रवि शास्त्री ने कुलदीप यादव के लिए ऐसा क्या कहा जिससे टूट गए थे अश्विन, संन्यास पर करने लगे थे विचार

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दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ टेस्ट सिरीज़ शुरू होने से कुछ ही दिन पहले टेस्ट मैचों में भारत के लिए अनिल कुंबले के बाद सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ रविचंद्रन अश्विन ने एक इंटरव्यू दिया है जिसकी काफ़ी चर्चा हो रही है. उनके इस इंटरव्यू से एक बार फिर पिछले कुछ समय से भारतीय टीम के भीतर के माहौल को लेकर जारी अटकलों को बल मिला है.
अश्विन ने क्रिकेट वेबसाइट 'ईएसपीएन क्रिकइंफ़ो' को दिए इस इंटरव्यू में कहा है कि कुछ साल पहले रवि शास्त्री ने एक ऐसी टिप्पणी की जिससे उन्हें ऐसा लगा जैसे उनको 'बस के नीचे फेंक दिया गया हो'.
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उन्होंने कहा कि ये घटना ऐसे समय हुई जब वो अपने खेल जीवन के एक मुश्किल दौर से गुज़र रहे थे और ऐसा भी समय आया था जब उन्हें कई बार ऐसा लगा कि उन्हें क्रिकेट छोड़ देना चाहिए.
अश्विन के मुताबिक़ इस विचार की कई वजहें थीं और उनमें से एक ये थी कि उन्हें लगता था कि टीम के लिए कई मैच जीतने के बाद भी मुश्किल वक़्त में कोई उनका साथ नहीं दे रहा है.
अश्विन ने कहा, "मैंने कई कारणों की वजह से संन्यास लेने का विचार किया. मुझे लगा कि लोग मेरी चोटों को लेकर उतने संवेदनशील नहीं हैं जितना उन्हें होना चाहिए. मैं सोचने लगा कि जब तमाम लोगों को सहारा दिया गया, तब मेरे साथ ऐसा क्यों नहीं किया जा रहा है. मेरा योगदान किसी से कम नहीं है. "
अश्विन ने आगे कहा, "मैंने टीम के लिए कई मैच जीते हैं और मुझे ऐसा नहीं लगता है कि मेरा समर्थन किया जा रहा है. आमतौर पर मैं मदद नहीं मांगता हूँ कि कोई मुझे सहारा दे. या कोई मेरे साथ सहानुभूति दिखाए. मुझे लगा कि मैं अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं दे पा रहा हूं और मुझे लगा कि सहारे के लिए किसी का कंधा चाहिए. ऐसा नहीं हो रहा था. मैंने सोचा शायद मुझे कुछ और तलाश करना चाहिए और वहां अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करनी चाहिए."
शास्त्री की वो टिप्पणी जिससे अश्विन 'टूट गए'
अश्विन ने ईएसपीएन क्रिकइंफो को दिए गए इंटरव्यूर में अपने करियर और उपलब्धियों से जुड़े कई मुद्दों पर बात की.
इस इंटरव्यू में उन्होंने कुलदीप यादव को लेकर रवि शास्त्री की एक टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी.

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शास्त्री ने 2019 के सिडनी टेस्ट में पाँच विकेट लेने के बाद कुलदीप यादव को 'विदेशी ज़मीन पर भारत का नंबर 1 स्पिनर' बताया था. ये मैच ड्रॉ रहा था लेकिन भारत ने ये सिरीज़ 2-1 से जीती थी.
अश्विन ने अब कहा है कि वो कुलदीप के लिए ख़ुश थे लेकिन शास्त्री की इस टिप्पणी से उन्हें लगा जैसे कि उन्हें 'ज़मींदोज़ कर दिया गया हो.'
अश्विन ने कहा, "मैं रवि भाई को ख़ासा मान देता हूँ. हम सभी देते हैं. मैं ये भी समझता हूँ कि हम सभी अपनी बातें रख सकते हैं और फिर उन्हें वापस भी ले सकते हैं. लेकिन उस एक पल में लगा कि मुझे कुचल दिया गया है. पूरी तरह ज़मींदोज हो गया हूँ."
