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'मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ़्ती मोहम्मद सईद का कहना है कि भूकंप से राज्य में कम से कम 945 लोग मारे गए हैं. बीबीसी हिंदी से एक विशेष बातचीत में उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि मरने वालों की वास्तविक संख्या बढ़ सकती है क्योंकि बड़ी संख्या में लोग घायल हैं और अनेक लोग मलबे में दबे हो सकते हैं. जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ़्ती मोहम्मद सईद ने कहा कि केंद्र सरकार पूरी सहायता दे रही है. उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार आर्थिक सहायता दे रही है, हमारे पास संसाधनों की कमी नहीं है." जब उनसे पूछा गया कि तीन रातों से लोग खुले आसमान के नीचे पड़े हैं, राज्य प्रशासन से नाराज़ हैं, तो उन्होंने कहा, "प्रशासन की तो हर जगह नुक्ताचीनी होती है, जितना हमसे हो सकता है हम कर रहे हैं लेकिन आप भी जानते हैं कि एक ही दिन में सब कुछ नहीं हो सकता." तारीफ़ उन्होंने राहत और बचाव के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा,"हमारी सेना और राज्य के प्रशासन ने बहुत मुस्तैदी दिखाई है, बहुत जल्द हमने क़दम उठाए, इससे जल्द और नहीं हो सकता था."
जब उन्हें बताया गया कि लोग इतने नाराज़ हैं कि उन्होंने कुछ डॉक्टरों की पिटाई तक कर दी तो उन्होंने सफ़ाई में कहा, "अगर लोगों को तकलीफ़ होगी तो वे नाराज़ तो होंगे ही, वे फौरन अपनी तकलीफ़ का अंत चाहते हैं लेकिन दवा, डॉक्टर और सामग्री पहुंचाने में थोड़ा समय तो लगता ही है." दुर्गम इलाक़ों में राहत नहीं पहुँचने की शिकायत के बारे में उन्होंने कहा, "जहाँ हम सड़क से नहीं पहुँच पा रहे हैं वहाँ हेलिकॉप्टर से खाने के पैकेट बाँटे जा रहे हैं, हमारी तरफ़ से कोई कमी नहीं है." भूकंप प्रभावित इलाक़ों में रहने वाले विभाजित परिवारों का संपर्क टूट जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ी समस्या है. उन्होंने कहा, "यहां यह एक बड़ा सवाल है, लोगों में चिंता है, इसके बारे में मैंने प्रधानमंत्री से बात की है, आज भी जब वे आएँगे तो बात होगी." |
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