टी-20 विश्व कप: #PAKVSAUS हसन अली ने छोड़ा मैथ्यू वेड का कैच, मैच हारा पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया फ़ाइनल में

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- Author, आदेश कुमार गुप्त
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
कौन जानता था कि टी-20 विश्व कप में दो दिनों में खेले जाने वाले दोनों सेमीफ़ाइनल मैचों का परिणाम एक जैसा निकलेगा और आख़िर के दो तीन ओवर में ही पहले बल्लेबाज़ी करते हुए जीतती नज़र आने वाली टीम हार जाएगी.
मगर ऐसा हुआ और सबने देखा कि कैसे मैथ्यू वेड की आतिशी बल्लेबाज़ी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने पाकिस्तान को पांच विकेट से वैसे ही मात दे दी जैसे एक दिन पहले जेम्स नीशम की धमाकेदार पारी के दम पर न्यूज़ीलैंड ने इंग्लैंड को हराया था.
दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम दुबई में बीते गुरुवार को आईसीसी टी-20 विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट में दूसरे सेमीफ़ाइनल में पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया आमने-सामने थे.
ऑस्ट्रेलिया के कप्तान आरॉन फ़िंच ने टॉस जीता और पाकिस्तान को पहले बल्लेबाज़ी करने का न्योता दिया. दोनों टीमों ने अपनी टीम में कोई परिवर्तन नहीं किया.
पाकिस्तान ने मोहम्मद रिज़वान के 67, फ़ख़्र ज़माँ के नाबाद 55 और कप्तान बाबर आज़म के 39 रनों की मदद से चार विकेट खोकर 176 रन बनाए और ऑस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए 177 रनों का लक्ष्य रखा.
जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने डेविड वार्नर के 49 और मार्कस स्टोइनिस के नाबाद 40 रन के साथ साथ मैथ्यू वेड के भी नाबाद 41 रन की मदद से 19 ओवर में ही जीत हासिल कर ली.

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छूटा कैच,पलटा मैच
यह ऐसी जीत थी जिसकी कल्पना भी शायद टीम ऑस्ट्रेलिया भी नहीं कर रही होगी. आख़िरी चार ओवर में ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए पूरे पचास रन बनाने थे लेकिन उसने यह सब तीन ओवर में ही कर दिया.
टीम ने 17वें ओवर में 13रन, 18वें ओवर में 15रन और 19वें ओवर में 22 रन बनाए. वैसे पाकिस्तान अपनी ख़राब फ़ील्डिंग और निर्णायक मोड़ पर कैच छोड़ने के कारण मैच हारा.
डेविड वार्नर, आरॉन फ़िंच, स्टीव स्मिथ और मैक्सवैल जैसे धुरंधर बल्लेबाज़ों को आउट करने के बाद मैच लगभग पाकिस्तान के हाथ में था लेकिन जब मैथ्यू वेड केवल 21 रन पर थे तब उनका कैच शाहीन अफ़रीदी की गेंद पर हसन अली ने छोड़ दिया.
बस यहीं से पाकिस्तान की क़िस्मत का सितारा डूब गया क्योंकि इसके बाद वेड ने शाहीन अफ़रीदी की ही लगातार तीन गेंदों पर छक्के लगाकर ना सिर्फ़ एक ओवर बाकि रहते मैच ऑस्ट्रेलिया को जीता दिया बल्कि फ़ाइनल में न्यूज़ीलैंड से भिड़ने का रास्ता भी साफ़ कर दिया.
शायद इसलिए कहा भी जाता है कि कैच के साथ ही मैच जीते जाते है. यह कोई ग्रुप मैच होता तो भी ख़मियाजा भुगता जा सकता था लेकिन जब बात नॉकआउट की हो तो नतीजा टूर्नामेंट से आउट के रूप में ही होना था.

