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नन्हे मैराथन धावक के कोच की पेशी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उड़ीसा में साढ़े तीन साल के मैराथन धावक बुधिया सिंह के कोच बिरंची दास बुधवार को बाल कल्याण अधिकारियों के सामने पेश हुए. उन पर बच्चे के शोषण का आरोप लगाया गया है. पिछले महीने ही बुधिया सिंह के कोच बिरंची दास के ख़िलाफ़ सम्मन जारी हुआ था. जिसका जवाब देने के लिए वे अधिकारियों के सामने पेश हुए. बिरंची दास का कहना है कि बाल कल्याण समिति को इस मामले में कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार उन्हें उनके शिष्य से अलग करना चाहती है. साढ़े तीन साल का बुधिया 60 किलोमीटर तक दौड़ सकता है. मीडिया में प्रचार-प्रसार के बाद वह विज्ञापनों में भी आने लगा है. बुधिया के कोच बिरंची दास उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर में इस मामले की सुनवाई के दौरान पेश हुए. उनके साथ बुधिया और उनके कई समर्थक भी थे, जो राज्य सरकार के ख़िलाफ़ नारे लगा रहे थे. अधिकार क्षेत्र बिरंची दास के वकील सितांशू मोहन द्विवेद्वी ने बीबीसी को बताया कि बिरंची दास ने उन्हें जाँच के लिए बुलाने के मामले में बाल कल्याण समिति के अधिकार पर सवाल उठाए.
उन्होंने कहा कि बुधिया की स्थिति पर समिति के सामने कोई औपचारिक शिकायत नहीं दर्ज की गई थी और समिति शिकायत दर्ज होने के बाद ही कोई जाँच कर सकती है. सितांशू मोहन द्विवेद्वी ने कहा कि बिरंची दास ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों से इनकार किया है. उन्होंने बताया कि बाल कल्याण समिति अगले कुछ दिनों में अपना फ़ैसला सुना सकती है. बिरंची दास का कहना है कि अगर बाल कल्याण समिति का फ़ैसला उनके ख़िलाफ़ भी गया तो राज्य सरकार उनके ख़िलाफ़ कोई क़दम नहीं उठा सकती. लेकिन राज्य की महिला और बाल कल्याण मंत्री प्रमिला मल्लिक ने बीबीसी को बताया कि समिति बिरंची दास को बुधिया के कोच की हैसियत से हटा सकती है और उसे उपयुक्त स्थान पर भेज सकती है जहाँ उसके शारीरिक और मानसिक स्थिति का ख़्याल रखा जा सके. क़ानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अगर शोषण साबित हो जाता है तो बाल कल्याण समिति किसी भी बच्च को उसके माता-पिता से भी अलग कर सकती है. बुधिया सिंह के वकील बिरंची दास का कहना है कि प्रमिला मल्लिक उन्हें प्रताड़ित कर रही हैं क्योंकि उन्होंने उनके और उनके शिष्य के ख़िलाफ़ कथित टिप्पणी के लिए मानहानि का मुक़दमा दायर किया है. इस मामले में प्रमिला मल्लिक को 12 जनवरी को एक स्थानीय अदालत में पेश होना है. बिरंची दास का कहना है कि बुधिया सिंह की ग़रीब माँ ने उसे महज 800 रुपए में एक व्यक्ति को बेच दिया था और बाद में उन्होंने उस व्यक्ति को बुलाकर उनके पैसे लौटा दिए. |
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