डीआरएस विवाद: 'कोहली ने साबित कर दिया सचिन तेंदुलकर के वक़्त सईद अजमल सही थे'

क्रिकेट

इमेज स्रोत, @SajSadiqCricket

    • Author, अब्दुल रशीद शकूर
    • पदनाम, बीबीसी उर्दू के लिए

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच केप टाउन में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन ऑफ़ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने मेजबान टीम की पारी के 21वें ओवर की चौथी गेंद पर कप्तान डीन एल्गर के ख़िलाफ़ एलबीडब्ल्यू की अपील की.

डीन एल्गर ने खुद को आउट दिए जाने के अंपायर के फ़ैसले की समीक्षा की मांग की. इसके बाद जो हुआ वो न केवल भारतीय कप्तान विराट कोहली और उनके खिलाड़ियों के लिए बल्कि खुद अंपायर मारियस इरास्मस के लिए भी आश्चर्य की बात थी.

दरअसल, अश्विन की गेंद पर एल्गर को फ़ील्ड अंपायर ने एलबीडब्ल्यू आउट दिया. लेकिन रेफरल में थर्ड अंपायर का फ़ैसला एल्गर के हक़ में गया. रिव्यू में पाया गया कि गेंद स्टंप के ऊपर से जाती.

इस मैच में भारत को सात विकेट से हार झेलनी पड़ी और दक्षिण अफ़्रीका ने तीन मैचों की सिरीज़ 2-1 से अपने नाम कर ली.

कप्तान विराट कोहली और ऋषभ पंत अंपायर के फ़ैसले से नाराज़ हो गए. कोहली स्टंप माइक के करीब गए और साफ़ बोला, "सिर्फ़ विरोधी टीम ही नहीं, सभी लोगों को पकड़ने की कोशिश करें."

क्रिकेट

इमेज स्रोत, Twitter/@man4_cricket

ऋषभ पंत मैच के दौरान ये कहते सुने गए, "पूरा देश 11 के ख़िलाफ़ खेल रहा है."

अंपायर के फ़ैसले से अश्विन भी काफ़ी निराश दिखे. उन्हें ये कहते हुए सुना गया कि 'सुपरस्पोर्ट जीतने के और भी तरीके हैं.'

यहां तक ​​कि कप्तान विराट कोहली भी स्टंप्स की तरफ झुक गए और डीआरएस (डिसीज़न रिव्यू सिस्टम यानी फ़ैसले के रिव्यू की व्यवस्था) की आलोचना की.

सईद अजमल को सभी ने किया याद

जहां अश्विन की गेंद पर डीन एल्गर को नॉट आउट दिए जाने की घटना ने डीआरएस के सही या गलत होने पर एक नई बहस छेड़ दी है.

इस घटना के बाद सभी को पाकिस्तानी ऑफ़ स्पिनर सईद अजमल की याद आ गई जिनकी गेंद पर भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को नॉटआउट दिया गया था.

छोड़िए X पोस्ट
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त

ये घटना 2011 विश्व कप के सेमीफाइनल में हुई थी जब सईद अजमल की गेंद पर सचिन तेंदुलकर को एलबीडब्ल्यू दिया गया था लेकिन डीआरएस तकनीक का फैसला सईद अजमल के ख़िलाफ़ गया था.

अश्विन और डीन एल्गर से जुड़ी इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर दिलचस्प कमेंट आने शुरू हो गए.

एजाज शेख नाम के यूजर ने अपने ट्वीट में लिखा, "आखिरकार कोहली ने साबित कर दिया कि सईद अजमल बिल्कुल सही थे."

क्रिकेट

इमेज स्रोत, @SajSadiqCricket

साज सादिक ने अपने ट्वीट में सईद अजमल के उस बयान का हवाला दिया कि जब उनकी गेंद पर रिव्यू ने तेंदुलकर के बारे में फैसला बदल दिया तो उनसे कहा गया कि उन्हें तकनीक पर भरोसा करना चाहिए क्योंकि वह सही हैं लेकिन आज वही लोग कह रहे हैं कि टेक्नोलॉजी पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि ये बिल्कुल भी सटीक नहीं है.

साज सादिक ने सईद अजमल के हवाले से भी एक अन्य ट्वीट में लिखा कि जब कोई स्पष्ट फैसला आपके ख़िलाफ़ जाता है तो उसे स्वीकार करना आपके लिए बहुत मुश्किल होता है.

सचिन तेंदुलकर के ख़िलाफ़ उनकी गेंद स्टंप्स को नहीं छू रही थी जैसे अश्विन की गेंद एल्गर के स्टंप्स को नहीं छू रही थी.

क्रिकेट

इमेज स्रोत, @iRashidLatif68

पाकिस्तान के पूर्व विकेटकीपर राशिद लतीफ ने ट्वीट कर कहा कि आउट या नॉट आउट? बॉल ट्रैकिंग सिस्टम में कुछ गड़बड़ है. सबूतों के मुताबिक, ये आउट है.

क्रिकेट में टेक्नोलॉजी का उपयोग करने का मुख्य उद्देश्य गलतियों की संभावना को कम करना है.

हालांकि, इसके बावजूद कई बार विवाद पैदा हुए हैं और तकनीक पर भी सवाल उठाया गया है.

क्रिकेट

इमेज स्रोत, Twitter/@walidabbasi7

वलीद अब्बासी नाम के एक यूज़र ने लिखा कि भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को ये समझने में लगभग 10 साल, नौ महीने और 14 दिन लग गए कि तब हमारी भावनाएं क्या थीं?

क्रिकेट

इमेज स्रोत, Twitter/@Suyashlfc

सुयश श्रीवास्तव नाम के एक यूज़र ने लिखा कि अब मुझे 2011 विश्व कप सेमीफाइनल में सचिन तेंदुलकर के एलबीडब्ल्यू फैसले पर पाकिस्तान का दर्द महसूस हो रहा है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)