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ऑस्ट्रेलिया की ख़राब शुरूआत
जीत के लिए 177 रनों की तलाश में उतरी ऑस्ट्रेलिया की पारी की शुरुआत इस विश्व कप में शानदार और दमदार बल्लेबाज़ी कर रहे डेविड वार्नर और कप्तान आरॉन फ़िंच ने की, लेकिन फ़िंच तीसरी ही गेंद पर शाहीन अफ़रीदी की गेंद पर एलबीडब्लू हो गए. फ़िंच अपना खाता भी नहीं खोल सके जबकि ऑस्ट्रेलिया का स्कोर केवल एक रन था.
इसके बाद ऑस्ट्रेलिया की पारी को नए बल्लेबाज़ मिचेल मार्श ने 22 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्के की मदद से 28 रन बनाकर संभाला. वह शादाब खान की गेंद पर आसिफ़ अली के हाथों कैच हुए. उन्होंने डेविड वार्नर के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 51 रनों की साझेदारी की.
जब मिचेल मार्श आउट हुए तब ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 6.2 ओवर के बाद दो विकेट खोकर 52 रन था. मिचेल मार्श की जगह स्टीव स्मिथ ने ली, लेकिन वह बहुत अधिक देर तक विकेट पर टिककर नहीं खेल सके. वह केवल पांच रन बनाकर शादाब खान की गेंद पर फ़ख़्र ज़माँ को कैच देकर लौट गए.
स्मिथ की जगह ग्लेन मैक्सवैल ने ली. दस ओवर के बाद ऑस्ट्रेलिया का स्कोर तीन विकेट खोकर 89 रन था. तब डेविड वॉर्नर 49 और मैक्सवेल चार रन बनाकर खेल रहे थे.

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पाकिस्तान की वापसी
दस ओवर के बाद पाकिस्तान ने मैच में शानदार वापसी की. दरअसल ग्यारहवां ओवर लेकर आए शादाब ख़ान ने अपनी पहली ही गेंद पर खूँटा गाड़कर खेल रहे और ख़तरा बनते जा रहे ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज़ डेविड वार्नर को मोहम्मद रिज़वान के हाथों कैच करा दिया.
वॉर्नर ने 30 गेंदों पर तीन चौके और तीन छक्को की मदद से 49 रन बनाए. इसके बाद शादाब खान ने ग्लेन मैक्सवैल को भी डगआउट की राह दिखाई. उन्होंने मैक्सवेल को हारिस राउफ़ के हाथों लपकवाया. मैक्सवैल केवल सात रन बना सके.
अब ऑस्ट्रेलिया का स्कोर पांच विकेट पर 96 रन था. 15 ओवर के बाद ऑस्ट्रेलिया पांच विकेट खोकर 115 रन बना सका था. तब मार्कस स्टोइनिस 15 और मैथ्यू वेड सात रन बनाकर खेल रहे थे.

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पाकिस्तान के हाथ से ऐसे फ़िसला मैच
आख़िरी पांच ओवर में पाकिस्तान ने मैच को जैसे अपनी मुट्ठी में क़ैद कर ही लिया था. उनके गेंदबाज़ पूरे जोश के साथ गेंदबाज़ी कर रहे थे.
आख़िरी 24 गेंदों पर ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए पूरे 50 रन बनाने थे. ऑस्ट्रेलिया की तमाम उम्मीद स्टोइनिस पर टिकी थी जो धुआँधार बल्लेबाज़ी कर सकते थे.
आख़िरकार स्टोइनिस ने वही करना शुरू कर दिया और हारिस राउफ के ओवर में तीसरी गेंद पर ज़ोरदार छक्का लगाया. इसके बाद अगली गेंद को भी उन्होंने स्ट्रेट बाउंड्री लाइन के बाहर भेजा. इस ओवर में ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज़ों ने 13 रन बटोरे.
अब मैच रोमांच के चरम पर था. अंतिम तीन ओवर यानि 18 गेंदों पर जीत के लिए ऑस्ट्रेलिया को 37 रनों की दरकार थी. ऐसे में मोर्चा संभाला मैथ्यू वेड ने.
उन्होंने हसन अली के ओवर की तीसरी गेंद पर लॉग ऑन पर छक्का लगाकर ऑस्ट्रेलिया की थमती सांसों को रफ़्तार दी. उन्होंने छठी गेंद पर स्कॉयर लैग पर चौका मारकर पाकिस्तानी ख़ेमे की हलचल बढ़ा दी.
हसन अली के इस ओवर में 15 रन पड़े. अब आख़िरी दो ओवर में ऑस्ट्रेलिया को 22 रन बनाने थे.
लेकिन ऑस्ट्रेलियाई को आख़िरी ओवर खेलने की ज़रूरत ही नहीं पड़ी क्योंकि शाहीन अफ़रीदी के 19वें ओवर में मैथ्यू वेड ने वो कर दिखाया जिसमें सबको दांतों तले अंगुली दबाने को मजबूर कर दिया. यह पूरे मैच का सबसे रोमांचक ओवर था.
शाहीन के इस ओवर की दूसरी गेंद पर स्टोइनिस ने लेग बाई के माध्यम से एक रन लिया. अब शाहीन के सामने वेड थे. उनकी तीसरी गेंद वाइड करार दी गई. ज़ाहिर है अगली गेंद भी अतिरिक्त गेंद के तौर पर तीसरी ही गेंद थी जिसे वेड ने मिडविकेट पर उछाल कर खेला. हसन अली गेंद तक पहुँचे भी लेकिन कैच और मैच हाथ से छिटक गया. वेड ने इसी बीच दो रन पूरे किए.
इसके बाद वेड का वह रूप पूरी दुनिया ने देखा जो इससे पहले किसी ने नहीं देखा था. उन्होंने चौथी गेंद को स्कूप शॉट से स्कॉयर लैग पर छक्का जड़ा. पांचवीं गेंद को तो उन्होंने 96 मीटर दूर मिडविकेट बाउंड्री लाईन के बाहर भेजा. यह शॉट देखकर पूरी पाकिस्तानी टीम का कलेजा मुंह को आ गया पर वेड कहां रुकने वाले थे.

