|
ख़तरनाक है बड़ा दिल होना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
क्या आप बड़े दिल वाले हैं. अगर हाँ तो सावधान हो जाइए. यूँ तो कहा जाता है कि बड़ा दिल होना तारीफ़ की बात है लेकिन ऐसा होना आपके स्वास्थ्य के लिए काफ़ी ख़तरनाक है. वैज्ञानिकों का कहना है कि दिल का बड़ा होना दिल के दौरे का सबब बन सकता है. वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि साधारण से बड़े आकार के दिल वाले लोगों में ऐसी स्थिति विकसित हो जाती है जिससे दिल के दौरे पड़ सकते हैं. ज्यादा कसरत, उच्च रक्तचाप और मोटापे से दिल का अनियमित विकास हो सकता है. अब तक इस बारे में जीन की भूमिका के बारे में किसी को पता नहीं था लेकिन अब वैज्ञानिकों की एक दल का कहना है कि उन्हें पहली बार बढ़े हुए दिल के ओस्टियोग्लाइसिन (ओजीएन) नाम के जीन से संबद्ध होने का पता लगा है. 'नेचर जेनेटिक्स' पत्रिका में उन्होंने लिखा है कि इस खोज से नए इलाज विकसित हो सकते हैं. चूहों और 30 मनुष्यों पर किए गए इस परीक्षण में संकेत मिले कि ओजीएन जिसे इससे पहले कभी दिल के क्रियाकलापों के साथ नहीं जोड़ा गया, वही दिल के मुख्य प्रकोष्ठ (लेफ़्ट वेंट्रिकल) को नियंत्रित करता है. कारक जब ये जीन अस्वाभाविक व्यवहार करता है तभी दिल बढ़ जाता है और इसके साथ ही साधारण बीमारियों के साथ दौरा पड़ने का ख़तरा भी बढ़ जाता है. मोटे लोगों, उच्च रक्तचाप वालों और डायबिटीज़ के मरीज़ों का दिल अक्सर बढ़ा हुआ होता है. मेडिकल रिसर्च काउंसिल के क्लीनिकल साइंसेज़ सेंटर और इंपीरियल कॉलेज, लंदन के नेशनल हर्ट एंड लंग इंस्टीट्यूट के शोधार्थियों की टीम ने पाया कि अब तक उच्च रक्तचाप को कम करना ही इसका एकमात्र उपाय था. इस अध्ययन के एक लेखक डॉ स्टूअर्ट कुक ने कहा, "अब हम यह बता पाएंगे कि जीन कैसे दिल के विकास को नियंत्रित करते हैं और इससे हम दिल की साधारण बीमारियों के बारे में और ज़्यादा जानकारी प्राप्त कर सकते हैं." उन्होंने कहा, " इससे हमें लोगों के इलाज की नई और ज़्यादा प्रभावी तरीके मिल सकते हैं." एसोसिएट मेडिकल डायरेक्टर प्रोफ़ेसर जेरेमी पियरसन का कहना है, " जब किसी व्यक्ति का दिल दौरे के पड़ने के बाद अपनी ज़रूरतें पूरी करने की कोशिश करता है तो यह बढ़ सकता है. तब यह अपनी खिंचाव की क्षमता को खो देता है और प्रभावी रूप से पंप नहीं कर पाता." उनका कहना था कि शोधार्थियों ने दिल के विकास को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नए जीन ओजीएन की खोज करने के लिए नई और उच्च तकनीक का प्रयोग किया है. अब यह जीन भविष्य में इलाज के नए तरीकों की में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. |
इससे जुड़ी ख़बरें 'भारत में होंगे सबसे ज़्यादा दिल के रोगी'25 अप्रैल, 2008 | विज्ञान शराब भगाए दिल के रोग !09 मार्च, 2008 | विज्ञान तेज़ खर्राटे बढ़ाते हैं हार्टअटैक का ख़तरा01 मार्च, 2008 | विज्ञान तकरार से हो सकता है दिल बीमार10 अक्तूबर, 2007 | विज्ञान इंसुलिन के इंजेक्शन के बजाय गोली12 सितंबर, 2007 | विज्ञान नमक कम खाएँ, दिल बचाएँ 20 अप्रैल, 2007 | विज्ञान स्टेम सेल से तैयार हुआ दिल का 'वाल्व'02 अप्रैल, 2007 | विज्ञान दबाव से बढ़ सकता है रक्तचाप01 जुलाई, 2006 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||