|
एड्स के प्रसार पर संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि हर महाद्वीप में एड्स रोग अत्यंत तेज़ी से बढ़ रहा है और इसे रोकने के उपाय बहुत अधिक कारगर साबित नहीं हो रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने एड्स और एचआईवी संबंधी एक उच्च स्तरीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले साल एक बार फिर एड्स और एचआईवी से मरने वालों की संख्या बढ़ गई है. अन्नान ने कहा " हमारी पीढ़ी के लिए एड्स के ख़िलाफ़ लड़ाई एक चुनौती बन गई है. अगर हम इस चुनौती का सामना कर सके तभी एक स्वस्थ, मानवीय और समान विश्व की स्थापना हो सकेगी. " इस साल एड्स और एचआईवी की रोकथाम के लिए आठ अरब डॉलर खर्च हो रहे हैं लेकिन अन्नान का कहना है कि इस पैसे को दुगुना करने की ज़रुरत है. संयुक्त राष्ट्र के एचआईवी एड्स मामलों के वरिष्ठ अधिकारी पीटर पियट ने बीबीसी से कहा कि एड्स की रोकथाम के लिए जो प्रयास किए गए वो बेहतर रहे लेकिन इतना पर्याप्त नहीं है. उन्होंने कहा कि रोकथाम के लिए किए गए प्रयासों का प्रभाव अफ्रीका में देखने को मिल रहा है लेकिन एशिया और पूर्वी यूरोप में एड्स रोगियों की बढ़ती संख्या गंभीर चिंता का विषय है. ऐसी उम्मीद की जा रही है कि इस सम्मेलन में शामिल हुए 120 से भी अधिक देशों के स्वास्थ्य मंत्रि और कूटनीतिज्ञ इस मामले में अपने सुझाव देंगे जिस पर सितंबर माह में विचार किया जाएगा. दुनिया भर में 60 लाख से अधिक लोग एड्स से ग्रसित हैं. वैश्विक समस्या अन्नान ने ब्राजील की तारीफ की जहां एड्स की रोकथाम के लिए चलाए गए कार्यक्रम सबसे अधिक सफल रहे हैं. उन्होंने बताया कि थाईलैंड और कंबोडिया में रोकथाम के उपाय किए गए हैं और इनमें प्रगति देखी जा रही है लेकिन कई देश अभी भी ऐसे हैं जहां कुछ भी नहीं हो रहा है. पीटर पियट का कहना था " हम अभी भी एड्स महामारी के भूमंडलीकरण के दौर से गुजर रहे हैं. पूर्वी यूरोप, मध्य अमरीका, एशिया और शायद कल मध्य पूर्व मे भी यह बीमारी फैल जाएगी." उन्होंने विश्व भर के नेताओं से अपील की कि एड्स को सुरक्षा मामलों जैसा महत्व दिया जाए. इस सम्मेलन के दौरान एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई जिसमें कोफी अन्नान ने चेतावनी दी है कि युवा लोगों में 2005 तक एड्स का प्रसार 25 प्रतिशत कम करने का लक्ष्य पूरा नहीं हो सकेगा. रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल तक सिर्फ 12 प्रतिशत एड्स रोगियों को ही चिकित्सा उपलब्ध थी जबकि दुनिया भर में पांच में से एक व्यक्ति के पास ही इसकी रोकथाम संबंधी जानकारी या उपाय हैं. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||