ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ टीम इंडिया ने वनडे सिरीज़ गंवाई, क्या रही मुख्य वजहें?

रोहित शर्मा

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    • Author, विमल कुमार
    • पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिन्दी के लिए

अगर वन-डे क्रिकेट में भारत को भारत में कोई टीम चुनौती दे सकती थी या दे सकती है तो वो नि:संदेह ऑस्ट्रेलियाई टीम ही है.

टीम इंडिया के ख़िलाफ़ तीन मैचों की वनडे सिरीज़ में 0-1 से पिछड़ने के बाद जिस अंदाज़ में स्टीव स्मिथ की टीम ने पलटवार किया, उससे भले ही फ़ैंस भौचक्के हो सकते हैं, लेकिन ये कोई महज़ इत्तेफ़ाक़ नहीं है.

आख़िरकार भारत ने 2009 के बाद से घरेलू पिच पर 27 सिरीज़ में से मौजूदा सिरीज़ से पहले सिर्फ़ तीन सिरीज़ में हार का सामना किया था. उन तीन में से दो हार ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ ही आई थी जबकि एक और सिरीज़ 2013 में पाकिस्तान के ख़िलाफ थी.

यानी अगर किसी एक टीम में अपराजेय दिखने वाली भारतीय टीम को उसी के घर में हराने का माद्दा है तो वो ऑस्ट्रेलियाई टीम में ही है.

और पिछली 3 में से 2 वनडे सिरीज़ जीतकर ऑस्ट्रेलियाई टीम ने इसी बात को साबित किया है.

इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया अब दुनिया की नंबर 1 वनडे टीम भी बन गई है.

भारत से चूक कहां हुई?

घरेलू ज़मीं पर वन-डे क्रिकेट के दबदबे वाले दौर में टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर की तिकड़ी- रोहित शर्मा, शिखर धवन और विराट कोहली शतक यूं बनाया करते थे मानो ये उनकी आदत हो.

अमूमन हर दूसरे मैच में इस तिकड़ी का कोई एक खिलाड़ी शतक जमा दिया करता था. लेकिन, धवन जहां वनडे टीम से बाहर हो चुके हैं, वहीं कोहली अपने प्रभुत्व वाले दौर में नहीं हैं और रोहित शर्मा के बल्ले में भी निरंतररता का अभाव रहा है.

तीन मैचों के दौरान कोहली और रोहित ने मिलकर 5 पारियों में 150 रन भी नहीं बनाए जो इस सिरीज़ की हार का सबसे बड़ा कारण माना जा सकता है.

सूर्यकुमार यादव

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इमेज कैप्शन, तीसरे मैच में भी सूर्यकुमार यादव का बल्ला नहीं चल सका

बाकी बल्लेबाज़ भी रहे नाकाम

शुभमन गिल, रवींद्र जडेजा और हार्दिक पांड्या की तिकड़ी ने भी सामूहिक रूप से टीम को निराश ही किया. गिल जिनके लिए साल 2023 अब तक पारस पत्थर साबित हो रहा था, मौजूदा सिरीज़ के तीन मैचों में कुल मिला कर किसी तरह से 50 का आंकड़ा पार कर पाए.

जडेजा ने पूरी सिरीज़ में 79 और पांड्या ने 66 रन बनाए और उन पर ज़िम्मेदारी थोड़ी ज़्यादा थी.

ख़ासकर ये देखते हुए कि श्रेयस अय्यर इस सिरीज़ से बाहर हो चुके थे और सूर्यकुमार यादव के लिए ये सिरीज़ किसी बुरे सपने से कम नहीं थी.

बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ मिशेल स्टार्क ने अगर पहले दो मैचों में टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर की पूरानी कमज़ोरी को फिर से उजागर किया तो एडम ज़म्पा ने फिर दिखाया कि क्वॉलिटी लेग स्पिन गेंदबाज़ी के ख़िलाफ़ दिग्गज भारतीय बल्लेबाज़ी क्रम को उसके घर में भी पस्त किया जा सकता है.

बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ के ख़िलाफ़ भारत का टॉप ऑर्डर हाल के सालों में कभी ट्रेंट बोल्ट तो कभी शाहीन शाह अफ़रीदी तो कभी स्टार्क के सामने बेबस नज़र आता है.

और ऑस्ट्रेलिया ने इस सिरीज़ के दौरान फिर से उस कमज़ोरी को उजागर किया.

राहुल द्रविड़

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क्या हल्के में विरोधी को लेना पड़ा महंगा?

चेन्नई वन-डे से पहले कोच राहुल द्रविड़ प्रेस कॉन्फ़्रेंस में आए और उन्होंने ये कहकर सबको हैरान कर दिया कि 2023 वर्ल्ड कप के लिए 17-18 खिलाड़ियों की पहचान कर ली गई है.

उन्होंने ये भी कह डाला कि आख़िरी मैच के नतीजे से ये फ़र्क़ नहीं पड़ता क्योंकि उनकी टीम का मूल उद्देश्य अक्टूबर-नवंबर में होने वाले वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग पिचों पर अलग-अलग कॉम्बिनेशन तलाश करने का था.

शायद द्रविड़ के इस तर्क में दम हो क्योंकि अक्सर टीम इंडिया की इस बात के लिए आलोचना होती है कि वो दो देशों के बीच आपसी मुक़ाबले की तो शेर है, लेकिन बड़े टूर्नामेंट के नॉक आउट मैचों में नाकाम हो जाती है.

बावजूद इसके भारतीय फैंस के लिए घरेलू पिच पर ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ हार पचाना आसान नहीं है.

द्रविड़ के तर्क से कहीं ऐसा आभास तो नहीं होता कि उन्हें लगा कि टेस्ट की तरह वन-डे सिरीज़ में भी जीत मुमकिन है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया भी इस सिरीज़ में कुछ अहम खिलाड़ियों के बग़ैर उतर रही थी.

मोहम्मद शमी

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मोहम्मद शमी से मिली मायूसी

जसप्रीत बुमराह के अनफ़िट होने के चलते वन-डे क्रिकेट में एक अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ के तौर पर टीम इंडिया को मोहम्मद शमी से काफ़ी उम्मीदें थीं. लेकिन, गेंदबाज़ों के लिए मददगार हालात वाले तीन मैचों में शमी के नाम सिर्फ़ 3 विकेट रहे और उनका इकोनॉमी रेट भी 5.5 से ऊपर का रहा.

टीम इंडिया के पास फ़िलहाल समस्या ये है कि भुवनेश्वर कुमार को वो टी20 वर्ल्ड कप के बाद ही भुला चुकी है जबकि शार्दुल ठाकुर ऑलराउंडर के तौर पर ही प्लेइंग इलेवन का हिस्सा हो सकते हैं. और वो भी तब जब हार्दिक ना हों.

कुल मिलाकर देखा जाए तो सिर्फ़ चेन्नई की एक हार से अचानक ही टीम इंडिया की वनडे टीम में भी कई कमियां दिखने लगी हैं.

अगले दो महीने हर कोई आईपीएल में व्यस्त रहेगा और फिर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप. वेस्टइंडीज़ में होने वाले वन-डे सिरीज़ को टीम कितनी गंभीरता से लेगी ये देखना होगा.

उसके बाद एशिया कप जैसे एक बड़े टूर्नामेंट की चुनौती और वर्ल्ड कप से ठीक पहले एक और छोटी सी, ऐसी ही तीन मैचों वाली वनडे सिरीज़ ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़.

अगर कंगारुओं ने फिर टीम इंडिया को मात दी तो मार्च की ये हार 6 महीने बाद और तक़लीफ देगी.

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