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पाकिस्तान में छह लोगों को बचाया गया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के बालाकोट इलाक़े में राहतकर्मी छह लोगों को बचाने में सफल रहे हैं. इसमें एक बच्चा, चार महिलाएँ और एक वृद्ध व्यक्ति शामिल है. राहत कर्मी भारी उपकरणों के सहारे मलबे में दबे लोगों को ढूँढने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन लोगों का कहना है कि उन्हें और मदद चाहिए. बीबीसी संवाददाता एंड्रयू नॉर्थ ने बताया है कि लोग अपने स्तर पर भी मलबे से लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं. मलबे के अंदर अभी भी लोग दबे हुए हैं. संवाददाता का कहना है कि दुर्गम इलाक़े के चलते राहत कार्य में बाधा आ रही है और शवों के चलते काफ़ी दुर्गंध भी फैल गई है. बालाकोट में स्कूली इमारतें ढहने से करीब 400 बच्चों की मौत हो गई थी. इस्लामाबाद से लगभग 90 किलोमीटर दूर स्थित बालाकोट के कुछ स्कूलों को भूकंप के दौरान भारी नुकसान पुहँचा है. शनिवार सुबह जब भूकंप आया तो ये बच्चे स्कूल में पढ़ाई कर रहे थे. पाकिस्तान में सूबा सरहद में स्थित मानसेरा नगर में लगभग चार सौ स्कूली बच्चियाँ वहाँ आए भूकंप में मारी गई थी. बीबीसी संवाददाता रहीमुल्ला यूसुफ़ज़ई के अनुसार गढ़ी हदीबुल्ला गाँव में लड़कियों के कम से कम तीन स्कूलों की इमारतें ध्वस्त हो गईं. वहाँ कम से कम 250 लड़कियाँ मारी गई हैं. गुलमैर गाँव में भी एक स्कूल की इमारत गिरी है और 50 बच्चियाँ मारी गई हैं. बखोट गाँव में भी एक स्कूल की इमारत गिरी है और लड़कियों सहित सौ लोग मारे गए हैं. |
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