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'भारतीय सैन्य मदद की बात ग़लत' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तानी की सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल शौकत सुल्तान ने इन ख़बरों को ग़लत बताया है कि भारतीय सैनिकों ने नियंत्रण रेखा पार करके पाकिस्तानी सैनिकों की मदद की. जनरल शौकत सुल्तान ने कहा, "यह बात बिल्कुल बेबुनियाद है." उन्होंने बीबीसी से एक विशेष बातचीत में कहा, "कोई भी नियंत्रण रेखा इस तरह पार नहीं करता है." लेकिन श्रीनगर में मौजूद बीबीसी संवाददाता संजीव श्रीवास्तव का कहना है कि भारतीय सैनिक अधिकारी कर्नल हेमंत जुनेजा ने पत्रकारों को यह जानकारी दी थी. कर्नल जुनेजा ने बताया था कि पाकिस्तानी सैनिकों ने अपने बंकर से मलबा हटाने के लिए भारतीय सैनिकों की मदद माँगी थी. बताया गया था कि कुछ भारतीय सैनिकों ने मदद के अनुरोध पर वहाँ जाकर बंकरों को ठीक करने में सहायता भी की थी. बीबीसी संवाददाता संजीव श्रीवास्तव का कहना है कि इस घटना की भारतीय सूत्रों ने पुष्टि की थी लेकिन यह कोई आधिकारिक निर्णय नहीं था बल्कि सैनिकों ने स्थानीय स्तर पर और मानवीय आधार पर सहायता की थी. उनका कहना है कि यह बहुत ही सीमित मानवीय सहायता थी जिसे भारत-पाकिस्तान के आपसी संबंधों से जोड़कर नहीं देखा जा सकता. भारतीय सैनिकों के नियंत्रण रेखा पार करने की ख़बर को इसलिए भी महत्व दिया जा रहा था क्योंकि भारत ने पहले आधिकारिक स्तर पर इस रास्ते से मदद देने की पेशकश की थी जिसे पाकिस्तान ने ठुकरा दिया था. इससे पहले पाकिस्तान में भूकंप पीड़ितों के लिए राहत सामग्री लेकर भारत का एक विमान बुधवार तड़के इस्लामाबाद के निकट रावलपिंडी पहुँचा. पाकिस्तान ने इस सहायता के लिए भारत का आभार व्यक्त किया है. |
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