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पाकिस्तान और भारत की प्रतिक्रिया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के प्रधानमंत्री सिकंदर हयात ख़ान ने कहा है कि भारतीय कश्मीर और पाकिस्तानी कश्मीर के बीच नियंत्रण रेखा 'खोल देनी चाहिए.' जब पाकिस्तान विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता तस्नीम अस्लम से इस बारे में पूछा गया तो उनका कहना था, "इस मुद्दे को मानवीय दृष्टिकोन से देखना चाहिए. इसे राजनीतिक मुद्दा बनाना दुर्भाग्यपूर्ण होगा." उनका कहना था, "यदि किसी ने वो इलाक़ा देखा हो तो वो समझेगा कि ये केवल बॉर्डर खोल देने की बात नहीं है. वह पहाड़ी इलाक़ा है. ये नहीं है कि कोई दरवाज़ा खोल दिया और लोग आ जा सकेंगे." उनका कहना था कि पाकिस्तान के सामने मुद्दा लोगों की जिंदगी बचाना और राहत पहुँचाना है. लेकिन भारतीय कश्मीर में तो लोग ख़ुद ऐसी ही स्थिति का सामना कर रहे हैं वे पाकिस्तानी कश्मीर में कैसे मदद कर सकते हैं? पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता तस्नीम अस्लम ने कहा कि पाकिस्तान पहले से कहता आया है कि नियंत्रण रेखा के दोनो तरफ़ के कश्मीरियों को आपस में मिलने देना चाहिए और पाकिस्तान की सरकार ने इस दिशा में कई कदम भी उठाए हैं. उनका कहना था कि उस क्षेत्र में एक बड़ा दर्दनाक हादसा हुआ है और अब वहाँ लोगों की बूरी हालत है. तस्नीम अस्लम का कहना था कि पाकिस्तान सरकार की ज़िम्मेदारी है कि वह कश्मीरियों की मदद करे और सरकार व पाकिस्तानी लोगों ने, जितना हो सकता है, उनकी मदद की है और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से भी मदद मिली है. 'भारत की खुली पेशकश' जब भारत के विदेश उपमंत्री राव इंदरजीत से पूछा गया तो उनका कहना था, "हमें मदद करने का पूरा अधिकार होना चाहिए और इस मामले में कोई पाबंदी नहीं होना चाहिए." उनका कहना था कि इस संकट की स्थिति में एक दूसरे के देश के अंदर जाकर सहायता करने का मौका मिलना चाहिए. जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत इस बारे में कोई ठोस कदम उठा रहा है तो उनका कहना था कि भारत ने राहत सामग्री के दो-तीन विमान भेजे हैं. उनका कहना था, "इस त्रासदी और इससे ग्रस्त क्षेत्र को सामाओं पर प्रतिबंध लगाकर क़ैद नहीं करना चाहिए. एक दूसरी की सीमाओं को लांघकर मानवता के आधार पर एक दूसरे की मदद करनी चाहिए. इसीलिए पाकिस्तान की सरकार को मदद की हमारी खुली पेशकश है." |
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