स्मृति मंधाना ने दिलाई धोनी की याद, महिला टीम से अब वर्ल्ड कप की आस

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- Author, विधांशु कुमार
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
भारतीय क्रिकेट फ़ैंस के लिए वो लम्हा कभी न भूलने वाला है, 2011 में पुरुषों के वनडे वर्ल्ड कप का फ़ाइनल.
श्रीलंका के कुलसेकरा के सामने थे धोनी, जो बिजली की तेजी से क्रीज से निकल कर आए और लॉंग ऑन पर छक्का जड़कर भारत को वर्ल्ड कप की ट्रॉफ़ी दिलवाई. न सिर्फ़ भारतीय टीम ने क्रिकेट की सबसे अहम ट्रॉफ़ी पर कब्ज़ा जमाया था, बल्कि जिस शेरदिल अंदाज़ में जीत मिली थी उसने भारतीय टीम का दबदबा विश्व क्रिकेट पर बना दिया था.
11 साल बाद, बांग्लादेश के सिलहट में स्मृति मंधाना ने कुछ ऐसा ही कारनामा करके दिखाया. मौक़ा था एशिया कप फ़ाइनल का और सामने थी श्रीलंका की ही गेंदबाज़ ओसादी रनासिंघे.
मंधाना ने स्टेप आउट किया, क्रीज़ से बाहर निकलीं और ओसादी की गेंद पर ज़ोरदार प्रहार कर उसे लॉंग ऑन बाउंड्री से बाहर पंहुचाया. भारत को जीत के लिए एक रन की ज़रूरत थी, दस से ज़्यादा ओवर बचे थे, भारतीय टीम आसानी से ये स्कोर बना सकती थी. लेकिन मंधाना ने अगली ही गेंद पर छक्का लगाकर जीत हासिल करने को चुना.
भारतीय टीम सातवीं बार महिला एशिया कप क्रिकेट की चैंपियन बनीं.
भारतीय टीम ने जिस दबंगई, या कहें कि, पूरे कंट्रोल के साथ इस चैंपिनशिप में प्रदर्शन किया कि कमेंट्री कर रहे कमेंटेटर को भी यह कहना पड़ा, "भारतीय टीम से सावधान हो जाएं, ये अगले वर्ल्ड कप की सबसे बड़ी दावेदार हो सकती है."
महिला एशिया कप 2022 के शनिवार को खेले गए फ़ाइनल मुक़ाबले में भारत ने श्रीलंका को 8 विकेटों से हरा दिया.
टॉस जीतकर श्रीलंकाई टीम ने पहले बैटिंग की लेकिन भारतीय टीम की आक्रामक गेंदबाज़ी और शानदार फ़ील्डिंग के आगे 20 ओवरों में केवल 65 रनों का लक्ष्य रख पाई.
भारत की तरफ़ से रेणुका सिंह ने पांच रन देकर तीन विकेट लिए. जवाब में भारत ने दो विकेट खोकर सिर्फ़ 8.3 ओवर में जीत हासिल कर ली. मंधाना ने नाबाद 51 रन बनाए, वो भी महज़ 25 गेंद खेलकर.
इस टूर्नामेंट में भारत ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ एक लीग मैच छोड़कर सभी मैच जीते. कई कारण रहे जिसकी वजह से भारत को ये जीत मिली और विश्व क्रिकेट में भी टीम का परचम बुलंद हुआ.

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अलग-अलग कंडीशंस में मैच जीतना
एशिया कप से ठीक पहले भारतीय टीम इंग्लैंड में सिरीज़ खेल रही थी. वहां कि सर्दी में खेले गए तीनों वनडे में भारतीय महिला टीम ने इंग्लैंड को हराया. इंग्लैंड से पहले भारत ने श्रीलंका को उसी के घर में हराया था.
इंग्लैंड के ठीक बाद भारतीय टीम बांग्लादेश पंहुची जहां उन्हें सिर्फ़ एक प्रैक्टिस सत्र का मौका मिला. इंग्लैंट की असाधारण सर्दी से सिलहेट की उमस भरी गर्मी के माहौल में ढलने में भारतीय टीम ने कोई वक़्त नहीं गंवाया और जीत हासिल की.
न सिर्फ़ इन देशों में मौसम का फ़र्क़ था, पिच कंडीशंस और मैदान के कंडीशंस में भी बहुत अंतर था. इस सबसे बीच आसानी से रम जाना, एक चैंपियन टीम की निशानी है जो हरमनप्रीत कौर की भारतीय टीम में दिखाई दे रहा है.
फ़ाइनल से पहले हरमनप्रीत ने भी कहा कि, "हमें सिर्फ़ एक प्रैक्टिस सेशन मिला उसके बावजूद ये जीत बताती है कि हम कितने मज़बूत टीम हैं. हमारे टीम का कैरैक्टर दिन-प्रतिदिन मज़बूत हो रहा और हम इस बात की तारीफ़ अपने टीम मीटिंग्स में भी करते हैं."

