| यान एग्लैन नैटो से अपील करेंगे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र के आपदा राहत कार्यों के प्रभारी अधिकारी यान एग्लैंन पाकिस्तान और भारत में भूकंप की तबाही में राहत और पुनर्वास कार्यों में मदद के लिए उत्तर अटलांटिक संधि संगठन नैटो से हेलीकॉप्टर भेजने का अनुरोध करेंगे. यान एग्लैंन नैटो से यह अनुरोध करने के लिए शुक्रवार को ब्रसेल्स जाएंगे. उन्होंने नैटो के सदस्य 26 देशों से यह भी अनुरोध किया है कि वे भूकंप से प्रभावित लोगों को किसी सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने के लिए बर्लिन एयर लिफ़्ट की तरह से ही काम करें. उन्होंने कहा है कि चूँकि सर्दी बढ़ रही है इसलिए भूकंप के बाद जो लोग बचे हैं उन्हें खुले में रहना पड़ा रहा जिससे उनकी जान को ख़तरा पैदा हो गया है. नैटो ने गुरूवार को 900 टन राहत सामग्री पाकिस्तान पहुँचाई थी लेकिन एगलैंड ने कहा कि प्रभावित इलाक़ों में बड़ी संख्या में लोगों को हेलीकॉप्टरों से उठाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की सख़्त ज़रूरत है. अमरीका ने कहा है कि उसने जो बीस हेलीकॉप्टर भेजने का वादा किया है वे अगले सप्ताह से पहुँचना शुरू हो जाएंगे. यान एग्लैंन की अपील से पहले संयुक्त राष्ट्र ने यह स्वीकार किया था कि पाकिस्तान में भूकंप से हुई तबाही बहुत भयावह है. उन्होंने कहा, "मैंने नैटो से अनुरोध किया है और अपनी अपील फिर दोहराउंगा."
"मैं नहीं समझ पा रहा हूँ कि हिमालय के दुर्गम इलाक़ों से लाखों लोगों को किस तरह बाहर निकाला जाए लेकिन दुनिया में सबसे प्रभावशाली सैनिक गठबंधन ऐसा करने में कामयाब हो सकता है." उधर नैटो के महसचिव याप डी हूप शैफ़र ने कहा है, "आपको आश्वस्त रहना चाहिए कि नैटो स्थिति की गंभीरता को भली-भाँति समझता है और नैटो स्थिति के अनुसार ही क़दम उठाएगा." लेकिन नैटो की कमान संभालने वाले अमरीकी कमांडर वाइस एडमिरल जॉन स्टफ़लबीम ने कहा है कि इस अभियान के लिए जिन हेलीकॉप्टरों की ज़रूरत है वैसे हेलीकॉप्टर कम ही संख्या में उपलब्ध हैं. संयुक्त राष्ट्र भूकंप पीड़ितों को समुचित सहायता नहीं मिलने की वजह से हालात बेहद ख़राब हो गए हैं और ये दिसंबर 2004 में आए सूनामी तूफ़ान से भी बदतर हो गए हैं. मृतक संख्या पाकिस्तान का कहना है कि इस भूकंप में पचास हज़ार से भी ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है. पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ है और वहाँ के अधिकारी मृतकों की संख्या कहीं ज़्यादा बताते हैं. भारत प्रशासित कश्मीर में भी 1400 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है. अनुमान लगाया गया है कि तीन करोड़ लोग बेघर हो गए हैं और उन्हें सर्दी के मौसम में रहने के लिए पुनर्वास की सख़्त ज़रूरत है. |
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