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उन्होंने शाहीन अफ़रीदी की आख़िरी गेंद को एक बार और लगातार तीसरे छक्के के लिए स्कूप शॉट से फ़ाइन लैग बाउंड्री लाइन के बाहर मारा.
इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया मे 177 रन के स्कोर पर पहुंचते ही मैच पांच विकेट से अपने नाम कर लिया और फ़ाइनल में न्यूज़ीलैंड से भिड़ने का हक़ भी हासिल कर लिया.
मैथ्यू वेड केवल 17 गेंदों पर दो चौके और चार छक्के लगाते हुए 41 रन बनाकर नाबाद रहे. दूसरे छोर पर स्टोइनिस भी 31 गेंदों पर दो चौके और दो छक्के की मदद से 40 रन बनाकर नाबाद लौटे.
इस तरह ऑस्ट्रेलिया ने आख़िरी पांच ओवर में जीत के लिए 62 रन जोड़कर पाकिस्तान को उस हार के मुंह में धकेल दिया जो थोड़ी देर पहले जीत में नज़र आ रही थी.
इस हैरतअंगेज़ जीत के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों का जश्न में और पाकिस्तान के खिलाड़ियों का ग़म के सागर में डूबना तय था.

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पाकिस्तान की गेंदबाज़ी
इस मैच में पाकिस्तान के शादाब खान ने 26 रन देकर चार और शाहीन अफ़रीदी ने 35 रन देकर एक विकेट हासिल किया. हसन अली ने 44 और हारिस राउफ़ ने 32 रन बिना किसी विकेट के दिए.
इससे पहले पाकिस्तान की पॉवर प्ले यानि छह ओवर की पारी पाकिस्तान के लिए पारी की शुरूआत पूरे टूर्नामेंट में ज़बरदस्त फ़ॉर्म में चल रही सलामी जोड़ी कप्तान बाबर आज़म और मोहम्मद रिज़वान ने की.
ऑस्ट्रेलिया के लिए गेंदबाज़ी की शुरूआत मिचेल स्टार्क ने की. उन्होंने पहले ओवर में छह रन दिए. पहले ओवर के बाद साफ़ दिखा कि पिच में उछाल है और यह बैटिंग के लिए अच्छा है. पहले ओवर में आज़म बाबर ने चौका भी लगाया.
दूसरा ओवर जोश हेज़लवुड ने किया. हेज़लवुड के इस ओवर में भी बाबर आज़म ने एक चौका लगाया. इस ओवर में भी केवल पांच रन आए.
तीसरे ओवर को लेकर मैक्सवैल आए. शुरूआती तीन ओवर में तीन गेंदबाज़ों का इस्तेमाल ऑस्ट्रेलिया के कप्तान आरोन फ़िंच ने किया.
मैक्सवैल के इस ओवर में दूसरे छोर पर थोड़ा खामोशी से खेल रहे मोहम्मद रिज़वान ने भी चौका लगाया. इसी ओवर में बाबर आज़म के बल्ले से भी एक चौका निकला. तीन ओवर के बाद पाकिस्तान का स्कोर बिना किसी नुक़सान के 21 रन था.
ऑस्ट्रेलिया के लिए चौथा ओवर फ़िर एक नए गेंदबाज़ पेट कमिंस ने किया. कमिंस ने इस ओवर में आठ रन ख़र्च किए जिसमें बाबर आज़म का चौका भी शामिल था. पांचवे ओवर के लिए फ़िंच ने हेज़लवुड को वापस गेंदबाज़ी के लिए बुलाया जिनका स्वागत मोहम्मद रिज़वान ने स्कॉयर लैग पर छक्का लगाकर किया.
आख़िरकार पॉवर प्ले यानि छह ओवर के बाद पाकिस्तान का स्कोर बिना किसी नुक़सान के 47 रन था यानि पाकिस्तान की सलामी जोड़ी इस महत्वपूर्ण मैच में अपने पांव अंगद की तरह जमा चुकी थी.
पॉवर प्ले में पाकिस्तान का इस टूर्नामेंट में यह सर्वाधिक स्कोर था. इससे पहले उन्होंने भारत के ख़िलाफ़ सबसे अधिक 43 रन जोड़े थे.

