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शक्तिशाली रॉकेट एरियन-5 की उड़ान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूरोप ने अब तक का अपना सबसे शक्तिशाली रॉकेट एरियन-5 ईएससीए अंतरिक्ष में सफ़लतापूर्वक भेज दिया है. पचास मीटर ऊँचे और दस टन का भार अंतरिक्ष में ले जाने में सक्षम इस रॉकेट को फ़्रैंच गाएना से छोड़ा गया. इस रॉकेट में जानकारी एकत्र करने के उपकरणों के साथ-साथ दो उपग्रह भी हैं. इसे यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के बड़ी उपलब्धी माना जा रहा है क्योंकि दो साल पहले एरियन रॉकेट उड़ान भरते ही नष्ट हो गया था. उस घटना से यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी को न सिर्फ 60 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ था बल्कि एजेंसी की एक अत्यंत ही महत्वपूर्ण परियोजना पर भी सवाल खड़ा हो गया था. उस समय ये एजेंसी एक धूमकेतु पर यान उतारने की परियोजना पर दस वर्षों से काम कर रही थी. नए एरियन-5 ईएससीए रॉकेट का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि वह उपग्रहों को अंतरिक्ष में छोड़ने के लिए पहले इस्तेमाल में लाए जाने रॉकेटों के मुकाबले में आधी कीमत में ही ये काम कर सकता है. इस काम में प्रमुख भूमिका निभाने वाली कंपनी एरियनस्पेस नाम की कंपनी के प्रमुख ज्यां-ईव्स ल गाल का कहना था, "हम सभी को इसी सफलता का इंतज़ार था और इससे पिछले एरियन रॉकेट के नष्ट हो जाने का धब्बा धुल गया है." |
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