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नो फ़्लाई ज़ोन में उड़ने की अनुमति | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत ने पाकिस्तान के हेलिकॉप्टरों को नियंत्रण रेखा पार करके नो फ़्लाई ज़ोन (उड़ान निषिद्ध क्षेत्र) में उड़ान भरने की अनुमति दे दी है. भूकंप पीड़ितों को राहत देने के लिए ये अनुमति दी गई है. नियंत्रण रेखा के निकट के भूकंप प्रभावित गाँवों में राहत पहुँचाने के लिए ये अनुमति दी गई है. इसके लिए स्वीकृति देते हुए भारत सरकार ने कहा है कि उड़ानों से पहले पाकिस्तान सरकार को लिखित में सूचना देनी होगी. उल्लेखनीय है कि नियंत्रण रेखा पर इस समय युद्ध विराम चल रहा है और रेखा के एक किलोमीटर के दायरे को नो फ़्लाई ज़ोन (उड़ान निषिद्ध क्षेत्र) माना जाता है. भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उड़ानों की ज़रूरतों का परीक्षण करने के बाद इसकी अनुमति दी जाएगी. विदेश मंत्रालय ने कहा है, "पाकिस्तान की ओर से 13 अक्तूबर को एक अनुरोध मिला था कि शांतिकाल में नो फ़्लाई ज़ोन में उड़ान भरने की अनुमति दी जाए." पिछले आठ अक्तूबर को आए भूकंप ने सीमा के दोनों ओर भारी तबाही मचाई थी और नियंत्रण रेखा के दोनों ओर के गाँव इससे बुरी तरह प्रभावित हुए थे. पाकिस्तान की ओर के गाँवों में भूकंप का असर ज़्यादा था और इसे देखते हुए भारत ने पाकिस्तान के सामने नियंत्रण रेखा के दोनों ओर सेनाओं के संयुक्त राहत कार्य का प्रस्ताव रखा था जिसे पाकिस्तान ने ठुकरा दिया था. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार इस बीच पाकिस्तान ने इन ख़बरों का खंडन किया है उसने भारत से नियंत्रण रेखा के पार सड़क मार्ग से भी प्रवेश करने की अनुमति माँगी है. |
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