BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
गुरुवार, 25 अक्तूबर, 2007 को 12:22 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'पूरी दुनिया में फ़ैल रहा है मोटापा'
मोटापा (फ़ाईल फ़ोटो)
मोटापा कई तरह की बिमारियों को जन्म देता है
संभवत: दक्षिण और पूर्वी एशिया को छोड़कर, विश्व के सभी हिस्सों में लोग मोटापे के शिकार हो रहे हैं. एक भूमंडलीय अध्ययन में यह बात उभर कर आई है.

वर्ष 2006 में विश्व के 63 देशों में रहने वाली 50 से 66 प्रतिशत जनसंख्या का वज़न सामान्य से ज़्यादा पाया गया. ये देश पाँचों महाद्विपों में पसरे हुए हैं.

'द सर्कुलेशन' पत्रिका के इस अध्ययन में एक लाख 68 हज़ार से अधिक लोगों को शामिल किया गया. विशेषज्ञों ने पाया कि जो तथ्य सामने आए हैं वो चिंताजनक हैं.

उल्लेखनीय है कि इस अध्ययन में अमरीका के लोगों को शामिल नहीं किया गया है. एक अनुमान के मुताबिक अमरीका की दो-तिहाई जनसंख्या का वज़न सामान्य से अधिक है और इसमें से एक तिहाई मोटापा से ग्रस्त है.

मोटापे के मूल्यांकन के लिए मोटापा आंकने का अंतरराष्ट्रीय दिवस
चुना गया. इस अध्ययन के लिए कमर के घेरे और बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) के माप को आधार बनाया है.

बीएमआई वज़न (किलोग्राम) को लंबाई (वर्गमीटर) से भाग देकर निर्धारित किया जाता है. बीएमए की 18.5 से 25 तक की मात्रा को स्वस्थ माना जाता है. लेकिन 25 से ऊपर बीएमए को सामान्य वज़न से ज़्यादा माना जाता है और 30 से अधिक मोटापे की निशानी होता है.

कनाडा, दक्षिण अफ़्रीका प्रभावित

 अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि सामान्य से अधिक शारीरिक वज़न की समस्या एक महामारी है. अध्ययन में शामिल पचास 50 से लेकर 66 प्रतिशत लोग या तो सामान्य वज़न से अधिक हैं या मोटापा के शिकार हैं
अध्ययन का नेतृत्व कर रहे बेवेरलि बालकॉ

कनाडा और दक्षिण अफ़्रीका में सामान्य से ज़्यादा वज़न वाले लोगों का प्रतिशत सबसे ज़्यादा था.

कनाडा में 36 प्रतिशत महिलाओं और पुरुषों का वज़न सामान्य से ज़्यादा पाया गया. जबकि दक्षिण अफ़्रीका की 40 प्रतिशत महिलाओं में सामान्य से अधिक वज़न पाया गया.

जिन लोगों का भार सामान्य से अधिक होता है उनमें हृदय रोग, टाईप-II मधुमेह के अलावे कुछ कैंसर होने की अधिक संभावना होती है.

फ्रांस के राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान ने इस अध्ययन में भूमिका निभाई. संस्थान के निदेशक बेवेरलि बालकॉ का कहना था, "अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि सामान्य से अधिक शारीरिक वज़न की समस्या एक महामारी है. अध्ययन में शामिल पचास 50 से लेकर 66 प्रतिशत लोग या तो सामान्य वज़न से अधिक हैं या मोटापे से ग्रस्त हैं."

ब्रिटीश हार्ट फाउण्डेशन के इलेन मेसन का कहना था, "यह एक दुखद विडंबना है कि जहाँ विश्व में अनेक लोग भुखमरी के शिकार हैं, वहीं विश्व के कई विकसित देशों के नागरिक मोटापे की समस्या से जूझ रहे हैं."

इससे जुड़ी ख़बरें
फ़ास्ट फ़ूड से सावधान
02 जुलाई, 2005 | विज्ञान
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>