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प्रधानमंत्री ने 500 करोड़ रुपए और दिए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मंगलवार को जम्मू कश्मीर के भूकंप प्रभावित इलाक़ों का दौरा किया. प्रधानमंत्री ने जम्मू कश्मीर के भूकंप प्रभावित इलाक़ों के लिए 500 करोड़ रुपए की अतिरिक्त सहायता की घोषणा की है. केंद्र सरकार इसके पहले जम्मू कश्मीर के लिए 142 करोड़ रुपए की सहायता की घोषणा कर चुकी है. प्रधानमंत्री ने उड़ी में कहा कि केंद्र और राज्य सरकार पीड़ित लोगों की पूरी मदद करेगी और कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी. उनका कहना था कि जो बच्चे यतीम हो गए है, उनकी पढ़ाई की पूरी व्यवस्था की जाएगी. प्रधानमंत्री ने उम्मीद जाहिर की कि हम सब मिलकर इस मुसीबत से उबर जाने में कामयाब होंगे. इसके पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और रक्षा मंत्री प्रणव मुखर्जी ने सोमवार को भूकंप प्रभावित इलाक़ों का दौरा किया था. मृतकों की बढ़ती संख्या जम्मू कश्मीर में भूकंप से अब तक 1300 लोग मारे जा चुके हैं. इसमें सेना और अर्धसैनिक बलों के जवान भी बड़ी संख्या में शामिल हैं. सबसे ज़्यादा तबाही तंगधार कस्बे में हुई है. तंगधार में 350 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं. तंगधार पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर से मात्र 15 किलोमीटर दूर है जबकि श्रीनगर से 175 किलोमीटर दूर स्थित है. गृह मंत्रालय का कहना है कि भूकंप के कारण बंद हुआ श्रीनगर-उड़ी और श्रीनगर-तंगधार मार्ग अब खुल गया है. सेना के मेडिकल और इंजीनियरिंग टीमें भूकंप प्रभावित इलाक़ों में काम कर रही हैं. सेना ने जम्मू कश्मीर के भूकंप प्रभावित इलाक़ों में बचाव और राहत कार्यों के लिए एक आपदा प्रबंधन केंद्र स्थापित किया है. वायुसेना ने इस काम के लिए कुल 11 हेलिकॉप्टर और विमान लगाए हैं जो जम्मू, श्रीनगर, चंडीगड़ और पठानकोट से उड़ान भर रहे हैं. |
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