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अब दुबले होने का भी रिकॉर्ड! | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विश्व रिकार्ड में नाम शामिल कराने के लिए कोई अगर अपना वज़न 185 किलोग्राम कम कर ले तो हम यही कहेंगे कि भई, ये कुछ ज़्यादा ही हो गया. लेकिन उत्तरी मेक्सिको के मैनुअल उरीब ने ऐसा करने के लिए अपने वजन में कोई बीस-पचास नहीं बल्कि पूरे 185 किलोग्राम की कमी लाकर दिखा दी. अब विश्व का यह सबसे भारी आदमी दुबले होने के मामले में भी धरती का सबसे सफल आदमी बनने जा रहा है. दूसरी तरह से देखें तो एक साल में उन्होंने अपने शरीर का वज़न जितना घटाया है वह पूरी तरह से विकसित दो सामान्य आदमी के वज़न के बराबर आता है. मैनुअल गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्डस के सबसे ताज़ा अंक में भी धरती के सबसे भारी-भरकम शख़्स के रूप में दर्ज हैं. इसका कारण है कि कुछ समय पहले तक उनका वज़न 560 किलोग्राम था यानी आधा टन से ज़्यादा ही था. निगरानी में भोजन
कुदरत ने मैनुअल को विशालकाय शरीर का स्वामी बना दिया लेकिन आहार पर नियंत्रण पाकर और इच्छाशक्ति के दम पर उन्होंने इसमें काफ़ी कमी लाई है. वो कहते हैं, "मेरे चेहरे को देखिए. मैंने अपने वज़न में बहुत कमी लाई है." मैनुअल इस सफलता का श्रेय 'ज़ोन डाइट' को देते हैं. ज़ोन डाइट उस तरह के आहार होते हैं जिसकी मदद से कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा का अनुपात चार, तीन, तीन किया जाता है. ज़ोन डाइट मूल रूप से वज़न में कमी लाने वाला आहार नहीं होता है लेकिन ऐसा करने में यह मदद ज़रूर करता है. वैज्ञानिक और आहार विशेषज्ञों की निगरानी में मैनुअल ने कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा वाले भोजन को लेकर कड़े नियमों का पालन किया. दरअसल, इस तरह का आहार शरीर में हॉर्मोन ख़ासकर इंसुलिन और ग्लूकागोन्स के स्तर को नियंत्रित करने का ज़रिया है. 'कोई भी कर सकता है ऐसा'
आहार विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी हालत में अपनी ऊर्जा ज़रूरतों के लिए शरीर पहले से जमा वसा का उपयोग करता है. नतीजतन वज़न में कमी आने लगती है. मैनुअल कहते हैं, "ज़िंदगी अब ख़ूबसूरत है क्योंकि भोजन ही दवा है. अगर आप सही आहार लेते हैं तो शरीर को जिन चीज़ों की जितनी ज़रूरत होती है, वो मिल जाती है." उनका कहना है, "अगर मैं वज़न घटा सकता हूँ तो कोई भी ऐसा कर सकता है." निश्चित रूप से मैनुअल ने वज़न में कमी का लक्ष्य हासिल करने के लिए भूखे रहने का रास्ता नहीं अख़्तियार किया. वे आम तौर पर दिन में पाँच बार खाते हैं. उनके दोपहर के खाने में जैतून के तेल में पकाया गया एक प्लेट चिकेन, टमाटर और लाल मिर्च के टुकड़े होते थे. माँ को गर्व
मैनुअल मछली, मीट, कई तरह के फल, ख़ासी मात्रा में सब्ज़ी खा सकते हैं लेकिन तयशुदा मात्रा में. उन्हें दिन में एक बार पेप्सी-कोक जैसा शीतल पेय पीने की भी इजाज़त है लेकिन उसमें चीनी नहीं होना चाहिए. मैनुअल की माँ ओटिलिया कहती हैं, "वो अपने भोजन को पसंद करता है. लेकिन पिछले एक साल में उसने जो हासिल किया है उस पर मुझे गर्व होता है." मेक्सिको के सर्जन डॉ. रॉबर्टो रमबाउट कहते हैं मैनुअल के मोटापे के बारे में सही तस्वीर बताते हैं. वे बताते हैं, "मैनुअल का मामला तो अत्यधिक मोटापे का मामला है. आम तौर पर 13 से 31 किलोग्राम वज़न अधिक हो तो इसे मोटापा माना जाता है." महिला मित्र का साथ
विश्व स्वास्थ्य संगठन के आँकड़ो का हवाला देते हुए रमबाउट कहते हैं कि दुनिया भर में 1.60 अरब लोग ज़्यादा वज़न वाले हैं जिनमें 45 करोड़ लोग मोटापे के शिकार हैं. वे कहते हैं कि सिर्फ़ आहार पर काम करने से मोटापे से नहीं लड़ा जा सकता बल्कि इसके लिए कसरत और जीवनशैली में बदलाव को भी देखना होगा. मैनुअल के लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा है और इस सपने को हकीक़त में बलदने की साथी रही हैं उनकी महिला मित्र क्लाउडिया. उन्हें खाना खिलाने और साफ़-सुथरा रखने में मदद करने वाली क्लाउडिया कहती हैं, "हम उनकी इन कोशिशों से बहुत ख़ुश हैं." क्लाउडिया बताती हैं, "कभी-कभी वह उदास हो जाता है और रोने लगता है क्योंकि वह अपने बिछावन से नहीं उठ सकता. लेकिन वह दूसरे मोटे लोगों के लिए आगे बढ़ने का उदाहरण है." गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड की एक प्रति बगल में रखे मैनुअल कहते हैं, "मेरे पास शुक्रिया अदा करने के लिए क्लाउडिया है, माँ है और ईश्वर है. मैं ख़ुश हूँ." |
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