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सरबजीत मामले में केंद्र सरकार की अपील | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत ने पाकिस्तान से अपील की है कि वह पाकिस्तान में क़ैद भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह के मामले में मानवीय रुख़ अपनाए. समाचार एजेंसियों के अनुसार भारत के विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने लोकसभा में बयान देते हुए कहा, "ऐसी रिपोर्टें हैं कि एक अप्रैल को सरबजीत को फाँसी दी जानी है. इस्लामाबाद में हमारे उच्चायोग ने पाकिस्तान की सरकार से इस बारे में विस्तृत जानकारी माँगी है." उनका कहना था, "पाकिस्तान में क़ैदियों की स्थिति बेहतर करने के लिए वहाँ सरकार ने कुछ कदम उठाए हैं और उसी संदर्भ में हम पाकिस्तान की सरकार के अपील करते हैं कि सरबजीत सिंह के मामले में मानवीय रुख़ अपनाया जाए." भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह को पाकिस्तान में गिरफ़्तार किया गया था और उन पर वहाँ वर्ष 1990 में हुए बम धमाके करने का आरोप लगा था. पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें मौत की सज़ा सुनाई गई थी और उन्हें एक अप्रैल को फाँसी दी जाने की घोषणा की गई है. बचाने की कोशिशें तेज़ उधर जैसे-जैसे सरबजीत सिंह की फांसी की तारीख़ नज़दीक आती जा रही है उसे बचाने की कोशिशें तेज़ होती जा रही हैं. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस मामले में हर संभव कोशिश करने का आश्वासन दे चुके हैं. सोमवार को शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से इस बारे में मुलाक़ात की थी. सुखबीर सिंह ने प्रधानमंत्री के समक्ष मांग रखी थी कि वो निजी तौर पर इस मामले में दखल दें और सीधे पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से बात करें. शिरोमणी अकाली दल के प्रमुख ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया था कि वे राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से कहें कि सरबजीत सिंह के साथ उसी तरह का बर्ताव हो जैसे हाल में भारतीय क़ैदी कश्मीर सिंह के साथ हुआ था. कश्मीर सिंह की 35 साल के बाद पाकिस्तान की जेल रिहाई हुई थी और फिर वे भारत लौट आए थे. परिवार हुआ सक्रिय सरबजीत को पाकिस्तान में मनजीत सिंह के नाम से जाना जाता है. फांसी की तारीख़ तय हो जाने के बाद अमृतसर में सरबजीत का परिवार ग़म में डूब गया. लेकिन उनके परिजनों को उम्मीद है कि भारत सरकार सरबजीत को छुड़ाने की कोशिश करेगी. सोमवार को सरबजीत की बहन दलबीर सिंह दिल्ली में थीं. हाल ही में दलबीर कौर ने कांग्रेस महासचिव और सांसद राहुल गाँधी से मुलाक़ात की थी. राहुल गांधी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वो इस मामले में उनकी मदद करने के भरसक प्रयास करेंगे. दलबीर ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अलावा यूपीए अध्यक्ष सोनिया गाँधी से भी इस मामले पर भेंट करने की कोशिश की थी. उन्होंने गृह मंत्री शिवराज पाटिल से भी मिलने का समय माँगा है. एक साल पहले भी दलबीर ने अपने आवाज़ सरकार तक पहुँचाने के लिए कई कोशिशें की थीं. दलबीर ने उस वक्त धमकी दी थी कि अगर भारत सरकार उनके भाई को रिहा कराने की कोशिश नहीं करती है तो वो ख़ुदकुशी कर लेंगी. सरबजीत की पत्नी सुखप्रीत कौर का कहना है, "मेरे पति को जल्द से जल्द रिहा किया जाना चाहिए जैसे कश्मीर सिंह को रिहा किया गया है." कश्मीर सिंह की रिहाई में जद्दोजहद करने वाले पाकिस्तान के मानवाधिकार मंत्री अनसार बर्नी ने हाल ही में कहा था कि वो सरबजीत के मामले को भी उठाने की हर कोशिश करेंगे. |
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