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हर मुक़ाबले में नया मैच-विनर
चैंपियन टीम किसी एक या दो खिलाड़ी के भरोसे नहीं रहती बल्कि उसके पास कई मैच विनर्स होते हैं. ऐसा ही कुछ भारतीय टीम ने एशिया कप में भी कर के दिखाया.
इस टूर्नामेंट में विनिंग कॉम्बिनेशन के साथ काफ़ी छेड़छाड़ करते हुए बेंच स्ट्रेंथ की भी आजमाइश की गई.
बांग्लादेश में भारतीय टीम का लक्ष्य केवल ट्रॉफ़ी जीतना ही नहीं था. टीम चाहती थी कि हर मैच में कोई नया खिलाड़ी बेहतरीन प्रदर्शन करे.
हरमनप्रीत ने बताया कि टीम ने क्या टार्गेट चुना था. उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि हर खिलाड़ी आगे आए और टीम को जीत दिलाने में मुख्य भूमिका निभाए. हम नहीं चाहते कि टीम केवल एक-दो खिलाड़ियों पर निर्भर रहे. बांग्लादेश में हमने तय किया हमारी ज़रूरत नए मैच विनर्स तलाशने की है."
एक तरह से टीम मैनेजमेंट ने युवा खिलाड़ियों को ये चैलेंज दिया था कि आइए और जीत में बड़ा रोल अदा करिए.
टीम की ये स्ट्रैटेजी कामयाब भी रही क्योंकि हर मैच में भारत को नया मैच विनर मिला. फ़ाइनल में भी प्लेयर ऑफ़ द मैच रेणुका सिंह को मिला जिन्होंने 5 रन देकर 3 विकेट झटके.

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हरमनप्रीत की कप्तानी
हरमनप्रीत कौर की बैटिंग में विराट कोहली की झलक आती है तो उनकी कप्तानी में महेंद्र सिंह धोनी का अंदाज़ दिखाई देता है.
शनिवार को फ़ाइनल में जब एक छोटे स्कोर के सामने वो बैटिंग करने आईं तो उन्होंने कोई दबाव नहीं लिया और अपना नैचुरल गेम खेलीं.
दूसरी छोर पर मंधाना बड़े हिट्स लगा रहीं थीं तो उन्होंने ज़्यादा से ज़्यादा स्ट्राइक भी उन्हें दिया.
श्रीलंका के बाएं हाथ के स्पिनर की एक गेंद पर बेहतरीन कवर ड्राइव लगाकार उन्होंने कोहली की याद दिला दी. उनकी बैटिंग में ये मेच्योरिटी कोहली से कहीं भी कम नहीं है.
वहीं कप्तान के तौर पर जिस तरह वो पिच को समझती हैं और आक्रामक फ़ील्ड सेट करती हैं वे धोनी की सूझबूझ की याद दिलाता है.
शनिवार के फ़ाइनल में भी ये काम आया. मैच के बाद हरमनप्रीत ने कहा, "हमने पिच तो ठीक पढ़ा था. जिस तरह उसपर टर्न मिल रहा था, उसे देखकर हमने खास फ़ील्ड सेट किया था जिसकी वजह से हमें मैच में बढ़त हासिल हुई."
श्रीलंका के पहले दो विकेट रन आउट हुए थे जिसने उनकी बैटिंग की कमर तोड़ दी.
हरमनप्रीत युवा खिलाड़ियों को भी भरपूर मौका देती हैं. उन्हें ये भरोसा होता है कि कप्तान उनके साथ खड़ी हैं. ये सब बातें युवा क्रिकेटर्स को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती हैं.

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सीनियर खिलाड़ियों का फॉर्म
भारतीय टीम की जान बैटिंग में तीन वरिष्ठ खिलाड़ी- हरमनप्रीत, स्मृति मंधाना और जेमिमा रॉड्रिग्स हैं. उनके अलावा युवा बल्लेबाज़ शेफ़ाली वर्मा भी शानदार फॉर्म में है.
मंधाना की बैटिंग देखकर कमेंट्री कर रहे अतहर अली ख़ान ने कहा, "जिस पिच पर बैटिंग मुश्किल है वहां वो इतनी आसानी से खेलीं जैसे वो किसी दूसरे ग्रह पर खेल रही हों. उनका क्लास दूसरों से जुदा है. ग्रेट बैटर्स के पास हमेशा शॉट खेलने के लिए ज़्यादा वक़्त रहता है, मंधाना की टाइमिंग भी ऐसी ही है."
वहीं टीम की बॉलिंग की बात करें तो दीप्ति शर्मा ने एक बार फिर ज़बरदस्त खेल दिखाया. उन्होंने टूर्नामेंट में सर्वाधिक 13 विकेट लिए और 94 रन बनाए जिसकी वजह से उन्हें प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट का ख़िताब भी मिला.
दीप्ति का शानदार साथ दिया अनुभवी पूजा वस्त्राकर और युवा रेणुका सिंह ने. टीम का बैटिंग और बॉलिंग में बैलेंस उन्हें हर कंडीशंस में ख़तरनाक टीम बनाता है.

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एशिया कप की इस जीत के बाद अब भारत की निगाहें विश्व कप पर हैं.
अगला वर्ल्ड कप साल 2023 में दक्षिण अफ़्रीका में खेला जाना है. भारतीय टीम की तैयैरा शुरू हो चुकी है. जैसा कि हरमनप्रीत ने कहा, "हम साउथ अफ्रीका में विश्व कप जीतना चाहते हैं और उसी तैयारी में हमने एशिया कप में भी टीम में कुछ प्रयोग किए जो सफल रहे हैं."
विश्व क्रिकेट की पटल पर भारतीय महिला खिलाड़ियों का धमाकेदार प्रदर्शन और उनके आत्मविश्वास को पूरी दुनिया क़रीब से देख रही है और विरोधी टीम भी इस प्लानिंग में जुट गई होंगी की कैसे उनका विजय रथ रोका जाए.
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