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दिन में सोने वालों... | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अगर आपको न चाहते हुए भी दिन में नींद का शिकार होना पड़ रहा है तो अब जाग जाइए क्योंकि एक अमरीकी शोध में बताया गया है कि ये दिल के दौरे के शुरुवाती निशान हैं. शोध में बताया गया है कि ऐसे उम्र दराज़ लोग जो दिन में सोते हैं, उनमें दिल के दौरे का ख़तरा उन लोगों की अपेक्षा दो से चार गुना अधिक होता है जो कभी दिन में नहीं सोते. अंतरराष्ट्रीय हृदयरोग सम्मेलन में बोलते हुए, शोधकर्ता टीम ने डॉक्टरों को सलाह दी कि अधिक उम्र के लोगों में इसकी जाँच भी होनी चाहिए. इस अध्ययन में क़रीब 2000 लोगों से पूछा गया कि वो दिन में अलग-अलग परिस्थितयों में कैसे सो जाते हैं. नतीजों में पता चला कि वो टीवी देखते हुए, किसी के साथ बैठ कर बातें करते हुए और तो और कुछ लोग तो गाड़ी चलाते समय ट्रैफ़िक पर लाल बत्ती के सामने भी सो जाते हैं. ये शोध उन लोगों की नींद उड़ा सकता जो दिन में सोते हैं क्योंकि शोधर्ताओं के मुताबिक ऐसे लोगों में आघात का ख़तरा उन लोगों से ढाई से साढ़े चार गुना तक ज़्यादा होता है जो दिन में नहीं सोते हैं या कम सोते हैं. शोघकर्ताओं को ये भी पता चला है कि दिन में नींद का लुत्फ़ उठाने वालों में धमनियों की बीमारी की अपेक्षा दिल का दौरा पड़ने या मौत होने का ख़तरा 1.6 से दो प्रतिशत तक होता है. इस अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता, न्यूयॉर्क के कोलंबिया विश्वविद्यालय के न्यूरोलॉजी के सहायक प्रोफ़ेसर बर्नाडट्ट बोडेन-अल्बाला ने कहा, “इतने कम समय में इस बीमारी से प्रभावित लोगों की अच्छी ख़ासी संख्या हमें आश्चर्यचकित कर रही है.” बेचारी नींद पिछले शोध भी बताते रहे हैं कि जो लोग इस क्षणिक नींद में ‘स्लीप एपोनी’ का शिकार होते हैं उनमें आघात का ख़तरा बढ़ जाता है. ‘स्लीप एपोनी’ उस अवस्था को कहते हैं जब सोते समय कुछ देर के लिए साँस रुक जाती है, दिन में सोने की एक वजह रात में स्लीप एपोनी की वजह से नींद का पूरा न होना भी हो सकती है. डॉक्टर बोडेन-अल्बाला ने कहा, “अगर मरीज़ में ऐसे लक्षण नज़र आएँ तो फ़िज़ीशियन को इसके आगे के प्रभाव के बारे में सोचना चाहिए.” उन्होंने कहा कि दूसरे शोध बताते हैं कि जो लोग पर्याप्त नींद नहीं ले पाते हैं वो लगातार थकान के शिकार होने लगते हैं. उन्होंने कहा सवाल उठाते हुए कहा, “हम अपने शरीर के साथ क्या कर रहे हैं? नींद की कमी हमें आघात के जोखिम की तरफ़ तो ढकेलेगी ही.” लंदन के ‘गाइज़ एंड सेंट थॉमस हॉस्पिटल’ के हृदयरोग विशेषज्ञ डॉक्टर हेंरिच ऑडेबर्ट ने कहा, "स्लीप एपोनी से रात में सोते समय व्यक्ति का रक्त चाप बढ़ा जाता है. जिन लोगों की नींद में इससे खलल पड़ता है उन्हें स्लीप एपोनी टेस्ट कराने चाहिए.” अकेले ब्रिटेन में ही हर साल क़रीब डेढ़ लाख लोग दिल के दौरे का शिकार हो रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें चाय पीना पानी से भी 'बेहतर' है!24 अगस्त, 2006 | विज्ञान नमक कम खाएँ, दिल बचाएँ 20 अप्रैल, 2007 | विज्ञान तकरार से हो सकता है दिल बीमार10 अक्तूबर, 2007 | विज्ञान दिल देकर देखो....04 सितंबर, 2007 | विज्ञान सक्रिय जीवन के साथ थोड़ी सी शराब...09 जनवरी, 2008 | विज्ञान गिरते दाँत ख़तरा हृदय रोग का01 अगस्त, 2003 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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