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दसवें ओवर में टूटी सलामी जोड़ी
जब पाकिस्तान का स्कोर दसवें ओवर में 71 रन था तब दसवें ओवर की आख़िरी गेंद पर बाबर आज़म अपना विकेट खो बैठे. उन्होंने एडम जैम्पा की गेंद को लॉग ऑन बाऊंड्री लाइन से बाहर भेजने की कोशिश की लेकिन गेंद वहां खड़े डेविड वार्नर के हाथों में समा गई. बाबर आज़म ने 34 गेंदों का सामना करते हुए 39 रन बनाए.
उनकी जगह अपने बल्ले से इस विश्व कप में नाकाम चल रहे फ़ख़्र ज़मां ने ली. वैसे बाबर आज़म अपने 39 रनों के साथ ही इस विश्व कप में अभी तक 303 रन बनाने में कामयाब रहे.
टी-20 विश्व कप के इतिहास में सबसे अधिक रन साल 2014 में भारत के कप्तान विराट कोहली ने 319 रन के रूप में बनाए है.

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पाकिस्तान के सौ रन
पाकिस्तान के सौ रन 14वें ओवर में बने. 14 ओवर के बाद पाकिस्तान का स्कोर एक विकेट खोकर 106 रन था. तब मोहम्मद रिज़वान 41 गेंदों पर दो चौके और तीन छक्कों की मदद से पूरे 50 रन बनाकर खेल रहे थे. इस विश्व कप में यह उनका तीसरा अर्धशतक कहा.
15 ओवर के बाद पाकिस्तान का स्कोर एक विकेट के नुक़सान पर 117 रन था. अब सबकी निगाहें पाकिस्तान की इस जोड़ी मोहम्मद रिज़वान और फ़ख़्र ज़मा पर जमी थी कि वह बचे हुए पांच ओवर में कैसी बल्लेबाज़ी करते हैं और ऑस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए कितने रनों का लक्ष्य रखते है.
आख़िरी पांच ओवर में पाकिस्तान
ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ मोहम्मद रिज़वान तो अपना अर्धशतक बनाने में कामयाब हो गए लेकिन 16 ओवर के बाद पाकिस्तान का स्कोर एक विकेट खोकर 117 रन था.
17वें ओवर में फ़ख़्र ज़मा ने अपने हाथ खोले और गेंदबाज़ी कर रहे जोश हेज़लवुड की गेंद पर लम्बा छक्का लगाया. इसी ओवर में मोहम्मद रिज़वान ने मिडविकेट पर चौका लगाया जो नो बॉल थी नतीजा अगली गेंद फ़्री हिट मिली जिसका फ़ायदा उन्होंने छक्का लगाकर उठाया.
अब पाकिस्तान का स्कोर एक विकेट पर 143 रन था. इसके बाद पाकिस्तान को दूसरा झटका तब लगा जब मोहम्मद रिज़वान अगले ओवर में मिचेल स्टार्क की गेंद पर स्टीव स्मिथ के हाथों कैच हुए. उन्होंने 52 गेंदों पर तीन चौके और चार ज़ोरदार छक्कों की मदद से 67 रन बनाए. उनकी जगह आसिफ़ अली ने ली.
18 ओवर के बाद पाकिस्तान का स्कोर दो विकेट खोकर 158 रन था. इस स्कोर पर अगले ओवर में आसिफ़ अली पेट कमिंस की पहली ही गेंद पर तेज़ शॉट खेलने की कोशिश में स्टीव स्मिथ के हाथों में कैच थमा बैठे.
अगली ही गेंद पर नए बल्लेबाज़ शोएब मलिक का आसान सा कैच स्मिथ ने छोड़ दिया.
आख़िरी ओवर मिचेल स्टार्क ने किया और पहली ही गेंद पर शोएब मलिक को बोल्ड कर दिया. वह केवल एक रन बना सके. उनकी जगह मोहम्मद हफ़ीज़ ने ली. उन्होंने अगली गेंद पर एक रन लेकर स्ट्राइक फ़ख़्र ज़मां को दे दी.
फ़ख़्र जमां ने लगातार दो छक्के लगाकर पूरे स्टेडियम में तालियों की गड़गड़ाहट की गूंज उठा दी. स्टार्क के इस ओवर में 15 रन आए.
आख़िरकार पाकिस्तान ने 20 ओवर खेलकर चार विकेट पर 176 रन जैसा मज़बूत और लड़ने वाला स्कोर बनाया. फ़ख़्र ज़मा 32 गेंदों पर तीन चौके और चार छक्के की मदद से 55 रन बनाकर नाबाद रहे.
पूरे टूर्नामेंट में रनों के लिए तरस रहे फ़ख़्र ज़मा ने साबित किया "देर आए दुरुस्त आए". उनके अलावा मोहम्मद हफ़ीज़ एक रन बनाकर नाबाद रहे.

