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'एड्स से हर मिनट एक बच्चे की मौत' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूनिसेफ़ का कहना है कि दुनिया भर में हर मिनट एड्स से एक बच्चे की मौत होती है और हर मिनट एक बच्चा एचआईवी से संक्रमित होता है. संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनिसेफ़ का कहना है कि अफ्रीकी देशों में वर्ष 2010 तक एड्स की वजह से एक करोड़ अस्सी लाख बच्चे अनाथ हो सकते हैं. यूनिसेफ़ ने एड्स की वजह से अनाथ हुए बच्चों के लिए एक अभियान की शुरूआत में यह चेतावनी जारी की है. 'यूनाइट फॉर चिल्ड्रन, यूनाइट अगेंस्ट एड्स' नाम के इस कार्यक्रम के केंद्र में अफ्रीकी देश हैं लेकिन इसे मध्य एशिया और यूरोपीय देशो में भी चलाया जाएगा. यूनिसेफ़ का कहना है कि अनाथ हुए लाखों बच्चों के पास कोई आर्थिक साधन नहीं है और इनमें से कई बच्चे ख़ुद भी संक्रमण के शिकार होते हैं लेकिन उनमें से सिर्फ़ पाँच प्रतिशत को ही उपचार मिल पाता है. मंगलवार को न्यूयॉर्क में इस अभियान की शुरूआत की जा रही है जिसमें यूनिसेफ़ के शीर्ष अधिकारियों के अलावा रॉजर मूर और जेमाइमा ख़ान जैसी हस्तियाँ भी शामिल होंगी. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गर्भ में पलने वाले बच्चे को एचआईवी संक्रमण से बचाना और बच्चों को उपचार उपलब्ध कराना है. यूनिसेफ़ के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि यह संक्रमण जितना सोचा जा रहा है उससे कहीं अधिक तेज़ी से फैल रहा है. इस अभियान के तहत बच्चों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी ताकि उनकी पढ़ाई और इलाज का ख़र्च उठाया जा सके. | इससे जुड़ी ख़बरें चीन में एड्स कार्यकर्ता परेशान: रिपोर्ट15 जून, 2005 | पहला पन्ना एड्स के प्रसार पर संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी02 जून, 2005 | पहला पन्ना एचआईवी पीड़ितों की संख्या पर चिंता02 जून, 2005 | विज्ञान एड्स: डेढ़ लाख डॉक्टरों को प्रशिक्षण26 मई, 2005 | भारत और पड़ोस एड्स के टीके का सफल परीक्षण20 अप्रैल, 2005 | विज्ञान भारत में एड्स 'नियंत्रण से बाहर'19 अप्रैल, 2005 | विज्ञान इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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