जैक डोर्सी का पहला ट्वीट अब चर्चा में क्यों है और क्या होता है एनएफटी

इमेज स्रोत, Getty Images
ट्विटर के सहसंस्थापक जैक डोर्सी के पहले ट्वीट के एनएफटी (नॉन-फंजिबल टोकन) के ख़रीदार ने कहा है कि वो शायद अब इसे कभी न बेचें.
दरअसल, मलेशियाई कारोबारी सिना एस्तावी ने जब जैक डोर्सी के पहले ट्वीट का एनएफटी बेचना चाहा तो उन्हें इसके लिए काफी कम क़ीमत वाली बोलियों से रूबरू होना पड़ा.
सिना एस्तावी को इस एनएफटी के लिए महज 6,200 डॉलर की पेशकश की गई जबकि इसके लिए उन्होंने 2.9 मिलियन डॉलर की रकम चुकाई थी.
हालांकि एस्तावी अब इस डिजिटल असेट की तुलना लियोनार्डो डा विंसी की पेंटिंग मोनालीसा से कर रहे हैं.
जैक डोर्सी का ये ट्वीट था, "जस्ट सेटिंग अप माई ट्विटर." साल 2006 के मार्च में किए गए इस ट्वीट को जैक डोर्सी ने पिछले साल चैरिटी के लिए नीलाम कर दिया था.
एस्तावी ने साल 2021, मार्च में इस ट्वीट को बतौर एनएफ़टी ख़रीदा था.
जिन चीज़ों को लोग अमूमन अपने पास इकट्ठा करते हैं और वैसी चीज़ें जिनका एक असेट वैल्यू होता है, एनएफटी उसके डिजिटल वर्जन की तरह है.
हालांकि इसका अभी भी कोई बहुत ठोस रूप नहीं स्थापित हो सका है और बाज़ार विशेषज्ञ इसे लेकर बार-बार चेतावनी भी देते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि ये बाज़ार जोखिम भरा है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
डिजिटल वर्जन
बीते सप्ताह एस्तावी ने घोषणा की थी कि यह ट्वीट एनएफ़टी मार्केट-प्लेस ओपेनसी पर बिकने के लिए उपलब्ध है.
उन्होंने इस घोषणा के साथ यह भी वादा किया कि इस ट्वीट को बेचकर उन्हें जो भी रकम मिलेगी वह उसका आधा दान में दे देंगे.
उनके अनुमान के अनुसार यह रकम क़रीब 25 मिलियन या उससे अधिक हो सकती है. वे दान की रकम अमेरिका के चैरिटी गिवडायरेक्टली को देंगे.
ऐसे समय में जबकि बिटकॉइन मुद्रा का डिजिटल विकल्प बनने की ओर अग्रसर है, वहीं एनएफ़टी को डिजिटल वर्जन के रूप देखा जा रहा है.
और ख़ासतौर पर एक ऐसे उत्तर के रूप में जिसका लोग संग्रह कर रहे हैं. लेकिन कई जानकारों का कहना है कि यह एक बुलबुला है, जो कभी भी फूट सकता है.

इमेज स्रोत, Sopa
क्या है एनएफ़टी?
एनएफ़टी का शाब्दिक अर्थ है, नॉन फंजिबल टोकन. अर्थव्यवस्था के लिहाज़ से समझें तो फंजिबल असेट, ऐसी संपत्ति होती है जिसका लेन-देन किया जा सकता है, जैसे मुद्रा.
मुद्रा के लिहाज़ से बात करें तो मान लीजिए कि अगर आपके पास 20 रुपये का नोट है तो आप उसे दस-दस रुपये में बांट सकते हैं. इस लेन-देन में क़ीमत कम नहीं हो रही है.
इसके ठीक विपरीत होते हैं- नॉन फंजिबल असेट. इस संपत्ति या असेट की सबसे ख़ास बात यही होती है कि हर नॉन फंजिबल असेट अपने आप में अनोखा होता है.
यह लगभग असंभव सा है कि किसी एक नॉन फंजिबल असेट के गुण किसी दूसरे नॉन फंजिबल असेट से मेल खाएं. इनका अनूठापन ही इनकी विशेषता है.
ऐसे में एक और बात जो ख़ास है, कि इसका किसी भी चीज़ से लेन-देन नहीं किया जा सकता है.
यह कोई घर भी हो सकता है, कोई पेंटिंग हो सकती है जैसा कि मोनालिसा की पेंटिंग, ये कुछ इस तरह की चीज़ें हैं जो अपने आपमें एक ही हैं और अनूठी हैं.
हालांकि आप किसी पेंटिंग की फ़ोटो खींच सकते हैं या फिर उसका प्रिंट ख़रीद सकते हैं लेकिन बावजूद इसके ओरिजिन पेंटिंग तो हमेशा एक ही रहेगी.
डिजिटल दुनिया में एनएफ़टी एक तरह की संपत्ति है, जिसे किसी भी दूसरी संपत्ति की तरह ख़रीदा या बेचा जा सकता है, लेकिन इसका अपना कोई ठोस रूप नहीं है.
डिजिटल टोकन को वर्चुअल या फ़िज़िकल असेट के मालिकाना प्रमाणपत्र के रूप में माना जा सकता है.