उन्होंने आगे कहा, "हम सभी ये बात करते हैं कि टीम के साथी की कामयाबी का जश्न मनाना कितना अहम है. मैं कुलदीप के लिए ख़ुश था. मैं पाँच विकेट लेने में कामयाब नहीं हुआ था लेकिन उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में पाँच विकेट हासिल किए थे. मुझे पता था कि ये कितनी बड़ी बात है."
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अश्विन ने आगे कहा, "लेकिन, अगर मुझे उनकी ख़ुशी और टीम की कामयाबी में शामिल होना है तो मुझे लगना चाहिए कि मैं इसी जगह का हिस्सा हूँ. अगर मुझे लगे कि जैसे मुझे बस के नीचे फेंक दिया गया है तब मुझसे उठने और पार्टी में आकर टीम या फिर टीम के साथ की कामयाबी का जश्न मनाने की उम्मीद कैसे की जा सकती है."
उन्होंने आगे बताया, "मैं अपने कमरे में लौटा और अपनी पत्नी से बात की. मेरे बच्चे भी वहाँ थे. तब हम इसे पीछे छोड़ देने में कामयाब हुए. मैं उसके बाद पार्टी में भी शामिल हुआ. आखिरकार हमने एक बड़ी सिरीज़ जीती थी."
टी-20 टीम में चार साल बाद वापसी
आर अश्विन ने टेस्ट मैचों में भारत के लिए 427 विकेट लिए हैं. टेस्ट मैचों में वो भारत के दूसरे सबसे कामयाब स्पिनर हैं. उनसे ज़्यादा विकेट सिर्फ़ अनिल कुंबले ने लिए हैं. कुंबले के नाम 619 विकेट हैं.
लेकिन टेस्ट क्रिकेट में भारत के भरोसेमंद स्पिनर समझे जाने वाले अश्विन को 2017 में टी-20 की टीम से बाहर कर दिया गया.
हालाँकि, वो आईपीएल में लगातार खेलते रहे और सफ़ेद गेंद की क्रिकेट में भी ख़ुद को निखारते गए. डेल्ही कैपिटल्स के लिए उन्होंने अपनी उपयोगिता को बख़ूबी सिद्ध किया.
लेकिन इसके बावजूद भारतीय टीम में अश्विन को वापस लेने को लेकर विराट कोहली बहुत उत्साहित नहीं थे. इस वर्ष मार्च में तत्कालीन टी-20 टीम कप्तान कोहली ने अश्विन की वापसी के सवाल पर कहा था कि "इस सवाल का कोई तार्किक आधार होना चाहिए क्योंकि वॉशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ी टीम के लिए वैसे ही उपयोगी हैं, और ऐसे में सवाल करना आसान है, मगर इसका कोई तार्किक आधार क्या है ये ख़ुद ही सोचना चाहिए".
हालाँकि, वर्ल्ड कप से पहले वॉशिंगटन सुंदर चोटिल हो गए और इसका नतीजा ये हुआ कि चार साल बाद अश्विन की टी-20 टीम में वापसी हुई. वे अक्टूबर-नवंबर में यूएई में हुए टी-20 वर्ल्ड कप में टीम में चुने गए.
इसके बाद वो न्यूज़ीलैंड के भारत दौरे में भी टी-20 टीम का हिस्सा रहे और तीन में से दो मैचों में मैदान पर उतरे.
अश्विन इस रविवार 26 दिसंबर से दक्षिण अफ़्रीका में तीन मैचों की टेस्ट श्रृंखला में मैदान पर नज़र आएँगे.
इस दौरे को लेकर उत्साहित अश्विन ने कहा था- "मैं दक्षिण अफ़्रीका जाना और वहाँ एक सिरीज़ जीतना चाहता हूँ. हमने आज तक ये नहीं किया है, पर उम्मीद है इस बार ये कर दिखाएँगे."
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