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वज़न घटाने में मददगार नाश्ता | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सुबह अच्छी तरह डटकर नाश्ता करने से वज़न घटाने में मदद मिल सकती है. वैज्ञानिकों का कहना है कि सुबह का नाश्ता ही सबसे महत्वपूर्ण आहार है. अधिक वज़न वाली महिलाओं पर कई महीनों तक किए गए शोध में पाया गया कि जो महिलाएँ अपने दिन भर की ख़ुराक का आधा हिस्सा सुबह ही खा लेती हैं उनका वज़न उतनी तेज़ी से नहीं बढ़ता, जितना कम मात्रा में खाने वाली महिलाओं का. अमरीकी शोधकर्ता डैनियला याकोविच ने सैन फ्रैन्सिसको में एक सम्मेलन में बताया कि हल्का नाश्ता करने से भूख और तीव्र हो सकती है जिससे वज़न बढ़ने की आशंका रहती है. डैनियला का कहना है कि सबसे अधिक कैलोरी सुबह के नाश्ते में, उससे कम दोपहर के खाने में और सबसे कम रात के खाने में ली जानी चाहिए. डैनियला का कहना है अगर नाश्ते में 1240 कैलोरी, लंच में 395 और रात के खाने में 235 कैलोरी ली जाए तो वज़न को नियंत्रण में रखा जा सकता है. तुलना शोध में पाया गया है कि कम कार्बोहाइड्रेट वाले खाने से लोगों का वज़न कम तो होता है लेकिन उनका वज़न कुछ समय बाद दोबारा बढ़ जाता है जबकि अधिक मात्रा में संतुलित भोजन सुबह ही करना अधिक कारगर रहता है, इस तरीक़े से घटाया गया वज़न दोबारा नहीं बढ़ता है. डैनियला कहती हैं, "कार्बोहाइड्रेट में कटौती करके वज़न घटाने से भूख अधिक लगती है, पाचन क्रिया धीमी हो जाती है, वज़न जल्दी से कम हो जाता है लेकिन दोबारा बढ़ भी जाता है." एबरडीन यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर एलेक्स जॉनसन कहते हैं, "कम कार्बोहाइड्रेट वाले आहार से वज़न कम तो हो जाता है लेकिन जीवन भर इसे निभाना बहुत मुश्किल है जबकि दुसरे तरीक़ों को निभाया जा सकता है." डैनियला का कहना है कि सुबह का नाश्ता अच्छी तरह न करने वाले लोगों को भूख लगती है और लंच के समय से पहले ही तरह-तरह के बिस्कट, केक जैसी चीज़ें खाने लगता है जिससे वज़न बढ़ता है. |
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