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सीमा खोलने पर सहमति | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के इस प्रस्ताव का सिद्धांत रूप में स्वागत किया है कि कश्मीर के भूकंप पीड़ित लोगों के लिए नियंत्रण रेखा खोल देनी चाहिए. भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ का जो बयान मीडिया के माध्यम से उन तक पहुंचा है, अगर वह सही है तो भारत इसका स्वागत करता है, उनका कहना है कि आधिकारिक तौर पर उन्हें इसकी सूचना नहीं मिली है. बयान में कहा गया है कि भारत नियंत्रण रेखा के दोनों ओर लोगों की आवाजाही को बढ़ाने का पक्षधर रहा है ताकि पाकिस्तान को राहत कार्य में मदद मिल सके और लोगों के मिलने जुलने में आसानी हो. भारतीय विदेश मंत्रालय का कहना है कि पाकिस्तान की ओर से इस प्रस्ताव के बारे में और अधिक व्यावहारिक जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है, उसके बाद ही इस दिशा में आगे क़दम उठाए जा सकते हैं. इससे पहले, पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने एक चौंकाने वाली घोषणा करते हुए कहा था कि वे कश्मीर के भूकंप पीड़ितों के लिए नियंत्रण रेखा खोलने को तैयार हैं. उन्होंने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर की राजधानी मुज़फ़्फराबाद में कहा है कि भूकंप पीड़ित लोगों की मदद करने के लिए नियंत्रण रेखा की दूसरी तरफ़ से लोग आ-जा सकते हैं. साथ ही, उन्होंने कहा कि भूकंप पीड़ित लोग नियंत्रण रेखा पार करके अपने रिश्तेदारों से मिल सकते हैं. पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने कहा, "जितने भी लोग नियंत्रण रेखा पार करके अपने रिश्तेदारों से मिलना चाहें और पुनर्निर्माण में मदद करना चाहें हम उन्हें इसकी अनुमति देंगे." उन्होंने भारत से आग्रह किया कि वह भी उनके इस प्रस्ताव को स्वीकार कर ले. कई प्रस्ताव इससे पहले भारत ने कहा था कि अगर पाकिस्तान चाहे तो भारत नियंत्रण रेखा के पार से पाकिस्तान के भूकंप प्रभावित इलाक़ों में राहत पहुँचा सकता है लेकिन पाकिस्तान ने भारत के इस प्रस्ताव को नामंज़ूर कर दिया था.
इसके अलावा, सोमवार को भारत के हेलिकॉप्टरों के मामले पर भी पाकिस्तान ने कहा था कि वह भारतीय पायलटों को नियंत्रण रेखा पार करने की अनुमति नहीं देगा. इसके फ़ौरन बाद भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था कि भारत बिना पायलट के अपने हेलिकॉप्टर देने को तैयार नहीं है. शनिवार को बीबीसी हिंदी सेवा के विशेष कार्यक्रम आपकी बात बीबीसी के साथ में पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के प्रधानमंत्री सरदार सिकंदर हयात ख़ान ने भी कहा था कि भूकंप पीड़ितों की सहायता के लिए दोनों देशों को नियंत्रण रेखा खोल देनी चाहिए. उन्होंने कहा था कि वे इस बारे में पाकिस्तान के राष्ट्रपति से बातचीत करेंगे. भारत पाकिस्तान के भूकंप पीड़ितों के लिए पहले ही राहत सामग्री की तीन किस्तें भेज चुका है, जिसके लिए पाकिस्तान ने भारत का आभार व्यक्त किया है. भारत सरकार ने घोषणा की है कि वह बुधवार से कश्मीर में विशेष टेलीफ़ोन केंद्र खोलने जा रही है ताकि भूकंप प्रभावित लोग नियंत्रण रेखा के उस पार अपने रिश्तेदारों से बातचीत कर सकें. |
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