इमेज स्रोत, BEEPLE / CHRISTIE'S
एनएफ़टी काम कैसे करता है?
परंपरागत कला के उदाहरण, जैसे पेंटिंग्स इत्यादि अपने आप में अनूठी होती हैं और वे इकलौती ही होती हैं.
लेकिन यह सच है कि उनकी हज़ारों-लाखों डुप्लीकेट कॉपियां बनाई जा सकती हैं और जब चाहे तब बनाई जा सकती हैं.
एनएफ़टी की मदद से उस मौलिक आर्टवर्क को टोकनाइज़्ड करके डिजिटल सर्टिफ़िकेट बनाया जा सकता है और इस मालिकाना प्रमाण पत्र को ख़रीदा और बेचा जा सकता है.
जैसा कि क्रिप्टो करेंसी के रिकॉर्ड के लिए ब्लॉकचेन. ब्लॉकचेन तकनीक इस देनदारी को संभव बनाती है.
यह एक डिजिटल खाता है जिसमें लेनदेन और सूचनाओं का स्थायी रिकॉर्ड होता है, जिनको सत्यापित किया जा सकता है.
ब्लॉकचेन मुख्य रूप से बिटक्वाइन और इथेरियम जैसी क्रिप्टो करेंसी में इस्तेमाल किया जाता है.
इसका प्रयोग दो पक्षों के बीच अन्य समझौतों की गारंटी देने वाले "स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट" बनाने में भी हो सकता है.
एनएफ़टी के रिकॉर्ड को जाली नहीं बनाया जा सकता है क्योंकि दुनिया भर के हज़ारों कंप्यूटर इस खाते का रखरखाव करते हैं.
आख़िर एनएफ़टी कितना क़ीमती
सैद्धांतिक तौर पर कोई भी अपने मूल काम को एनएफ़टी के तौर पर बेचने के लिए टोकनाइज़्ड करा सकता है.
हाल में हुई कई मिलियन डॉलर की डील के कारण लोगों में इसे लेकर जिज्ञासा भी बढ़ी है.
हाल ही में 19 फ़रवरी को एनिमेटेडे जिफ़ Nyan Cat क़रीब पांच मिलियन डॉलर में बिका.
इसके कुछ सप्ताह बाद ही, संगीतकार ग्राइम्स ने अपने कुछ डिजिटल आर्ट वर्क 6 मिलियन डॉलर में बिके.
लेकिन ऐसा नहीं सिर्फ़ आर्ट वर्क को ही टोकनाइज़्ड करके ख़रीदा या बेचा जा सकता है.
ट्विटर के सह-संस्थापक जैक डोर्सी का ने अपने पहले ट्वीट को नीलाम किया था और इससे एनएफ़टी को काफी बढ़ावा मिला था.
डिजिटल आर्ट को कॉपी करना कितना आसान, कितना मुश्किल
कुछ भी नहीं. लाखों लोगों ने बीपल का आर्ट देखा है जो 69 मिलियन डॉलर में बिका, उनके आर्ट को अनगिनत बार कॉपी किया गया और शेयर किया गया है.
कई मामलों में, आर्टिस्ट अपने कॉपीराइट को बनाए रखता है. ताकि सिर्फ़ वही उसकी कॉपी बना सके और आगे बी बेचता रहे.
लेकिन एनएफ़टी के ख़रीदार के पास एक "टोकन" होता है जो यह साबित करता है कि मौलिक आर्ट का मालिकाना उसी के पास है.
क्या ये सिर्फ़ एक बुलबुला है?
बीपल ने बीबीसी से कहा कि मुझे लगता है कि यह एक हौव्वा ही होगा.
बीपल की ही तरह कई और लोगों के मन में भी इस तरह के संदेह हैं.
अटैक ऑफ द 50-फुट ब्लॉकचेन के लेखक डेविड गेरार्ड ने कहा कि वह एनएफ़टी को ऑफ़िशियल कलेक्टेबल्स के तौर पर देखते हैं.
वह कहते हैं कि एनएफ़टी बेचने वाले लोग वास्तव में "क्रिप्टो-ग्रिफ्टर्स" हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)





