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ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाज़ी
ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क ने 38 रन देकर दो, पैट कमिंस ने 30 रन देकर एक और एडम जैम्पा ने भी 22 रन देकर एक विकेट हासिल किया. जोश हेज़लवुड ने 49 रन ख़र्च किए लेकिन उन्हें कोई विकेट नहीं मिला. मिचेल मार्श ने केवल एक ओवर किया और 11 रन दिए.
मैच समाप्त होने के बाद निराश पाकिस्तान के कप्तान बाबर आज़म ने कहा कि इस मैच का टर्निंग पोइंट हसन अली द्वारा मैथ्यू वेड का कैच छोड़ना रहा.
उन्होंने कहा, "अगर वह कैच पकड़ा जाता तो मैच का नक़्शा दूसरा ही होता. वैसे पूरे टूर्नामेंट में पाकिस्तान ने जिस तरह का खेल दिखाया उससे मैं संतुष्ट हूं."
वहीं विजेता ऑस्ट्रेलिया के कप्तान आरोन फ़िंच ने कहा कि यह क्रिकेट का महान खेल है. मैथ्यू वेड ने आख़िरी पलों में अपनी नर्व पर जिस तरह कंट्रोल रखा वह आश्चर्यजनक है. स्टोइनिस के साथ उनकी साझेदारी बेहद महत्वपूर्ण रही.
इसके अलावा प्लेयर ऑफ़ द मैच मैथ्यू वेड ने कहा कि "मुझे थोड़ा अनिश्चता सा महसूस हो रहा था लेकिन स्टोइनिस ने मुझे आगे का रास्ता दिखाया. मैदान मे एक तरफ़ की बाऊंड्री छोटी थी और मैं निश्चिंत था कि अगर मैं वहां खेलूं तो ठीक रहेगा. मैं दो तीन साल से टीम से बाहर था लेकिन मैं टीम के भरोसे पर खरा उतरकर बेहद खुश हूँ."

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ऑस्ट्रेलिया विश्व कप में नहीं हारा पाकिस्तान से
इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने साल 1987 के एकदिवसीय विश्व कप में पाकिस्तान को सेमीफ़ाइनल में हराया था.
उसके बाद साल 1999 में एकदिवसीय विश्व कप के फ़ाइनल में लॉर्ड्स में हराया.
ऑस्ट्रेलिया ने साल 2010 के टी-20 विश्व कप के सेमीफ़ाइनल और साल 2015 के एकदिवसीय विश्व कप के क्वॉर्टर फ़ाइनल में भी पाकिस्तान को हराया था.
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