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पाकिस्तान में आज प्रधानमंत्री का चुनाव | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तानी संसद आम चुनावों के एक महीने से भी ज़्यादा समय के बाद सोमवार को देश का अगला प्रधानमंत्री चुनने जा रही है. चुनाव में किसी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण बेनज़ीर भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी और नवाज़ शरीफ़ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) ने कुछ अन्य छोटे दलों के साथ मिलकर गठबंधन सरकार बनाने का फ़ैसला किया है. गठबंधन का सबसे बड़ा दल होने के नाते प्रधानमंत्री का पद पीपीपी को मिला है और उसने इस पद के लिए यूसुफ़ रज़ा गीलानी को मैदान में उतारा है. उनके ख़िलाफ़ राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के समर्थक चौधरी परवेज़ इलाही ने भी पर्चा भरा है लेकिन नेशनल असेंबली में सांसदों के अंकगणित के लिहाज़ से गीलानी का जीतना तय माना जा रहा है. इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता बारबरा प्लेट का कहना है कि यदि गीलानी प्रधानमंत्री चुन लिए जाते हैं तो उनके सामने इस्लामी चरमपंथियों और गंभीर आर्थिक दिक्कतों से निबटने के अलावा एक बड़े गठबंधन को एकजुट रखने की भी चुनौती होगी. बारह साल बाद... बेनज़ीर भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी को क़रीब 12 साल बाद सरकार में आने का मौक़ा मिला है. पीपीपी एक ऐसे गठबंधन सरकार की अगुवाई करेगी जिसके पास नेशनल असेंबली में स्पष्ट बहुमत है. प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार चुनने में पीपीपी ने काफ़ी समय लगाया और तमाम नामों पर विचार के बाद यूसुफ़ रज़ा गीलानी के नाम की घोषणा की गई.
गीलानी पीपीपी के वफ़ादार और पार्टी के सह अध्यक्ष आसिफ़ अली ज़रदारी के क़रीबी माने जाते हैं. मुशर्रफ़ के शासनकाल के दौरान उन पर काफ़ी दबाव पड़ा कि वे पीपीपी से अलग हुए धड़े के साथ जुड़ जाएँ. लेकिन गीलानी ने मुशर्रफ़ से समझौता करने से इनकार कर दिया. इस कारण पार्टी के अंदर उनकी निष्ठा की काफ़ी सराहना होती रही है. ग़ैर क़ानूनी सरकारी नियुक्तियों के मामले में उन्हें पाँच साल की सज़ा सुनाई गई थी और उन्हें वर्ष 2001 में जेल भी भेजा गया था. गीलानी पर आरोप था कि संसद का स्पीकर रहते उन्होंने वर्ष 1993-96 के दौरान सरकारी नियुक्तियों में धाँधली की. मुशर्रफ़ ने एक भ्रष्टाचार निरोधक अदालत का गठन कराया था और गीलानी को इसी अदालत ने दोषी ठहराया था. मुशर्रफ़ के विरोधियों का कहना है कि उन्होंने ऐसे तरीक़े अपनाकर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सदस्यों को डराने और तोड़ने की कोशिश की. |
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