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राहत कार्य में लगा हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में अधिकारियों ने कहा है कि सेना का एक हेलिकॉप्टर पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया है जिससे उसमें सवार सभी छह सैनिकों की मौत हो गई. ये हेलिकॉप्टर भूकंप प्रभावितों को मदद पुहँचाने के बाद वापस आ रहा था. दुर्घटना का कारण ख़राब मौसम बताया जा रहा है. ये दुर्घटना बाग़ इलाक़े के पास हुई. एमआई-17 नामक हेलिकॉप्टर पर सवार सभी छह सैनिकों की मौत हो गई. सेना ने कहा है कि विमान के साथ शनिवार रात को संपर्क टूट गया था जब वह बाग़ शहर के आसपास से गुज़र रहा था. पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता मेजर जनरल शौकत सुल्तान ने कहा कि हेलिकॉप्टर का मलबा छपरी गाँव के नज़दीक पाया गया है. ख़राब मौसम की वजह से राहत कार्यों में लगे हेलिकॉप्टर की उड़ानें फिलहाल रोक दी गई हैं क्योंकि बारिश हो रही है और बादल भी काफ़ी नीचे उड़ रहे हैं. सुल्तान ने कहा कि तमाम उड़ानें तभी शुरू की जाएंगी जब मौसम में कुछ सुधार हो जाएगा.
भूकंप पीड़ितों की सहायता में हेलिकॉप्टर अहम भूमिका अदा कर रहे हैं क्योंकि ज़्यादातर इलाक़ों में ज़मीनी रास्ते ख़राब हो गए हैं जिससे वाहनों के ज़रिए राहत सामग्री पहुँचना मुश्किल हो रहा है. इससे पहले पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के प्रधानमंत्री सिकंदर हयात ख़ान ने भारत के साथ नियंत्रण रेखा को खोले जाने की हिमायत की थी ताकि राहत कार्यों में आसानी सके. पाकिस्तानी अधिकारी कह चुके हैं कि आठ अक्तूबर को आए भूकंप में मारे गए लोगों की संख्या 38 हज़ार पर पहुँच गई है. विनाशकारी भूकंप में घायलों की संख्या 60 हज़ार से ऊपर बताई गई है. मौसम की मार संयुक्त राष्ट्र के राहत अभियानों के प्रबंधक रौबर्ट होल्डेन ने कहा है कि ख़राब मौसम ने हालात को और मुश्किल बना दिया है. उन्होंने कहा, "बहुत से लोग खुले में रह रहने के लिए विवश हैं. वहाँ राहत कार्य शुरू करना ही बहुत मुश्किल भरा काम है लेकिन अगर मौसम ऐसा रहा तो हालात और ख़राब होंगे." रौबर्ट होल्डेन ने कहा कि ख़राब मौसमसे और इमारतों के धँसने का ख़तरा पैदा हो गया है और लगातार हो रही बारिश की वजह से स्थिति बहुत कठिन हो रही है. पाकिस्तान के मौसम विभाग ने सोमवार को और बारिश होने का अनुमान जताया है और उसके बाद सर्दी बढ़ने की भी संभावना जताई है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||