीम 20वें ओवर तक लड़ी, लेकिन लखनऊ के स्कोर से 10 रन पीछे रह गई.

मैच की रंगत के साथ लोगों की राय भी बदलने लगी. अपनी बल्लेबाज़ी के लिए सोशल मीडिया पर ट्रोल होने वाले केएल राहुल की कप्तानी की तारीफ़ में लोगों ने लिखना शुरू कर दिया.

फ़ैन्स दावा करने लगे कि अगर केएल राहुल कप्तान हों तो विरोधी टीम के लिए 'लक्ष्य का पीछा करना आसान नहीं होता.'

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लखनऊ के खिलाड़ी

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क्या बोले कप्तान

लेकिन, केएल राहुल जानते हैं कि मैच में सबकुछ 'परफ़ेक्ट' नहीं था. उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज़ में इसे ज़ाहिर किया.

फ़ील्डिंग के दौरान साथी खिलाड़ी का एक थ्रो उन्हें लगा था, उसी का संकेत लेते हुए राहुल ने कहा, "मुझे एक साथी खिलाड़ी खिलाड़ी का थ्रो लगा, इसलिए मुझे लगता है कि शायद बतौर कप्तान मैं कुछ ग़लत कर रहा हूं."

टीम को जीत मिलने की वजह से कप्तान राहुल की ये बात मुस्कुराने की वजह बन गई.

केएल राहुल ने भी माना कि सैमसन के रनआउट होने के बाद मैच का रुख़ बदल गया.

उन्होंने कहा, "सैमसन का रनआउट होना और लगातार दो विकेट गिरने से हम मैच में वापस आ गए. राजस्थान के शुरुआती तीन चार बल्लेबाज़ बहुत मजबूत हैं और हमारा प्लान उन्हें जल्दी आउट करने का था."

राहुल ने दोनों टीमों के गेंदबाज़ों की तारीफ़ की और कहा, 'हमने ज़्यादा अच्छी गेंदबाज़ी की.'

पिछले मैच में हारी बाज़ी जीतने वाले संजू सैमसन बुधवार को लगभग जीता हुआ मैच गंवाने को लेकर मायूस दिखे.

संजू सैमसन ने कहा, "हमें इस मैच से सबक लेकर आगे बढ़ना होगा. हमारी जैसी बैटिंग लाइनअप है, हमें ये स्कोर हासिल कर लेना चाहिए था."

उन्होंने कहा, "हमें स्मार्ट क्रिकेट खेलने की ज़रूरत है. उन्होंने (लखनऊ ने) अच्छी गेंदबाज़ी की और जब हमने ज़ोर लगाने की कोशिश की तभी हमने विकेट गंवा दिए."

मैच का रुख़ बदला तो 'ट्रोल्स' के सुर भी बदल गए. उन्होंने एक नया 'विलेन' तलाश लिया. ये थे राजस्थान के रियान पराग. 12 गेंद में नाबाद 15 रन बनाने वाले पराग राजस्थान की हार के साथ ही ट्विटर के टॉप ट्रेंड में आ गए.

लेकिन, 21 बरस का ये बल्लेबाज़ विरोधी टीम के कप्तान केएल राहुल से सबक ले सकता है कि आईपीएल में एक खिलाड़ी की क़िस्मत और उसके बारे में लोगों की राय सिर्फ़ 20 ओवर में बदल सकती है.

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