| नासा वैज्ञानिकों को आरंभिक सफलता | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सौरमंडल के जन्म के बारे में और अधिक जानकारी एकत्र करने के लिए अमरीकी वैज्ञानिकों ने जो गोला दागा था वह पुच्छल तारे से जा टकराया है. इस सफलता के बाद अमरीकी अंतरिक्ष केंद्र नासा के वैज्ञानिकों में खुशी की लहर दौड़ गई. नासा के वैज्ञानिकों ने रविवार को डीप इंपैक्ट नाम के एक मानवरहित अंतरिक्ष यान से तेल के एक ड्रम या वाशिंग मशीन के आकार का एक प्रोजेक्टाइल, टेम्पल-1 नाम के एक पुच्छल तारे की ओर छोड़ा था. धरती से 13 करोड़ 30 लाख किलोमीटर दूर टेम्पल-1 से टकराने के समय प्रोजेक्टाइल की गति 37,000 किलोमीटर प्रतिघंटा थी. जिस समय ये टक्कर हुई उस समय 13 करोड़ 30 लाख किलोमीटर की दूरी से डीप इंपैक्ट यान से तस्वीरें ली गईं. नासा के अभियान के वैज्ञानिक डॉक्टर डॉन येओमैंस ने कहा,"हमने ठीक उसी जगह निशाना लगाया जहाँ हम चाहते थे. टक्कर हमारी उम्मीद से भी अधिक ज़ोरदार थी और हम जितना सोच रहे थे उससे भी अधिक जानकारी मिली". उल्लास प्रोजेक्टाइल के पुच्छल तारे से टकराने के बाद जैसे ही डीप इंपैक्ट पर लगे कैमरे से तस्वीरें धरती पर पहुँचीं, नासा के कैलिफ़ोर्निया स्थित लेबोरेट्री में लोगों ने तालियाँ बजाईं और एक-दूसरे को गले से लगाया. पुच्छल तारे से टकराने के बस तीन सेकंड बाद ही पहली तस्वीर मिल गई. वैज्ञानिक चार्ल्स एलाची ने कहा,"अब हम अंतरिक्ष की नई परतों के बारे में जान सकते हैं. जब हम आँकड़ों की विवेचना करेंगे तो उनसे हमें ब्रह्मांड के विषय में नई दृष्टि मिलेगी". डीप इंपैक्ट पर लगे कैमरे से मिली तस्वीरें और आँकड़े अभी कई दिन तक धरती पर आएँगे. इसके बाद वैज्ञानिक कई महीनों तक इन आँकड़ों का अध्ययन करेंगे. |
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