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'लोकतंत्र का नया युग शुरू हो रहा है' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि वे नई गठबंधन सरकार को पूरा समर्थन देंगे. यह सरकार उनके विपक्षी दल मिलकर बनाने जा रहे हैं. पाकिस्तान का राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर एक सैन्य परेड की सलामी लेने के बाद राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा कि लोकतंत्र के एक नए युग की शुरुआत हो रही है. परवेज़ मुशर्रफ़ का यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी गठबंधन ने युसूफ़ रज़ा गिलानी को प्रधानमंत्री के रुप में मनोनीत किया है. गिलानी पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की नेता बेनज़ीर भुट्टो के क़रीबी रहे हैं. संभावना है कि पाकिस्तान की नेशनल असेंबसी के सोमवार को आयोजित विशेष सत्र में उनके नाम की पुष्टि की जाएगी. उल्लेखनीय है कि पीपीपी और दूसरे पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ की पार्टी मुस्लिम लीग (नवाज़) मिलकर गठबंधन सरकार बनाने जा रहे हैं. दूसरी ओर विशेषज्ञों का मानना है कि 1999 में सैन्य विद्रोह करके सत्तापलट करने वाले, अमरीका के क़रीबी परवेज़ मुशर्रफ़ न सिर्फ़ पिछला चुनाव हार गए हैं बल्कि लगातार अलग-थलग पड़ते जा रहे हैं. नया युग परवेज़ मुशर्रफ़ ने अपने भाषण से जताया कि अपने देश को विकास के मार्ग पर ले जाते हुए उन्हें गर्व हो रहा है. उन्होंने कहा, "भाइयों और बहनों आप देख रहे हैं कि पाकिस्तान में एक नया युग शुरु हो गया है." राष्ट्रपति ने कहा, "हमें गर्व है कि पिछले आठ साल में हमने न सिर्फ़ एक वास्तविक लोकतंत्र की बुनियाद रखी बल्कि हमने पाकिस्तान को विकास और समृद्धि के रास्ते पर ला दिया है." मुशर्रफ़ ने कहा, "जो भी सरकार बनेगी, उसे मेरा पूरा समर्थन रहेगा." इस्लामाबाद में बीबीसी के संवाददाता शोएब हसन का कहना है कि परवेज़ मुशर्रफ़ की यह टिप्पणी अपने विरोधियों की ओर हाथ बढ़ाने जैसा है क्योंकि भविष्य की चाबी तो आने वाली सरकार के हाथों में होगी. परवेज़ मुशर्रफ़ जब अपने कार्यकाल के शिखर पर थे तो देश के कई बड़े नेताओं को या तो निर्वासित होना पड़ा था या फिर उन्हें जेल जाना पड़ा था. नए मनोनीत प्रधानमंत्री गिलानी ख़ुद भ्रष्टाचार के आरोप में पाँच साल जेल में रहे हैं, हालांकि इन आरोपों को बाद में ख़ारिज कर दिया गया था. लेकिन अब यह तय दिख रहा है कि गिलानी सोमवार को बहुमत से संसद में प्रधानमंत्री चुन लिए जाएंगे और फिर राष्ट्रपति मुशर्रफ़ उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएँगे. दूसरी ओर नई सरकार ने वादा किया है सुप्रीम कोर्ट के उन जजों को बहाल करेगी जिसे परवेज़ मुशर्रफ़ ने बर्खास्त कर दिया था. संवाददाताओं का कहना है कि यदि जज बहाल हो गए तो वे अक्तूबर में हुए उस चुनाव को अवैध ठहरा सकते हैं जिसके ज़रिए परवेज़ मुशर्रफ़ फिर से राष्ट्रपति बने थे. |
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