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गुरुवार, 02 जून, 2005 को 10:26 GMT तक के समाचार
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एचआईवी पीड़ितों की संख्या पर चिंता
एड्स
भारत में एचआईवी/एड्स की संख्या को लेकर बहस चल रही है
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि भारत में एचआईवी से संक्रमित लोगों की संख्या के मुद्दे पर बहस से असली विषय से ध्यान हट रहा है.

संयुक्त राष्ट्र की एशिया प्रशांत के लिए एचआईवी/एड्स मामलों की विशेष दूत डॉक्टर नफ़ीस सादिक़ ने भारत में संख्या को लेकर उठे विवाद की आलोचना की है.

संयुक्त राष्ट्र में गुरुवार को एचआईवी/एड्स के संबंध में चर्चा होनी है.

अप्रैल में दुनिया भर में एचआईवी एड्स की रोकथाम के लिए काम कर रहे संगठन ग्लोबल फ़ंड टू फ़ाइट एड्स ने कहा था कि भारत में यह महामारी "नियंत्रण से बाहर" हो चुकी है.

फ़ीशेम ने चेतावनी दी थी कि एड्स के फैलाव के बारे में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को भी पीछे छोड़ दिया है.

ग़ौरतलब है कि दक्षिण अफ्रीका में एचआईवी/एड्स के मरीज़ों की संख्या दुनिया में सबसे ज़्यादा है.

लेकिन भारत का एड्स नियंत्रण संगठन (नैको) इसका खंडन करता है.

डॉक्टर सादिक़ ने बीबीसी से बातचीत में कहा, '' किसी भी देश में एचआईवी-एड्स के संक्रमित लोगों की संख्या की सही जानकारी नहीं है. इसकी वजह यह है कि लोग परीक्षण के लिए आगे नहीं आते हैं अथवा उन्हें इसकी जानकारी नहीं होती या फिर वे घबराते हैं."

संयुक्त राष्ट्र की एचआईवी/एड्स संबंधी बैठक में 124 देशों के स्वास्थ्य मंत्री और अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं. इसमें भारत के स्वास्थ्य मंत्री अंबुमणि रामदॉस भी शामिल हैं.

आँकड़ों पर बहस

रिचर्ड फ़ीशेम ने कहा था, "सरकारी आँकड़े दिखाते हैं कि एचआईवी- एड्स के फैलाव के मामले में भारत दक्षिण अफ्रीका के बाद दूसरे स्थान पर आता है. लेकिन सरकारी आँकड़े ग़लत हैं. भारत पहले स्थान पर है."

 किसी भी देश में एचआईवी-एड्स के संक्रमित लोगों की संख्या की सही जानकारी नहीं है. इसकी वजह यह है कि लोग परीक्षण के लिए आगे नहीं आते हैं
डॉक्टर नफ़ीस सादिक, संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत

लेकिन भारतीय एड्स नियंत्रण संगठन (नैको) के महानिदेशक डॉक्टर एस वाई कुरैशी ने कहा था कि दक्षिण अफ्रीका और भारत के बीच इस संख्या के मामले में तुलना करना सही नहीं है.

संयुक्त राष्ट्र संस्था यूएनएड्स ने जुलाई, 2004 में जो आँकड़े जारी किए थे उनके अनुसार दक्षिण अफ्रीका में एचआईवी से संक्रमित लोगों और एड्स के मरीज़ों की संख्या दुनिया में सबसे ज़्यादा है.

उन आँकड़ों में बताया गया था दक्षिण अफ्रीका में क़रीब 53 लाख वयस्क इसके मरीज़ हैं और संक्रमित बच्चों की संख्या 45 लाख से बासठ लाख के बीच है.

भारत में एचआईवी/ एड्स से संक्रमित लोगों की संख्या क़रीब 51 लाख बताई गई थी.

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